सूर्य महाराज 14 अप्रैल 2026 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव मेष राशि में उच्च अवस्था में होते हैं और इसके अधिपति देव मंगल ग्रह हैं. ऐसा माना जाता है कि मेष राशि में सूर्य देव उच्च अवस्था में होते हैं इसलिए हम कह सकते हैं कि इस राशि में सूर्य ग्रह बहुत शक्तिशाली स्थिति में होते हैं.
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को उग्र ग्रह माना जाता है और जब यह मेष राशि में स्थित होते हैं. मेष राशि में सूर्य के आने से जातकों की बुद्धि तेज होती है. कई विषयों का अच्छा ज्ञान भी होता है. सूर्य मेष राशि में होने पर जातक योद्धा, सरकार से जुड़े क्षेत्रों जैसे सेना और पुलिस आदि में नेतृत्व संबंधित भूमिकाओं में सफलता प्राप्त करते हैं. ज्योतिषियों की मानें तो, सूर्य का यह गोचर कई राशियों के लिए अशुभ भी रहेगा. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य देव का यह गोचर बारहवें भाव में होने जा रहा है. जीवन में समस्याएं आ सकती हैं. करियर में सफलता पाने के लिए अनेक बार प्रयास करने पड़ सकते हैं. बेकार की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं. काफी धन खर्च हो सकता है. माता की सेहत आपके लिए चिंता का विषय हो सकती है. कुछ परिस्थितियों में अपने घर से दूर रहना पड़ सकता है. सरकार या प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. सेहत का ख्याल रखना होगा.
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रह बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं. इस दौरान किसी नियम का उल्लंघन न करें. किसी भी तरह की गलती से बचना होगा. स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. आपको सावधानी बरतने और समझदारी से काम लेना होगा. आर्थिक नुकसान हो सकता है.
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर ग्यारहवें भाव में होगा. आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर सकती हैं. अहंकार से जुड़े विवाद आपके रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं. आपके लिए धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा. आपको यात्रा के दौरान परेशानियां हो सकती हैं. व्यापार में भी कठिनाई का अनुभव हो सकता है. पेशेवर जीवन में अगर आप सतर्क रहकर काम करेंगे, तो आपको धन लाभ हो सकता है. मानसिक तनाव हो सकता है.
