बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने सरकार गंभीर, समिति की सिफारिशों पर होगा अमल

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों पर अधिकारी 5 दिवस में रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर अमल में लाने के प्रयास किये जायेंगे।  तोमर ने कहा मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। उद्योगों से लेकर किसानों तक सभी को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।

बैठक में समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से खतरे के मद्देनजर सिंचाई के लिये दिन में ही विद्युत आपूर्ति करने पर विचार किया जाये। इस दौरान सचिव  विशेष गढ़पाले ने विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की हानियां वर्ष 2024-25 में 2.60 प्रतिशत रहीं, जो न्यूनतम में से एक है। अमरकंटक विद्युत गृह द्वारा कंपनी के इतिहास में अब तक सर्वाधिक 512 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन किया गया। बिजली कंपनियों की उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिये लगभग 52 हजार स्थायी पदों का सृजन किया गया है। भर्ती प्रक्रिया चालू कर दी गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान अंतर्गत जनजातीय समुदाय के 26 हजार 909 घरों को विद्युतीकृत किया गया है। स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से प्री-पेड उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जा रही है। उन्होंने विभिन्न नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी।

बैठक में समिति के सदस्य विधायक  यादवेन्द्र सिंह,  गौरव सिंह पारधी,  ठाकुर दास नागवंशी,  घनश्याम चंद्रवंशी और  सुरेन्द्र सिंह बघेल एवं अधिकारी उपस्थित थे।

 

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