दतिया विधानसभा सीट पर रिक्तता, कांग्रेस विधायक की विधायकी रद्द, नरोत्तम मिश्रा को दी थी हार

दतिया
 मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधानसभा क्षेत्र को रिक्त घोषित कर दिया है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र जारी किया गया है, दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा की सदस्यता कोर्ट से सजा मिलने के बाद समाप्त हो गई है. यह आदेश मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी किया गया. वहीं आदेश में मध्य प्रदेश विधानसभा में एक स्थान रिक्त घोषित कर दिया गया है. यानी दतिया विधानसभा को रिक्त घोषित कर दिया गया है ।

विधानसभा सचिवालय का फैसला
विधानसभा सचिवालय द्वारा यह निर्णय विधिक नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में सीट को रिक्त घोषित करना अनिवार्य था।

मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से आदेश जारी
आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 22-दतिया से निर्वाचित सदस्य राजेन्द्र भारती के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह (पीसी एक्ट) ने सीबीआई-09 राउज एवेन्यू जिला न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा 2 अप्रैल, 2026 को अपराध सिद्ध होने के बाद तीन वर्ष का कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। 

 दतिया विधानसभा को रिक्त घोषित
आदेश में आगे कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 10 जुलाई, 2013 के पालन में संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (e) सहपठित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत  राजेन्द्र भारती उक्त तारीख 02 अप्रैल, 2026 से विधान सभा की सदस्यता से निरर्हित हो गए हैं. मध्य प्रदेश विधान सभा में एक स्थान रिक्त हो गया है। 

विधायक की सदस्यता समाप्ति के लिए क्या है कानूनी प्रावधान?
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत, यदि किसी सांसद या विधायक को किसी अपराध में दोषी ठहराया जाता है और उसे 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो उनकी सदस्यता दोषसिद्धि की तिथि से ही स्वतः समाप्त (अयोग्य) हो जाती है. ये 2013 के सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद से प्रभावी है। 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में लिली थॉमस बनाम भारत संघ मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(4) को असंवैधानिक घोषित कर दिया था. इस धारा के तहत दो वर्ष से अधिक की सजा पाने वाले सांसद या विधायक अपनी अपील लंबित रहने तक पद पर बने रह सकते थे, लेकिन अब सजा सुनाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से सदस्यता समाप्त हो जाती है। 

किस मामले में विधायक राजेंद्र भारती की मिली तीन साल की सजा
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है. साथ ही कोर्ट ने राजेंद्र भारती पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि राजेंद्र भारती को IPC की धारा 120B के साथ IPC की धारा 420/467/468/471 के तहत आपराधिक साजिश के जुर्म का दोषी ठहराया जाता है। 

तीन साल की सजा बना कारण
दतिया से विधायक रहे राजेंद्र भारती को न्यायालय द्वारा तीन साल की सजा सुनाई गई है। सजा की अवधि दो वर्ष से अधिक होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त मानी गई।

कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। इसी आधार पर ने दतिया सीट को रिक्त घोषित किया।

उपचुनाव की प्रक्रिया आगे
दतिया विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव को लेकर आगे की कार्रवाई द्वारा की जाएगी। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।

कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत यदि किसी विधायक या सांसद को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई है। सदस्यता समाप्ति के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। वे देर रात विधानसभा पहुंचे और पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाए।

प्रदेश में अन्य विधायक भी कानूनी मामलों में घिरे
राजेंद्र भारती अकेले ऐसे विधायक नहीं हैं, जो कानूनी उलझनों में फंसे हैं। प्रदेश के कई अन्य विधायक भी अलग-अलग मामलों को लेकर अदालतों में चुनौती का सामना कर रहे हैं। 

बीना विधायक निर्मला सप्रे
बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे दलबदल कानून को लेकर विवाद में हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करने और पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय है।

भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद
भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद फर्जी सेल डीड मामले में घिरे हैं। हाईकोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है और मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर करने को कहा है।

विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक
कटनी जिले के भाजपा विजयराघवगढ़ से विधायक संजय पाठक के खिलाफ माइनिंग से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने आपराधिक शिकायत दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मामला न्यायपालिका से जुड़े गंभीर आरोपों का है।

सारंगपुर से विधायक और मंत्री गौतम टेटवाल
राज्यमंत्री और सारंगपुर से भाजपा विधायक गौतम टेटवाल फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में विवादों में हैं। उनके जाति प्रमाणपत्र को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

सेमरिया से विधायक अभय मिश्रा 
रीवा जिले की सेमरिया सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा पर नामांकन के दौरान शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा 
श्योपुर जिले के कांग्रेस  विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता को लेकर भी विवाद जारी है। हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी निरस्त कर भाजपा प्रत्याशी को विजेता घोषित किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी है। फिलहाल उन्हें राहत मिली है, हालांकि मामला अभी लंबित है।

 

More From Author

रणवीर सिंह के मुरीद हुए आमिर खान, उधर विंदू दारा सिंह ने नितेश तिवारी की ‘रामायण’ को बताया आदिपुरुष से बेहतर

अप्रैल के इस हफ्ते बनेगा गजकेसरी और बुधादित्य राजयोग का दुर्लभ संयोग, वृषभ और मिथुन समेत 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.