निराश्रित महिलाओं, वृद्ध और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली पेंशन राशि में पिछले 9 वर्षों में हुई पांच गुना की वृद्धि

मिशन ज़ीरो पॉवर्टी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से यूपी में समावेशी विकास को मिली नई रफ्तार

निराश्रित महिलाओं, वृद्ध और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली पेंशन राशि में पिछले 9 वर्षों में हुई पांच गुना की वृद्धि

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 26.81 लाख, जबकि लखपति महिला योजना से 18.55 लाख महिलाएं हुईं लाभान्वित

दिव्यांगजनों के लिए प्रदेश में चलाए जा रहे हैं 21 विशेष विद्यालय, जिनमें से 16 में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था

अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को किया गया पूरे राज्य में विस्तारित

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी विकास के विजन को सफल बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों में गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्त्वाकांक्षी योजनाएं लागू की हैं। इनमें योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मिशन ज़ीरो पॉवर्टी” ने विशेष रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जिसके सफल क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों में लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता हासिल की है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश की महिला, वृद्ध, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर और अल्पसंख्यक समुदाय के समुचित विकास को सुनिश्चित करने के कई सार्थक प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश से गरीबी के समूल उन्मूलन के उद्देश्य से गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर, 2024 से “मिशन ज़ीरो पॉवर्टी” को लागू किया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में गरीब परिवारों की पहचान कर उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। “मिशन ज़ीरो पॉवर्टी” के तहत प्रदेश में अब तक 13.57 लाख परिवारों को चिन्हित किया जा चुका है, जिन्हें 17 विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि इन परिवारों को ऐसे आर्थिक कार्यों से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें दीर्घकाल में न्यूनतम ₹1.25 लाख की स्थायी वार्षिक आय प्राप्त हो सके।

योगी सरकार ने प्रदेश में समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। इस दिशा में प्रदेश की निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली पेंशन राशि में पिछले 9 वर्षों में लगभग पांच गुना वृद्धि की जा चुकी है। योगी सरकार के पहले वर्ष 2017 में जहां मात्र ₹300 प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹1000 प्रतिमाह किया गया है, जिसे अप्रैल 2026 से ₹1500 प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में प्रदेश के 67.50 लाख से अधिक वृद्धजनों, 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं और 11.57 लाख दिव्यांगजन नियमित पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। इसके साथ ही कुष्ठ रोगियों की पेंशन भी ₹2500 से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह की जा चुकी है। 

गरीबों के लिए आवास और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता रही है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 62 लाख से अधिक लोगों को मुफ्त आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं 15 करोड़ गरीबों को 35 किलोग्राम खाद्यान्न, एक किलोग्राम दाल या साबुत चना, एक किलोग्राम आयोडाइज्ड नमक और एक किलोग्राम रिफाइंड तेल का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह एक किलोग्राम चीनी भी दी जा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ से अधिक परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं और होली तथा दीपावली पर दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर भी वितरित किए जा रहे हैं।

योगी सरकार की समावेशी विकास की योजनाओं ने आधी आबादी, महिलाओं के जीवन को भी बेहतर बनाने की कई सार्थक पहल की हैं। इस दिशा में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित हुईं हैं, जबकि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 1.05 लाख बच्चों को सहायता मिली है। मिशन वात्सल्य के तहत एक लाख से अधिक बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलाया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताओं को लाभ मिला है। जबकि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक 5.20 लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 9.43 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.06 करोड़ से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है।

लखपति महिला योजना के तहत 35 लाख से अधिक महिलाओं की पहचान की गई है, जिनमें से 18.55 लाख महिलाएं लखपति श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 2,682 उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन किया गया है और 60 हजार समूहों की महिलाओं के माध्यम से ड्राई राशन का वितरण किया जा रहा है। यही नहीं, औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। इसका परिणाम है कि 2017 में जहां महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, वह बढ़कर करीब 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

यही नहीं, प्रदेश में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए भी पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण योजना के तहत वर्ष 2024-25 तक 3,84,543, जबकि वर्ष 2025-26 में 17,454 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। वहीं 1,679 कॉक्लियर सर्जरी तथा 845 श्रवण बाधित बच्चों के कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। साथ ही प्रदेश में 21 विशेष विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से 16 में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था है। वहीं मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए लखनऊ में ममता स्कूल और आजमगढ़ में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का निर्माण किया गया है। सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत और शैक्षणिक संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

अन्य पिछड़ा वर्ग की युवतियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही विवाह अनुदान योजना के तहत वर्ष 2025-26 तक कुल 6,47,863 लाभार्थियों को ₹1,295.72 करोड़ की विवाह अनुदान राशि प्रदान की गई। जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के माध्यम से 9 वर्षों में 1,01,139 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए योगी सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा उपलब्ध कराई है। साथ ही उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए राज्य स्तर पर ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन किया गया है। इसके अलावा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून भी लागू किया गया है।

अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को पूरे राज्य में विस्तारित किया गया है। वहीं उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही हज यात्रियों के लिए हर वर्ष बीमा, गाइडबुक, हाजी सेवक तथा लखनऊ-दिल्ली से उड़ान की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं हज 2017 से 2025 तक लाखों लोग हज यात्रा पर गए तथा हज यात्रा-2026 के लिए 17,200 लोगों ने आवेदन किया है।

योगी सरकार ने शासन के 9 वर्षों में पिछड़े, वंचित, गरीब, महिला, अल्पसंख्यक और ट्रांसजेंडर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। वहीं, विवाह अनुदान योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिली है। योगी सरकार द्वारा समावेशी विकास की दिशा में उठाए गए ये कदम उत्तर प्रदेश को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

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