मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में कर्पूरचन्द्र कुलिश जन्म शताब्दी वर्ष के की नोट कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में अखबार जनता के हितैषी की भूमिका निभाते हैं। राजस्थान पत्रिका ने भी विभिन्न संस्करणों के प्रकाशन के माध्यम से जनता के प्रति सरोकारों का निर्वहन किया है। एक निजी समूह द्वारा स्व. कुलिश जी की स्मृति में श्रेष्ठ पत्रकारिता के साथ अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए जाएंगे जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुलिश की भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि जीवन की एक अवस्था में सेवानिवृत्ति का निर्णय लेने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के भाव महत्वपूर्ण है। स्व. कुलिश जी ने सार्थक जीवन जिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में राजस्थान एक निजी समूह के पितृ पुरुष स्व. कर्पूर चंद्र कुलिश के जनशताब्दी समारोह में "अखबार और लोकतंत्र" विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत की मूल सनातन संस्कृति और वेद संस्कृति को बचाने की आवश्यकता थी। गुजरात के सोमनाथ के दर्शन का सभी को अवसर मिला। एक हजार वर्ष पुराना गौरव लौटा और भारत फिर आकाश से बात करते हुए दिखाई दिया। विश्व भी इसका साक्षी बना। एक निजी समाचार पत्र द्वारा जयपुर में सोमनाथ के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की अनूठी पहल की गई, जो अभिनंदनीय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित एक निजी समूह की यात्रा की गंगा की धारा से तुलना करते हुए कहा कि जब गौमुख से गंगा जी निकलती हैं तो सिर्फ गंगा नहीं होती, अलकनंदा, भागीरथी भी होती है। यह यात्रा हरिद्वार, ऋषिकेश, पटना और बनारस होते हुए गंगासागर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है। ऐसी ही यात्रा इस आयोजन में देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में स्व.कुलिश के चित्र पर माल्यार्पण कर आदरांजलि दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक निजी समूह को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई देते हुए समूह के प्रधान संपादक के सार्थक योगदान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर कुलिश जी की दो पुनर्प्रकाशित पुस्तकों- 'मैं देखता चला गया' और 'अमेरिका एक विहंगम दृष्टि' का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।

लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने के प्रयास होते रहे हैं, लेकिन भारत के लोकतंत्र को कोई समाप्त नहीं कर पाया है। एक निजी समूह ने अपनी छह दशक की यात्रा में अंतिम व्यक्ति की बात, शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।  बिरला ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कलमकारों द्वारा निभाई गई भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की ताकत होती है। बदलते दौर में सरकारों को मीडिया के साथ कार्य करना होगा। मूल्यवान पत्रकारिता भविष्य की पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य करती है। देश में आपातकाल के दौर में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की गई, तब पत्रिका सहित अनेक समाचार पत्र समूह अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग खड़े थे।

एक निजी समूह के प्रधान संपादक ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग भाषाओं में संवाद होते थे। शिक्षा में जीवन दर्शन, नैतिक मूल्य और भारतीय परंपराओं को शामिल करना आवश्यक हैं। दुर्भाग्य से पश्चिमी देशों के चलन का असर भारतीय युवा पीढ़ी पर दिखाई दे रहा है। देश में बहुत सी अच्छी परंपराएं आज भी जीवित हैं। नई शिक्षा नीति में आध्यात्म और संस्कारों के निर्माण का पहलु शामिल होने से सही संदेश युवाओं तक पहुंचेगा। इससे वे यह समझ सकेंगे कि आधुनिक रहते हुए भी परंपराओं के साथ मूल्य आधारित जीवन जिया जा सकता है।

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति  अजय रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धेय कुलिश जी ने लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को उनके कर्तव्यों का बोध करवाया। न्यायपालिका लोकतंत्र का मूल आधार है, यह संविधान के अभिभावक के रूप में कार्य करती है और नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करती है। कार्यक्रम में एक निजी समूह के प्रमुख  गुलाब कोठारी, समूह के निदेशक  बीआर सिंह और समूह के डिप्टी एडिटर  भुवनेश जैन, पत्रकारिता क्षेत्र के साथ ही अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

 

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