लखनऊ
क्रिकेट के मैदान पर अपने दमदार खेल से पहचान बनाने वाले रिंकू सिंह अब नई भूमिका में नजर आने वाले हैं. उन्हें यूपी में सरकारी नौकरी मिल जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का नियुक्ति पत्र सौंपने जा रही है, जहां वे खेल के विकास में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह नई जिम्मेदारी देंगे।
वैसे लखनऊ में आज का दिन खेल जगत के लिए खास होने जा रहा है. रिंकू के अलावा खेल के मैदान पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी अब प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज के समारोह में क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स और पैरालिंपिक जैसे विभिन्न खेलों से जुड़े कुल 14 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र देंगे।
अलीगढ़ की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय करने वाले रिंकू सिंह की कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है. लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने के बाद उन्होंने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई. अब वही रिंकू प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ खेलों के विकास में योगदान देंगे. हाल के दिनों में उनके निजी जीवन में भी काफी उतार-चढ़ाव आए. उनके पिता का निधन हुआ, लेकिन उस कठिन समय में भी उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई और टीम के साथ जुड़े रहे. उनके इस जज्बे की खेल प्रेमियों ने खुलकर तारीफ की थी. इसी बीच उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही. उनकी सगाई सपा सांसद प्रिया सरोज से हो चुकी है और समारोह में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हुए थे, जिनमें अखिलेश यादव भी मौजूद रहे. अब लोगों को उनकी शादी का इंतजार है।
रिंकू सिंह की नौकरी पर हो चुका है विवाद
दरअसल, रिंकू सिंह को जनवरी 2025 में खेल कोटे के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बीएसए बनाने का निर्णय लिया गया था. विशेष नियमावली 2022 के तहत उनका चयन प्रस्तावित था और उन्हें जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए थे. हालांकि, उस समय उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते प्रक्रिया पर रोक लग गई थी. अब सरकार ने नई भूमिका तय करते हुए उन्हें खेल विभाग में जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
अन्य खिलाड़ियों को भी बड़ी जिम्मेदारी
इस समारोह में सिर्फ रिंकू सिंह ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों को भी अहम पद दिए जाएंगे. हॉकी में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले राजकुमार पाल को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी बनाया जाएगा. पेरिस पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार को भी डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति मिलेगी. उनकी उपलब्धि को देशभर में सराहा गया था और अब उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी जा रही है. वहीं, पैरालिंपिक में रजत पदक जीतने वाले अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा. 200 मीटर रेस में कांस्य पदक जीतने वाली सिमरन को भी इसी विभाग में जिम्मेदारी दी जाएगी. इसके अलावा 100 और 200 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने वाली प्रतिपाल को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बनाया जाएगा।
सम्मान और अवॉर्ड भी
सरकार की इस पहल का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा खिलाड़ियों का सम्मान है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से नवाजा जाएगा. यह अवॉर्ड प्रदेश के खेल जगत में एक प्रतिष्ठित पहचान माना जाता है और इसे पाने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन के साथ सामाजिक सम्मान भी मिलता है. स्पोर्ट्स अफसरों का कहना है कि इस पूरे आयोजन को केवल नियुक्तियों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता. यह प्रदेश की खेल नीति का एक अहम संदेश भी देता है कि जो खिलाड़ी मैदान में मेहनत करते हैं, उन्हें भविष्य की सुरक्षा और सम्मान भी मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा. जब खिलाड़ी यह देखेंगे कि उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मान मिल सकता है, तो वे खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए और प्रेरित होंगे।

