मध्य प्रदेश में चतुर्भुज फ्लाईओवर का आगाज, सागर में बढ़ेगी कनेक्टिविटी और सफर होगा आसान

सागर
 एक महानगर की तरह आकार ले रहे सागर शहर में मध्य प्रदेश के पहले चतुर्भुज फ्लाईओवर की उम्मीद को अब पंख लग गए हैं. दरअसल, केंद्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने सेतुबंधन योजना के तहत सागर के उपनगर मकरोनिया के यातायात दबाव को कम करने के लिए 155 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर का डीपीआर बनाने के लिए टेंडर के लिए स्वीकृति दे दी है. खास बात ये है कि इसके साथ ही मकरोनिया से जबलपुर और कानपुर रोड को जोड़ने के लिए फोरलेन की स्वीकृति भी मिल गयी है. इसके पहले भी मकरोनिया फ्लाईओव्हर के लिए स्वीकृति मिल गयी थी, लेकिन स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते प्रोजेक्ट रुक गया था.

सागर में बनेगा मध्य प्रदेश का पहला चतुर्भुजी फ्लाईओवर

आखिरकार सागर शहर के उपनगर मकरोनिया में यातायात दबाव कम करने के लिए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने चार भुजाओं वाले फ्लाईओवर के डीपीआर बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है. पिछले करीब तीन सालों से मकरोनिया पर चार दिशाओं में चार भुजाओं वाले फ्लाईओवर के लिए प्रयासरत स्थानीय विधायक प्रदीप लारिया के प्रयासों से ये प्रोजेक्ट स्वीकृति की ओर बढ़ रहा है. जल्द ही इस फ्लाईओवर का डीपीआर बनाने के लिए टेंडर बुलाए जाएंगे. डीपीआर बनने के बाद फ्लाईओवर के लिए अंतिम स्वीकृति मिलेगी.

चार भुजाओं वाले फ्लाईओवर में क्या खास है

दरअसल, सागर का मकरोनिया चौहारा एक ऐसा चौराहा है, जहां से कानपुर, जबलपुर, नागपुर, झांसी मार्ग जुड़ते हैं. यहीं से छतरपुर, रीवा, जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, झांसी, ललितपुर और सभी मार्ग जुड़ते हैं. इसके साथ ही सागर के उपनगर के रूप में विकसित हो रहे इस इलाके में बड़ी-बड़ी कंपनियों के शोरूम और आउटलेट्स आने के कारण काफी ट्रैफिक का दबाव रहता है. बाहर और स्थानीय यातायात के दबाव के चलते इस चौराहे पर हमेशा जाम की स्थिति रहती है. इसलिए विधायक प्रदीप लारिया द्वारा यहां पर चार भुजाओं वाला एक चतुर्भुजी फ्लाईओवर का प्रस्ताव सेतुबंधन योजना के तहत केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के समक्ष रखा गया था.

चतुर्भुज फ्लाईओवर की खासियत

    मकरोनिया चौराहा सागर पर बनेगा फ्लाईओवर
    2.2 किमी लंबा होगा फ्लाईओवर
    155 करोड़ रुपए आयेगी फ्लाईओवर की लागत
    कानपुर, नागपुर, झांसी मार्ग और सागर शहर की कनेक्टिविटी

कानपुर-जबलपुर रोड के लिए फोरलेन

इसके अलावा मकरोनिया चौराहे से कानपुर रोड और जबलपुर रोड को कनेक्ट करने के लिए फोरलेन के लिए भी लगभग हरी झंडी मिल गयी है. फिलहाल ये मार्ग मकरोनिया से लेकर बहेरिया तक टू-लेन है. जिस पर कानपुर और जबलपुर तरफ से आने वाले भारी वाहनों का दबाव रहता है. दूसरी तरफ नेशनल हाइवे 44 से भी इसी मार्ग के जरिए कनेक्टिविटी है, जो आगे जाकर भोपाल, बीना और दूसरे मार्गों से जुड़ता है. अब ये फोरलेन बन जाने के कारण यातायात की रफ्तार बढ़ेगी.

क्या कहना है स्थानीय विधायक का

नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने बताया कि "आए दिन मकरोनिया में जाम की स्थिति बनी रहती है. यहां पर फ्लाईओव्हर की आवश्यकता थी. उसके लिए सेतुबंधन योजना के जरिए 2022 में फ्लाईओवर स्वीकृत कराया था, लेकिन व्यापारियों के विरोध के कारण फ्लाईओवर नहीं बन पाया. फिर से इसके लिए प्रयास के बाद फ्लाईओवर की हमें प्रारंभिक स्वीकृति मिली है. अभी डीपीआर के टेंडर के लिए स्वीकृति मिली है. हमें 155 करोड़ के फ्लाईओवर और साथ ही मकरोनिया से बहेरिया तक 15 करोड़ के फोरलेन की सौगात मिली है. कुल मिलाकर 180 करोड़ के डीपीआर की स्वीकृति मिली है.

साथ ही छतरपुर तक के पुल पुलिया, सागर कानपुर मार्ग बनने के दौरान छूटे हैं, उनको भी इस डीपीआर में समाहित किया है. बहुत जल्दी डीपीआर के लिए टेंडर होंगे, फिर डीपीआर बनेगी और डीपीआर से बाद अंतिम स्वीकृति मिलेगी. कुल मिलाकर फ्लाईओवर का मार्ग अब खुल गया है और मकरोनिया अब इस फ्लाईओव्हर के कारण तेज गति से विकास करेगा. "

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