पवन पुत्र हनुमान लोक मंगल, विनम्रता, सेवा भाव और समर्पण के हैं प्रतीक

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार तीर्थ, परंपराओं, लोक कलाओं और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए सतत् कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक चेतना का जो नव जागरण हुआ है, मध्यप्रदेश उसका साक्षी बन रहा है। मध्यप्रदेश धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार सुशासन, जनकल्याण और समन्वय के माध्यम से प्रदेश में रामराज के सपने को साकार करने की दिशा में प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रभु राम के प्राकट्य पर्व की मंगल बेला में पांढुर्णा के जामसांवली में रघुकुलनंदन के प्रिय भक्त के दिव्यधाम  हनुमान लोक के पहले चरण का लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विश्वास है कि अतुलित बल के स्वामी, परम ज्ञानी, दयालु, राम के प्रिय भक्त, पवन पुत्र हनुमान जी, लोक मंगल-कर्मठता-विनम्रता-सेवा भाव और समर्पण के प्रतीक हैं। व्यक्ति में सामर्थ्य होने पर वह अक्सर अहंकारी हो जाता है, लेकिन हनुमान जी ने सिखाया कि सच्चा बल वही है, जो सेवा में लगे और जो समर्पित भाव से कार्य करें। मन की एकाग्रता और अनुशासन, पवन पुत्र हनुमान के विशेष गुण हैं। वे कर्मकांड नहीं अपितु सतत् प्रयासों से उद्देश्य प्राप्ति के लिए हमें प्रेरित करते हैं। इन्हीं विचारों और मूल्यों को जामसांवली का  हनुमान लोक जीवंत करेगा।  हनुमान लोक के प्रथम चरण में मुख्य प्रवेश द्वार एवं प्लाजा का निर्माण हुआ है। मुख्य द्वार से लेकर मंदिर परिसर तक चिरंजीवी पथ का निर्माण किया गया है। इसमें हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां स्थापित हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर जल्द ही 65 करोड़ 24 लाख रूपये की लागत से  हनुमान लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएंगे। दूसरे चरण में भक्ति सागर एवं प्रवचन हॉल, यज्ञशाला, पार्किंग, संस्कृत महाविद्यालय, भोजशाला और धर्मशाला का निर्माण होगा। यह हनुमान लोक आने वाले समय में न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक इकॉनामी को भी नई दिशा देगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने से जिले की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा प्रदेश के संतरा उत्पादन सेंटर के रूप में जाने जाते हैं।  हनुमान लोक के आकार लेने से पांढुर्णा प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक मानचित्र पर भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए  महाकाल लोक के निर्माण के साथ ही महेश्वर में अहिल्या लोक, मंदसौर में पशुपतिनाथ लोक, दतिया में पीतांबरा माई महालोक, जानापाव में परशुराम लोक, सलकनपुर में देवी महालोक, पन्ना में जुगल किशोर सरकार लोक, आगर-मालवा में बाबा बैजनाथ लोक और अमरकंटक में माँ नर्मदा महालोक बनाए जा रहे हैं।

 

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