PMJAY के पैनल से 300 कैंसर विशेषज्ञ बाहर, मरीजों के लिए क्या होगा असर?

नई दिल्ली

देश भर में हर साल करीब 15 लाख कैंसर के मामले सामने आते हैं। यह संख्या किसी टू या थ्री टियर सिटी की कुल आबादी के जितनी है। भारत में कैंसर एक बड़े स्वास्थ्य संकट के तौर पर सामने आ रहा है। इस बीच कई राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सूची से सैकड़ों कैंसर स्पेशलिस्ट्स को ही बाहर कर दिया गया है। इससे देश में एक संकट पैदा हो सकता है और आम लोगों को कैंसर के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का भी सामना करना पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है।

ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन डॉक्टरों के पास पर्याप्त अनुभव और ट्रेनिंग तो है, लेकिन उनके पास नेशनल मेडिकल कमिशन से मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है। इन डिग्रियों में एमडी की डिग्री भी शामिल है। पैनल से हटाए गए डॉक्टरों को इस आधार पर बाहर किया गया है कि उन्होंने फेलोशिप लेकर प्राइवेट सेक्टर से प्रशिक्षण लिया है। इस पर डॉक्टरों का कहना है कि यह फैसला गलत है। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले तक ऑन्कोलॉजी के लिए फेलोशिप ही एक तरीका होती थी। तब कोई औपचारिक कोर्स नहीं होते थे।

यही नहीं आज भी डिग्रियां लेने के बाद इस बात को प्राथमिकता दी जाती है कि पोस्टग्रैजुएशन के बाद डॉक्टर किसी कैंसर अस्पताल में दो से तीन साल फेलोशिप पर काम करें। इस दौरान वे सर्जरी आदि के बारे में जानते हैं और उनकी पर्याप्त ट्रेनिंग होती है। यह फैसला खासतौर पर ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ा देगा, जो इलाज के लिए केंद्र सरकार की जन आरोग्य योजना के तहत बनने वाले आयुष्मान कार्ड पर निर्भर हैं। इस प्रकार कमजोर तबके के लोगों को ही करारा झटका लगेगा। बता दें कि भारत में पहले ही कैंसर के डॉक्टरों की कमी है। 2018 के एक अनुमान के मुताबिक देश में 10 लाख की आबादी पर एक कैंसर डॉक्टर है।

पैनल से बाहर होने वालों में कई नामी डॉक्टर भी शामिल
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक PM जन आरोग्य योजना के पैनल से जिन डॉक्टरों को बाहर किया गया है, उनमें कई नामी चिकित्सक भी हैं। कई तो कैंसर से जुड़े विभागों के हेड हैं। इसके अलावा कुछ डॉक्टर तो मेडिकल डायरेक्टर, टीचर और सीनियर सर्जन आदि भी हैं। देश भर में करीब 300 ऐसे डॉक्टरों के पैनल से हटने की बात सामने आ रही है।

देश में कुल 4000 ही कैंसर डॉक्टर और 300 बाहर
देश भर में कुल 4000 कैंसर डॉक्टर हैं और यदि उनमें से तीन को पीएम जन आरोग्य योजना के पैनल से ही बाहर कर दिया गया है तो यह बड़ा झटका है। इस फैसले से खासतौर पर टियर-टू और थ्री शहरों में मरीजों को बड़ा नुकसान होगा। यहां विकल्पों की पहले ही कमी रहती है और डॉक्टरों के एक वर्ग को पैनल से बाहर कर देने के बाद समस्या और बढ़ जाएगी।

More From Author

‘Stella Juva’ – दुनिया की पहली सोलर एंबुलेंस, पेट्रोल और बिजली के बिना चलेगी

कोर्ट का अहम फैसला: 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की मिली इजाजत, पति से रिश्ते में नहीं आया सामंजस्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.