मुंबई मेयर चुनाव की रेस में बीजेपी के 3 नाम, शिंदे की रणनीति क्या होगी?चौंका सकता है उद्धव गुट

मुंबई 

महाराष्ट्र के नगर महापालिका चुनाव नतीजे आने के तीन हफ्ते के बाद अब मुंबई में बीएमसी के मेयर चुनाव काउंटडाउन शुरू हो गया है. मुंबई से सटे सभी शहरों में मेयर चुने जाने के बाद अब कहीं जाकर बीएमसी की बारी है. बीएमसी मेयर पद के लिए 11 फरवरी को चुनाव है, जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो रही है. ऐसे में सभी की निगाहे लगी है कि मुंबई का नया मेयर कौन होगा? 

मुंबई का मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है. ऐसे में मेयर के लिए 6 फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है और 7 फरवरी तक चलेगी.  इसके बाद 11 फरवरी को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है और उसी दिन मेयर और डिप्टीमेयर के लिए चुनाव होंगे. 

बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन उसे अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है.  ऐसे में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिली हैं, जिसका समर्थन हासिल कर अपने मेयर बना सकती है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी कैसे शिंदे के साथ बैलेंस बनाकर अपना मेयर बनाती है? 

बीएमसी का मेयर चुनाव बना रोचक
मुंबई के 227 सीटों वाली बीएमसी में मेयर के लिए 114 नगर सेवकों की जरूरत होती है. बीएमसी में बीजेपी के पास सबसे अधिक 89 नगर सेवक हैं जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के पास 65 नगर सेवक हैं तो कांग्रेस के पास 24 सीटें है. 

शरद पवार की पार्टी एनसीपी के पास महज एक पार्षद है तो अजित पवार की एनसीपी के 3 पार्षद हैं. राज ठाकरे की पार्टी मनसे के 6 पार्षद हैं तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के 8  और समाजवादी पार्टी के 2 पार्षद हैं. 

मुंबई में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को कुल मिलाकर 118 नगर सेवक हो रहे हैं. इस तरह से महायुति को स्पष्ट बहुमत का नंबर होने के बावजूद मेयर पद के लिए दोनों की सहमति  नहीं बन पा रही है. वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी मेयर के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने का ऐलान करके मुकाबले को रोचक बना दिया है.

शिंदे-बीजेपी में कैसा बनेगा फॉर्मूला
बीएमसी चुनाव के नतीजे ऐसे आए हैं कि कोई भी पार्टी अपने दम पर अपना मेयर बनाने की स्थिति में नहीं है. मुंबई चुनाव में बीजेपी भले ही सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए एकनाथ शिंदे की बैसाखी की जरूरत होगी. शिदे बीएमसी में 29 पार्षद लेकर किंगमेकर के रोल में है, जिनके समर्थन के बिना बीजेपी के सियासी मंसूबे के कामयाब नहीं होंगे. 

बीजेपी अजित पवार की एनसीपी के पार्षद को मिलाकर भी अपना मेयर नहीं बना सकती है. ऐसे में शिंदे के साथ ही सहमति का फॉर्मूला बनाना होगा. शिंदे भी मुंबई में अपना मेयर चाहते हैं, जिसके लिए सार्वजनिक रूप से मांग भी उठा चुके हैं. ऐसे में बीजेपी बीएमसी में कब्जा जमाने के लिए डिप्टीमेयर का पद शिंदे की शिवसेना को देने का ऑफर दे सकती है. इसके बाद ही बीजेपी अपना मेयर बना पाएगी, लेकिन उसके लिए शिंदे की रजामंदी जरूरी है. 

उद्धव ठाकरे का क्या है सियासी गेम 
मुंबई के मेयर पद लेकर उद्धव ठाकरे खेमा एक्टिव है.  शिवसेना (यूबीटी) मुंबई मेयर और उपमेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार उतारने का दांव चल सकती है. मेयर चुनाव को लेकर शुक्रवार दोपहर मातोश्री में पार्टी नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, शिवसेना (UBT) के मुंबई के विधायक और कुछ प्रमुख पार्षद मौजूद रहेंगे. 

मेयर चुनाव को लेकर इसी बैठक में यह अंतिम फैसला लिया जाएगा कि पार्टी बीएमसी में अपना उम्मीदवार उतारेगी या नहीं. बीएमसी में शिवसेना(यूबीटी) के नेता किशोरी पेडणेकर ने व्हीप जारी कर सभी पार्षदों को 11 फरवरी तक मुंबई से बाहर नहीं जाने के आदेश दिए हैं. संजय राउत ने दावा किया है कि शिवसेना खेमे के कई पार्षद और एकनाथ शिंदे खुद भी नहीं चाहते हैं कि मुंबई में बीजेपी का मेयर बने? 

BMC मेयर के लिए BJP से रेस में 3 नाम

 बैठक होगी और नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा. बीजेपी की ओर से मेयर पद के लिए तीन नामों पर चर्चा हो रही है. इनमें राजश्री शिरवलकर, ऋतु तावड़े और शीतल गंभीर का नाम शामिल है. 

वहीं, डिप्टी मेयर का पद शिंदे गुट की शिवसेना के खाते में जाएगा. शिवसेना को दिए जाने वाले डिप्टी मेयर के पद के लिए दो नामों पर चर्चा हो रही है. इसमें तृष्णा विश्वासराव और यामिनी जाधव का नाम शामिल है. वहीं स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास रहेगा. मुंबई महानगरपालिका में सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षण की घोषणा की गई है. इसलिए, मुंबई की बागडोर एक महिला के हाथों में होगी.
क्या मुंबई में मेयर चुनाव निर्विरोध होंगे? 

एबीपी माझा के मुताबिक, मुंबई मेयर को लेकर चर्चा के बीच यह भी खबर है कि ठाकरे की शिवसेना मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार उतारेगी. इस संबंध में ठाकरे की शिवसेना के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि हमारे लोग काम कर रहे हैं. इसलिए, ठाकरे की शिवसेना की ओर से 7 फरवरी को महापौर पद के लिए आवेदन दाखिल करने की संभावना है. 

बीएमसी चुनाव में बहुमत न मिलने के बावजूद, ठाकरे की शिवसेना (UBT) अपना उम्मीदवार उतारेगी. बीजेपी-शिंदे गठबंधन के 138 सदस्य हैं, जिनमें बीजेपी के 89 और शिंदे शिवसेना के 29 पार्षद शामिल हैं. इसलिए, बीजेपी के मेयर के चुनाव में कोई समस्या नहीं होगी.
कैसे की जाती है स्थायी समिति की गणना?

स्थायी समिति के नतीजों के बाद आए आंकड़ों के अनुसार, विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों को 13-13 सदस्य मिले. इसलिए, स्थायी समिति में अपनी ताकत बढ़ाने के उद्देश्य से शिंदे शिवसेना और बीजेपी ने एनसीपी के अजित पवार गुट की मदद लेने का फैसला किया है. शिंदे शिवसेना ने अपना गुट रजिस्टर्ड करा लिया है और अजित पवार गुट एनसीपी के साथ सहयोगी गुट के रूप में पंजीकरण कराने के लिए बातचीत चल रही है. हालांकि, यह कहा जा रहा है कि एनसीपी द्वारा एक अनुमोदित पार्षद की शर्त रखने के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है.

बीएमसी में विपक्ष भी नहीं कमजोर

संजय राउत ने दावा किया है कि वे बहुमत के जादुई आंकड़े 114 से महज 6 कदम दूर हैं. राउत के मुताबिक उनके पास 108 का आंकड़ा है, उद्धव गुट (65), कांग्रेस (24), शरद पवार की एनसीपी और अन्य छोटे दलों को मिलाकर भी यह आंकड़ा 108 तक नहीं पहुंचता. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM भी पर्दे के पीछे से उद्धव ठाकरे को समर्थन देने को तैयार है?

बीजेपी में किसकी लगेगी लाटरी?
मुंबई बीएमसी में नंबर गेम के लिहाज से बीजेपी का मेयर बनना तय माना जा रहा है. ऐसे में सवाल यही है कि बीजेपी की कौन सी महिला नेता मुंबई की मेयर बनेगी. इसके लिए कई नाम सुर्खियों में है. बीजेपी के भीतर तीन नाम चर्चाओं में छाए हुए हैं. इसके में हर्षिता नरवेकर, ऋतु तावड़े और शीतल गंभीर के नाम की चर्चा है. मुंबई बीजेपी का एक गुट ऋतु तावड़े का पुरजोर समर्थन कर रहा है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर अपनी भाभी हर्षिता नरवेकर को मेयर बनाने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं. 

वहीं, बीजेपी में एक धड़ा ऐसा है कि जो यह मांग कर रहा है कि पार्टी के मूल कैडर को ही मेयर बनाया जाए. नरवेकर, तावड़े और गंभीर तीनों ही बीजेपी के मूल सदस्य नहीं हैं, बल्कि अन्य पार्टियों से आकर बीजेपी में शामिल हुए हैं. ये नेता जोर देकर कहते हैं कि महापौर का पद ऐसी महिला को मिलना चाहिए जिसने मुंबई में भाजपा संगठन के भीतर वर्षों तक काम किया हो. ऐसे में देखना है कि बीजेपी किस पर दांव खेलती है? 

More From Author

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

सीएम साय आज दुर्ग और जगदलपुर तथा कल छत्तीसगढ़ आएँगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.