कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी और कई विकास कार्यों का किया उद्घाटन

 
झालावाड़

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार को झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र पहुंचीं, जहां उन्होंने कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की, पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके एक बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज कर दी है।

पदयात्रा को लेकर क्या बोलीं वसुंधरा राजे
कामखेड़ा में आयोजित पदयात्रा को लेकर वसुंधरा राजे ने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि जब चुनाव नहीं है, तो पदयात्राएं क्यों की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पदयात्रा से आमजन के करीब जाने और उनकी छोटी-छोटी समस्याएं जानने का मौका मिलता है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी बस यात्राएं कर चुकी हैं और यह उनकी चौथे चरण की यात्रा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यात्रा के दौरान खान-पान का ध्यान रखें, कोई बीमार न पड़े और जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका समाधान प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा, पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी
वसुंधरा राजे मनोहरथाना स्थित प्रसिद्ध कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूजा के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और अपने सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

विकास कार्यों का किया जिक्र, बदली क्षेत्र की तस्वीर
अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि पहले मनोहरथाना पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सड़कों और सुविधाओं में सुधार के कारण क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि मनोहरथाना अब पिछड़ा क्षेत्र नहीं, बल्कि तेजी से विकास करने वाला इलाका बन गया है।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर के विकास पर जताई खुशी
उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार मंदिर आई थीं, तब केवल एक चबूतरे पर मूर्ति थी, लेकिन आज मंदिर भव्य स्वरूप ले चुका है और देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने मनोहरथाना क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में विधायक, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

बयान पर छिड़ी चर्चा
दोपहर बाद पदयात्रा के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर वसुंधरा राजे चर्चा में आ गईं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे काम होते रहते हैं, किसी को घर नहीं मिल रहा, किसी को पेंशन या मुआवजा नहीं मिल रहा। लोग उनसे शिकायत करते हैं, तो उन्होंने कहा कि “मेरे साथ भी ऐसा हुआ, मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं।” उन्होंने कहा कि “मेरा चला गया, मैं अपने आप को नहीं बचा सकी और लोग कहते हैं कि आप हमें बचा लीजिए।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

गढ़ पैलेस में ‘गागरोन दुर्ग गैलरी’ और सेल्फी पॉइंट का उद्घाटन
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय म्यूजियम में “गागरोन दुर्ग गैलरी” और गढ़ पैलेस के सामने बनाए गए आकर्षक “सेल्फी पॉइंट” का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खुद बैठकर सेल्फी भी ली। उन्होंने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है और इसे पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना जरूरी है।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
उन्होंने कहा कि “गागरोन दुर्ग गैलरी” जैसे प्रयास स्थानीय विरासत को संरक्षित करेंगे और देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय कला-संस्कृति को आधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत करने पर काम कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सके।

पर्यटन से रोजगार बढ़ेगा, महिलाओं की अहम भूमिका
वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में पर्यटन को आगे बढ़ाने में सभी लोग सहयोग कर रहे हैं, खासकर महिलाएं भी इसमें भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन का मतलब सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि इससे रोजगार और नौकरी के अवसर भी बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि झालावाड़ की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।

गागरोन दुर्ग गैलरी: इतिहास को मिला नया रूप
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पंच गौरव योजना के तहत राजकीय संग्रहालय में “गागरोन दुर्ग गैलरी” विकसित की गई है। इस गैलरी में गागरोन दुर्ग के प्रमुख स्थलों जैसे गणेश पोल, संत मिट्ठेशाह की दरगाह, नक्कारखाने का द्वार, लाल दरवाजा, जौहर कुंड, रानियों का महल, द्वारकाधीश मंदिर, भैरवपोल, कटार देव की छतरी, अचलदास खींची का खांडा, जल संरचनाएं, मधुसूदन मंदिर, खींची राजाओं का महल, कृष्ण द्वार, राम बुर्ज, अंधेरी बावड़ी और गणगौर घाट की जानकारी और चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। गैलरी का मुख्य आकर्षण बीच में बना गागरोन दुर्ग का भव्य मॉडल है, जो पर्यटकों को किले के अंदर होने जैसा अनुभव देता है।

More From Author

रायपुर : दो सिंचाई योजना के लिए 6.12 करोड़ रुपये स्वीकृत

रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर, पुतिन का बड़ा ऐलान; शांति का दौर कितने दिन चलेगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.