मध्यप्रदेश में पेंशन का बड़ा फैसला: अब अविवाहित-तलाकशुदा बेटियों के लिए खत्म हुई एज लिमिट

भोपाल
प्रदेश में 50 साल बाद पेंशन नियम बदलेंगे। आश्रित विधवा, परित्याक्ता, तलाकशुदा और अविवाहित पुत्रियां आजीवन परिवार पेंशन की पात्र होंगी। इसके लिए अधिकतम 25 वर्ष की आयु सीमा समाप्त होगी। आश्रितों के लिए आय सीमा भी बढ़ाई जाएगी। यह न्यूनतम पेंशन और महंगाई राहत मिलाकर होगी। आश्रित बड़ी संतान चाहे वह बेटा हो या बेटी, जो बड़ा होगा, वह परिवार पेंशन का पात्र होगा। साथ ही कई प्रक्रियात्मक परिवर्तन भी प्रस्तावित किए गए हैं।

राज्य में चार लाख से ज्यादा पेंशनधारक
प्रदेश में चार लाख से अधिक पेंशनधारक हैं। इनके लिए 1976 में पेंशन नियम बनाए गए थे। तब से भारत सरकार कई संशोधन कर चुकी है, जिन्हें प्रदेश के पेंशनरों के लिए लागू करने की मांग पेंशनर्स एसोसिएशन उठाती रही है। मुख्य सचिव अनुराग जैन जब अपर मुख्य सचिव वित्त थे, तब नियमों में परिवर्तन को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन प्रक्रिया लंबी खिंचती चली गई। अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी ने समिति बनाई और नियमों में संशोधन के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया।

सूत्रों के अनुसार पेंशन नियम में अब यह प्रविधान किया जा रहा है कि आश्रित के लिए आय सीमा में वृद्धि की जाएगी। यह न्यूनतम पेंशन, जो 7,750 रुपये प्रतिमाह होती है, और महंगाई राहत जोड़कर निर्धारित होगी यानी न्यूनतम पेंशन में 55 प्रतिशत महंगाई राहत जोड़ी जाएगी। इसका लाभ यह होगा कि इस सीमा के भीतर यदि आश्रित की आय है तो उन्हें भी परिवार पेंशन की पात्रता होगी। इसके साथ ही एक बड़ा परिवर्तन यह भी किया जा रहा है कि आश्रित में अविवाहित बेटी के लिए आयु सीमा का बंधन समाप्त किया जाएगा। अभी 25 वर्ष से अधिक अविवाहित पुत्री को पात्र नहीं माना जाता है। इसके साथ ही आश्रित विधवा, परित्याक्ता, तलाकशुदा बेटियां भी परिवार पेंशन के दायरे में आएंगी।

विभागों के बढ़ेंगे अधिकार
पेंशनर किसी भी श्रेणी का हो, अभी पेंशन रोकने के लिए प्रकरण कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजना पड़ता है। लगभग हर कैबिनेट की बैठक में ऐसे प्रकरण आते हैं। अब यह प्रविधान किया जा रहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पेंशन रोकने के मामले में निर्णय प्रशासकीय विभाग ही लेगा। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के मामले वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत ही कैबिनेट के समक्ष निर्णय के लिए रखे जाएंगे।
 
केंद्रीय सेवा की अवधि भी जुड़ेगी
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय सेवा से प्रदेश में सेवा देने के लिए आने वाले कर्मचारियों की पेंशन की गणना की प्रक्रिया में भी सुधार होगा। इसमें केंद्रीय सेवा की अवधि को भी जोड़ा जाएगा। इसका स्पष्ट प्रविधान नियम में रहेगा। पेंशनर्स एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि हम 18 वर्ष से नियम में संशोधन की मांग कर रहे हैं। जो संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, वे वर्तमान समय के अनुकूल हैं।

More From Author

रोपवे, पहाड़ियां और भक्ति का संगम: जयपुर का वैष्णो देवी मंदिर क्यों बन रहा है धार्मिक पर्यटन की पहचान

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.