न सरकार सुनी, न स्पीकर ने रोका! थरूर का बड़ा आरोप—ओम बिरला और निर्मला सीतारमण पर साधा निशाना

नई दिल्ली
लोकसभा में सदन चलाने के लिए सुलह की बातचीत के बाद भी विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच सोमवार को जमकर नोकझोंक हुई जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर संसद चलाने में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया और कहा कि लोकसभा में बार-बार व्यवधान के कारण वह केंद्रीय बजट 2026-27 पर बोलने में असमर्थ रहे। सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने कहा कि वह बजट चर्चा में भाग लेने के लिए तैयार होकर आए थे लेकिन उन्हें ऐसा करने की बहुत कम गुंजाइश मिली। उन्होंने कहा,''ऐसा लगता है कि सरकार और लोकसभा अध्यक्ष को सदन चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।''
 
थरूर ने सदन की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसका मतलब साफ है कि सदन में स्थगन पहले से ही तय था। उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री सदन में बैठी ही नहीं थी।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें पता था कि सदन स्थगित कर दिया जाएगा।" संसद के दोनों सदनों में सोमवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा होने वाली थी क्योंकि सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया था लेकिन यह चर्चा नहीं हो सकी।

2 बजे से पहले भी दो बार स्थगन
लोकसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे जैसे ही फिर सदन की कार्यवाही शुरु हुई और पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने बजट पर चर्चा की शुरुआत कराने के लिए कांग्रेस के शशि थरूर का नाम लिया। उन्होंने थरूर का नाम लेते हुए उन्हें बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन थरूर ने कहा कि विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं। यह उनका अधिकार है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर पीठासीन संध्या राय ने कहा कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन इस समय सिर्फ बजट पर ही बोलना है।

सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा: राहुल गांधी
इसी बीच सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि करीब एक घंटा पहले वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले थे और उन्होंने कहा था कि वह उन्हें सदन में कुछ मुद्दों पर बोलने की अनुमति देंगे लेकिन सदन की कार्यवाही शुरु होते ही सरकार अपनी बात से पीछे हट गई है। राहुल ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर पीठासीन अधिकारी ने व्यवस्था दी कि सदन में सिर्फ बजट पर ही बोलना है। इसके अलावा आपको अन्य किसी विषय पर नहीं बोल सकते क्योंकि किसी अन्य विषय पर बोलने के लिए आपकी तरफ से कोई नोटिस नहीं है इसलिए आप सिर्फ बजट पर अपनी बात कह सकते हैं। उनका कहना था कि बजट के अलावा किसी और विषय पर सदन में बोलना है तो पहले नोटिस देना पड़ेगा।

सदन को गुनराह कर रहे राहुल: किरेन रिजिजू
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा "जिस मुलाकात की बात विपक्ष के नेता कर रहे हैं उस दौरान वह भी अध्यक्ष के कमरे में थे। राहुल गांधी के साथ उनकी पार्टी के नेता के सी वेणुगोपाल भी थे लेकिन उस समय अध्यक्ष ने कहा था कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने पर सहमति बनती है तो बोलने दिया जाएगा। आप जो बोलना चाहते हैं उस पर बोलने की बात नहीं हुई थी।" रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी सदन में इस मुलाकात में हुई बात को लेकर जो कुछ कह रहे हैं ऐसी कोई बात अध्यक्ष के कमरे में नहीं हुई थी। अध्यक्ष ने कहा कि यदि सबकी सहमति बनती है और सदन शांति से चलता है तो देखेंगे। यह बात हुई थी।”

थरूर ने अपना नाम आने के बाद भी नहीं बोला
इतना के बाद राय ने फिर से डॉ थरूर को बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने बजट पर कुछ नहीं बोला। इसी बीच, दोनों तरफ से तकरार तेज हो गयी तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरु किया तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके कारण उन्हें 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। फिर 12 बजे सदन शुरु हुआ तो विपक्ष के तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया जिसके कारण सदन को दो बजे तक स्थगित किया गया था।

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