नोएडा प्राधिकरण का ₹10,290 करोड़ का बजट, नई योजनाओं को मिली मंजूरी

नोएडा

नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए है.  इस बैठक में शहर के विकास, रियल एस्टेट, आम लोगों के सुविधाओं और वित्तीय योजनाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. इस बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की. बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। 

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बजट योजना तैयार कर ली गई है. इस बार करीब 10,290 करोड़ रुपये कमाने और 10,004 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है. अगर पिछले साल (2025-26) की बात करें, तो सरकार ने बहुत बड़ा लक्ष्य रखा था, लेकिन असलियत में केवल 6,589 करोड़ रुपये की ही कमाई हो पाई. पिछले साल की इस कमी को देखते हुए, इस बार के लक्ष्य ज्यादा व्यावहारिक रखे गए हैं। 

नोएडा के 50 साल पूरे होने के मौके पर प्राधिकरण ने हजारों परिवारों के घर का सपना पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. सरकार की नीतियों के चलते अब लंबे समय से अटकी 57 में से 36 हाउसिंग परियोजनाओं के काम में तेजी आने की उम्मीद है. इसी कड़ी में, बकाया भुगतान के विवादों को सुलझाने के लिए 'वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026' को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, जिसे शासन की अंतिम अनुमति के बाद लागू कर दिया जाएगा। .

स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट लेआउट पास
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के संशोधित लेआउट प्लान को भी पास कर दिया गया है. इन फैसलों से न केवल रुकी हुई स्कीमों को नई जिंदगी मिलेगी, बल्कि बरसों से पजेशन का इंतजार कर रहे लोगों को भी जल्द राहत मिल सकेगी. साथ ही पहले की बोर्ड बैठकों में लिए गए कुछ फैसलों को वापस भी लिया गया है, जिससे इस प्रोजेक्ट में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 
 
पानी के बकाया बिल पर ब्याज से परेशान लोगों को राहत देने के लिए प्राधिकरण ने 3 महीने की एमनेस्टी स्कीम शुरू करने का फैसला किया है. इसमें तय समय के भीतर भुगतान करने पर 20% से 40% तक ब्याज में छूट मिलेगी. यह योजना 16 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी. इसके अलावा, आवासीय और औद्योगिक प्लॉट्स में “मिश्रित उपयोग” की अनुमति देने का फैसला भी लिया गया है। 

यानी अब कुछ शर्तों के साथ एक ही प्लॉट पर अलग-अलग तरह के उपयोग किए जा सकेंगे, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा. उन लोगों के लिए भी राहत दी गई है, जिन्होंने वर्षों से अपने प्लॉट पर निर्माण नहीं कराया है. 12 साल से ज्यादा समय से निर्माण अधूरा छोड़ने वालों को अब 3 महीने का आखिरी मौका दिया जाएगा, जिसमें वे शुल्क देकर समय बढ़ा सकते हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फायर डिपार्टमेंट को भी बड़ा बजट दिया गया है. नोएडा में आग और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए करीब 154 करोड़ रुपये से नए उपकरण और मशीनें खरीदी जाएंगी। 

शहर की साफ-सफाई और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए रोज निकलने वाले करीब 100 टन ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना भी बनाई गई है. इसके लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे. वहीं, सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और ग्रीन गार्डन के रखरखाव और मरम्मत के लिए 107.77 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। 

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