12 साल पुराना विवाद, रजनीकांत की फिल्म पर HC का ₹2.52 करोड़ का जुर्माना—क्या है पूरा मामला?

मद्रास

रजनीकांत और दीपिका पादुकोण की 2014 में रिलीज तमिल फिल्‍म 'कोचादाइयां' अचानक चर्चा में आ गई है। मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्‍म के प्रोड्यूसर जे मुरली मनोहर और उनके प्रोडक्शन हाउस, मीडियावन ग्लोबल एंटरटेनमेंट लिमिटेड पर ₹2.52 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यही नहीं, कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि मेकर्स या तो चार हफ्ते के अंदर यह जुर्माना चुकाएं या फिर छह महीने जेल की सजा भुगतने के लिए तैयार हो जाएं। यकीनन, आप भी यही सोच रहे होंगे कि आख‍िर 12 साल बाद ऐसा क्‍या हो गया, तो आइए इस पूरे मामले को तफ्तील से समझाते हैं।

Kochadaiiyaan को रजीनकांत की बेटी सौंदर्या रजनीकांत ने डायरेक्‍ट किया है। फिल्‍म में रजनीकांत और दीपिका पादुकोण के अलावा जैकी श्रॉफ भी थे। यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। लेकिन रजनीकांत के कारण इसने खूब चर्चा बटोरी थी। हाई कोर्ट का यह मामला असल में एक एडवरटाइजिंग एजेंसी को मुआवजा देने और चेक बाउंस होने से जुड़ा है। आइए, पहले जानते हैं कि कोर्ट में क्‍या हुआ।

2021 और 2023 में भी सुनाई गई थी सजा
मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस सुंदर मोहन ने फिल्‍म के प्रोड्यूसर जे मुरली मनोहर और उनकी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा दायर एक क्रिमिनल रिवीजन केस को कुछ हद तक मंजूरी दी है। यह केस 2021 में एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें दी गई सजा और 2023 में एक सिटी सिविल कोर्ट द्वारा कन्फर्म किए जाने के खिलाफ दायर किया गया था।

करोड़ों का कर्ज, नहीं चुकाए बकाया पैसे
हाई कोर्ट ने मनोहर को 4 हफ्ते के अंदर एडवरटाइजिंग एजेंसी, 'एडब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड' को ₹2.52 करोड़ देने या 6 महीने जेल की सजा भुगतने का निर्देश दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और गड़बड़ियों पर सवाल उठाने के बाद, फैसला सुनाया कि ऐड एजेंसी ने सिर्फ ₹10 करोड़ उधार दिए थे और उसे ₹8.74 करोड़ चुका दिए गए थे, जिससे ₹1.26 करोड़ का बैलेंस रह गया। इसलिए सजा को बदलकर ₹2.52 करोड़ का जुर्माना कर दिया गया, जो उस पर बकाया रकम से दोगुना था।

2014 में प्रोडक्‍शन हाउस ने लिया था 20 करोड़ रुपये का कर्ज
'द हिंदू' ने इससे पहले एक रिपोर्ट में बताया कि एडब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के अबीरचंद नाहर ने प्रोड्यूसर मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि उनकी फर्म ने 25 अप्रैल, 2014 को मीडियावन ग्लोबल एंटरटेनमेंट के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) किया था। उन्होंने फोटोरियलिस्टिक मोशन-कैप्चर मूवी के पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए प्रोडक्शन हाउस को ₹20 करोड़ का कर्ज दिया था। प्रोडक्शन हाउस ने फाइनेंसर को बताया था कि 'कोचादाइयां' के लीज राइट्स की बिक्री से कम से कम ₹20 करोड़ मिलेंगे।

ऐड एजेंसी ने किया था गारंटी मुनाफा का वादा, चेक हुआ बाउंस
ऐड एजेंसी ने अपनी शिकायत में कहा कि किसी तीसरे पक्ष को राइट्स बेचने से पहले उसे बिक्री से होने वाली कमाई का 20% या कम से कम ₹2.40 करोड़ के गारंटी मुनाफे का वादा किया गया था। ऐड एजेंसी ने 28 अप्रैल, 2014 को प्रोडक्शन हाउस के बैंक अकाउंट में ₹10 करोड़ ट्रांसफर कर दिए। लेकिन दिसंबर 2014 में, प्रोडक्शन हाउस की तरफ से एजेंसी को जारी किया गया चेक बाउंस हो गया।

2021 में कोर्ट ने प्रोड्यूसर मोहन को माना दोषी
दिसंबर 2021 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मोहन को दोषी ठहराया और उन्‍हें छह महीने जेल की सजा सुनाई। उन्‍हें तब ₹7.70 करोड़ देने या छह महीने की और जेल की सजा भुगतने का भी आदेश दिया गया। फिर अगस्त 2023 में, एक सिविल कोर्ट ने सजा को जारी रखा। लेकिन प्रोड्यूसर ने ₹12.75 करोड़ चुकाने का दावा किया। उसने ऐड एजेंसी पर बाद में दिए गए चेक को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।

रजनीकांत की पत्‍नी लता का भी धोखाधड़ी केस में आया नाम
मामले में एक और ट्व‍िस्‍ट तब आया, जब ऐड एजेंसी ने 2016 में रजनीकांत की पत्नी लता के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस किया था। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के राइट्स बेचने के बारे में तब उन्हें नोटिस जारी किया था। साल 2018 में, सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने उन्हें ₹6.20 करोड़ देने का आदेश दिया था।

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