Day: May 18, 2026

  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को किया नमन

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को किया नमन

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की आत्मीय मुलाकात

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को किया नमन

    शहीद जवानों के परिवारों के बीच बैठकर केंद्रीय गृहमंत्री ने बंधाया ढांढस, हरसंभव सहयोग का दिलाया भरोसा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों के अदम्य साहस को किया नमन

    रायपुर 
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान आज जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर माओवाद के विरुद्ध संघर्ष में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले एक हजार से अधिक अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित थे । 

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की धरती पर शांति, सुरक्षा और विकास स्थापित करने में हमारे जवानों का बलिदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों का त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने, विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और माओवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजापुर नक्सली हमले में शहीद हुए जवान कालेन्द्र प्रसाद नायक एवं पवन कुमार मंडावी के परिजनों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने परिवारजनों के बीच बैठकर उनका दुख साझा किया, ढांढस बंधाया तथा सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों के जवानों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साहस एवं समर्पण की सराहना की।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें सुरक्षाबलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

  • लू और गर्मी से बचाएगी सत्तू की छाछ, जानें देसी सुपर ड्रिंक की रेसिपी

    लू और गर्मी से बचाएगी सत्तू की छाछ, जानें देसी सुपर ड्रिंक की रेसिपी

    इन दिनों सूरज की तपिश और झुलसाने वाली गर्मी और लू ने लोगों का हाल बेहाल किया हुआ है. कड़कती धूप और उमस के कारण शरीर का हाइड्रेशन लेवल तेजी से गिरता है जिससे थकान, चक्कर आना और पेट में जलन-एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में बहुत से लोग सुबह नाश्ते में चाय या हैवी पराठे खा लेते हैं जो पेट की गर्मी को और बढ़ा देते हैं.

    अगर आप इस चुभती-जलती गर्मी से खुद को बचाना चाहते हैं तो सुबह के नाश्ते में सत्तू की नमकीन छाछ को जरूर शामिल करें. भुने चने से बना सत्तू जहां प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस है. वहीं छाछ यानी मट्ठा पेट के लिए बेहतरीन प्रोबायोटिक का काम करती है. इन दोनों का यह देसी और पारंपरिक मेल न केवल आपके पेट को अंदर से बर्फ जैसी ठंडक पहुंचाता है बल्कि भयंकर लू और डिहाइड्रेशन से लड़ने के लिए दिनभर शरीर को भरपूर एनर्जी भी देता है.

    सत्तू की छाछ बनाने के लिए सामग्री
    भुने चने का सत्तू – 3 बड़े चम्मच

    ताजा दही या मट्ठा (छाछ) – 1 बड़ा गिलास

    ठंडा पानी – आधा गिलास (अगर दही का इस्तेमाल कर रहे हैं)

    पुदीने के पत्ते – 8-10 (बारीक कटे या क्रश किए हुए)

    हरी मिर्च – 1 छोटा चम्मच (बारीक कटी हुई, वैकल्पिक)

    भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच

    काला नमक – आधा छोटा चम्मच

    नींबू का रस – 1 चम्मच

    बर्फ के टुकड़े

    बनाने का तरीका
    अगर आप दही ले रहे हैं तो एक बड़े बर्तन या ब्लेंडर जार में दही और थोड़ा पानी डालकर उसे अच्छी तरह मथ लें ताकि वो पतला होकर छाछ की तरह बन जाए. अगर आप छाछ ले रहे हैं तो उसे फेंटने की जरूरत नहीं है.

    अब छाछ में 3 बड़े चम्मच सत्तू डालें. मथनी या व्हिस्कर की मदद से इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि सत्तू की कोई गुठली न रहे और यह पूरी तरह स्मूदी जैसा एकसार हो जाए.

    इस गाढ़े घोल में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, बारीक कटे पुदीने के पत्ते, हरी मिर्च और नींबू का रस डालकर एक बार फिर अच्छी तरह मिक्स कर लें.

    अब एक सर्विंग ग्लास में 2-3 आइस क्यूब्स डालें और ऊपर से तैयार सत्तू की छाछ पलटें. ऊपर से थोड़े से भुने जीरे और पुदीने की पत्ती से सजाकर सुबह नाश्ते के साथ या धूप में निकलने से ठीक पहले इसका आनंद लें.

  • रिवरफ्रंट से स्पोर्ट्स हब तक: गोमती तट पर 2035 तक बदल जाएगी राजधानी की तस्वीर

    रिवरफ्रंट से स्पोर्ट्स हब तक: गोमती तट पर 2035 तक बदल जाएगी राजधानी की तस्वीर

    लखनऊ

    दिल्ली से जुड़े जिलों को लेकर बने एनसीआर की तर्ज पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपी एससीआर) की प्रस्तावित योजना में लखनऊ में गोमती नदी के किनारे पर बड़े स्तर पर विकास का खाका तैयार किया गया है। इस योजना के तहत गोमती तट को केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पर्यटन, संस्कृति, वेलनेस और सार्वजनिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। योजना को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें राष्ट्र प्रेरणा स्थल से लेकर इकाना स्टेडियम तक गोमती किनारे आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    पहले चरण में बनेगा सांस्कृतिक और हेरिटेज कॉरिडोर: योजना के पहले चरण को वर्ष 2027 से 2032 तक लागू करने का प्रस्ताव है। इसमें एनएच-230 से आचार्य नरेंद्रदेव मार्ग तक करीब 11.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का विकास किया जाएगा। इस हिस्से में प्रेरणा स्थल और आसपास के क्षेत्रों को सिटी फॉरेस्ट व सांस्कृतिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार यहां हेरिटेज प्रोमेनेड, कल्चरल प्लाजा, ओपन एयर एग्जीबिशन स्पेस, स्कल्पचर गार्डन और मेमोरी वॉल बनाई जाएंगी।

    इसके अलावा सांस्कृतिक घाट, इंटरप्रेटिव पाथवे, रिवर डेक, फ्लोटिंग फाउंटेन और वाटर गार्डन जैसी सुविधाएं भी विकसित होंगी। रात के समय आकर्षण बढ़ाने के लिए सॉफ्ट और नॉन-इंट्रूसिव लाइट एंड साउंड जोन भी बनाए जाएंगे। योजना में यह भी प्रस्तावित है कि गोमती नदी के किनारे ऐसे सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएं जहां लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और मनोरंजन गतिविधियां कर सकें। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    वेलनेस और स्पोर्ट्स हब बनेगा गोमती तट
    योजना का दूसरा चरण वर्ष 2030 से 2035 तक लागू किया जाएगा। इसमें एनएच-24 से आउटर रिंग रोड तक करीब 7.75 किमी क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इस हिस्से में वेलनेस एंड सस्टेनेबिलिटी पार्क और ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां इंडोर स्पोर्ट्स एरिया, ओपन प्लेइंग कोर्ट, स्टार गेजिंग एरिया, ईको ट्रेल्स व प्रोमेनेड बनाए जाएंगे। गोमती बैराज, लोहिया पथ व इकाना स्टेडियम के आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक रिवरफ्रंट सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। आधुनिक वॉकिंग जोन व हरित क्षेत्र विकसित करने पर विशेष जोर है।

    अशोक मार्ग से हनुमान सेतु तक विशेष कनेक्टिविटी
    योजना में अशोक मार्ग, हनुमान सेतु, गोमती बैराज और लोहिया पथ को जोड़ते हुए एकीकृत रिवर कॉरिडोर विकसित करने का भी प्रस्ताव शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी और गोमती तट राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल हो जाएगा।

    अनूपगंज आरओबी के सभी पिलर बने, डेक का काम शुरू
    दूसरी ओर, गोसाईगंज-मोहनलालगंज के बीच लखनऊ-सुल्ताननपुर रेल खंड पर स्थित अनूपगंज रेलवे क्रासिंग पर बनाए जा रहे ओवर ब्रिज के सभी पिलर तैयार कर लिए गए हैं। डेक निर्माण के लिए इनके ऊपर बेस भी बना दिए गए हैं। अब बलियाखेड़ा की तरफ से डेक(ब्रिज के ऊपर का सड़क वाला हिस्सा) बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे क्रासिंग के पास का ब्रिज का ढांचा नहीं खड़ा किया गया है। इसे गर्डर रखने की प्रक्रिया शुरू करने के कुछ महीनों पहले ही तैयार किया जाएगा।

    अनूपगंज आरओबी गोसाईगंज की तरफ से बलिया खेड़ा के पास से शुरू शुरू होगा और मोहनलालगंज की तरफ शिवलर के पास उतरेगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज के नीचे दोनों तरफ सर्विस लेन भी बनेगा। कुछ स्थानों पर सर्विस लेन के लिए भूमि अधिग्रहण चल रहा है। ब्रिज निर्माण कार्य में अभी तक 58% की प्रगति है।

    रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं: लखनऊ-सुल्तानपुर रेल खंड पर स्थित अनूपगंज क्रासिंग से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। क्रासिंग से रोजाना 30 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। गेट बंद होने पर यहाँ 30 से 45 मिनट का लंबा जाम लगता है। इसी समस्या के समाधान के लिए शासन ने यहां रेलवे ओवर ब्रिज को मंजूरी दी है।
    तीन लाख लोगों को लाभ

    आरओबी के बनने से गोसाईगंज, मोहनलालगंज समेत आसपास के दो दर्जन से अधिक इलाकों और कॉलोनियों में रहने वाली तीन लाख से ज्यादा की आबादी को सीधे तौर पर आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी।

  • चेट्टीनाड स्टाइल मसालेदार कच्चे केले की सब्जी, स्वाद में जबरदस्त

    चेट्टीनाड स्टाइल मसालेदार कच्चे केले की सब्जी, स्वाद में जबरदस्त

     गर्मियों में ज्यादा घरों में भिंडी, लौकी और तोरी की सब्जी बनती है, जिन्हें खाकर लोग अक्सर बोर होने लगते हैं. अगर आपको भी रोज-रोज आलू, भिंडी या लौकी की सब्जी खाना बोरिंग लगता है, तो आप इस गर्मी साउथ इंडिया की मशहूर चेट्टीनाड स्टाइल कच्चे केले की मसालेदार सब्जी ट्राई कर सकते हैं. मशहूर शेफ संजीव कपूर ने इस रेसिपी को बेहद आसान तरीके से तैयार किया है. इस डिश की खास बात इसका तीखा, मसालेदार और हल्का खट्टा स्वाद है, जो खाने का मजा दोगुना कर देता है.

    कच्चे केले से बनी ये सब्जी बाहर से मसालेदार और अंदर से नरम होती है. इसमें इस्तेमाल किया जाने वाला करी पत्ता, सौंफ, मेथी और इमली इसे बिल्कुल अलग स्वाद देता है. खास बात ये है कि शेफ संजीव कपूर ने ये सब्जी कम तेल में बनानी सिखाई है. इसे आप रोटी, पराठा या चावल किसी के साथ भी खा सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं चेट्टीनाड स्टाइल कच्चे केले की मशहूर सब्जी.

    इंग्रेडिएंट्स:
        2 मीडियम साइज कच्चे केले
        स्वादानुसार नमक
        1/4 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
        1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        2 बड़े चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
        5 चम्मच तेल
        1 मीडियम प्याज (बारीक कटा हुआ)
        1 मीडियम टमाटर (कटा हुआ)
        1 चुटकी मेथी दाना
        1 चुटकी सौंफ
        15-20 करी पत्ते
        2 छोटे चम्मच धनिया-जीरा पाउडर
        2 छोटे चम्मच इमली का गूदा
        आधा कप पानी

    बनाने का तरीका:
    1. सबसे पहले कच्चे केलों को छीलकर मोटे गोल टुकड़ों में काट लें. अब इन्हें एक बाउल में डालें और उसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और अदरक-लहसुन पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह कोट कर लें.

    2. इसके बाद एक नॉनस्टिक पैन में तेल गर्म करें और केले के टुकड़ों को हल्का गोल्डन होने तक भून लें. इससे केले का स्वाद और भी बढ़ जाता है.

    3. अब दूसरी कड़ाही में तेल गर्म करें. इसमें मेथी दाना, सौंफ और करी पत्ता डालें. जैसे ही खुशबू आने लगे, इसमें प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें.

    4. जब प्याज अच्छे से भुन जाए तब उसमें अदरक-लहसुन पेस्ट और कटे हुए टमाटर डालकर अच्छे से पकाएं. अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और धनिया-जीरा पाउडर डालें. थोड़ा पानी डालकर मसाले को अच्छी तरह पकने दें.

    5. जब मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाए और थोड़ा तेल छोड़ने लगे, तब उसमें भूने हुए केले डालें. अब इमली का गूदा मिलाएं और धीरे-धीरे सब कुछ मिक्स करें.

    6. आंच धीमी करके कड़ाही को ढक दें और 1-2 मिनट तक पकने दें ताकि मसाले का स्वाद केले में अच्छी तरह समा जाए.

    7. ये मसालेदार कच्चे केले की सब्जी स्वाद में इतनी लाजवाब लगती है कि इसे खाने के बाद लोग चिकन या मटन जैसी डिश भी भूल सकते हैं. अगर आप कुछ नया और अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो ये चेट्टीनाड स्टाइल रेसिपी जरूर बनाएं.

  • सफर होगा आसान और तेज, रायपुर-बलौदाबाजार फोरलेन परियोजना का DPR तैयार

    सफर होगा आसान और तेज, रायपुर-बलौदाबाजार फोरलेन परियोजना का DPR तैयार

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में रायपुर से बलौदा बाजार और सारंगढ़ तक जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिल सकती है. रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार कर लिया गया है. नेशनल हाईवे विभाग लगभग 1500 करोड़ रुपए की लागत से इस प्रोजेक्ट पर खर्च करेगा.

    दो फेज में फोनलेन चौड़ीकरण का काम किया जाएगा. इससे 1 से सवा घंटे तक लोगों के समय की बचत होगी. जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में धनेली से पुराना विधानसभा तक 11.610 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा. इस हिस्से के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर सड़क फोरलेन बनेगी, जिस पर 1050 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

    परियोजना के तहत सड़क को केवल फोरलेन ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि कई हिस्सों में सर्विस लेन भी तैयार की जाएगी. इसके अलावा चार बड़े फ्लाईओवर और कई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे शहर और गांवों के बीच यातायात अधिक सुगम हो सकेगा. रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग फोरलेन बनने से जाम और हादसे कम होंगे. भारी वाहनों के लिए अलग लेन मिलेगी. सीमेंट उद्योग को फायदा होगा, माल परिवहन आसान होगा और स्थानीय व्यापार-रोजगार बढ़ने की संभावना है.

    यहां बनेंगे ओवरब्रिज
    नरदहा चौक पर 200 मीटर हिस्से को छोड़कर सिक्स लेन फ्लाईओवर और धनेली चौक पर पुराने ब्रिज को तोड़कर फ्लाईओवर, धनेली गांव में नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. टेकारी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और बरौदा गांव में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा.

    दिल्ली भेजी गई ड्राइंग डिजाइन
    नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर ज्ञानेश्वर कश्यप ने कहा कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण दो चरणों में होगा. इसके लिए 1500 करोड़ रुपए का डीपीआर तैयार हो चुका है. पूरी ड्राइंग डिजाइन दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी. यदि किसी सुधार की आवश्यकता होगी तो उसे किया जाएगा, अन्यथा जल्द ही चौड़ीकरण शुरू होगा.

  • रिश्तों और जीवन को मजबूत बनाने के लिए चाणक्य के ये अनमोल सूत्र

    रिश्तों और जीवन को मजबूत बनाने के लिए चाणक्य के ये अनमोल सूत्र

     आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस दुनिया में जिसे लोग 'प्रेम' का नाम देते हैं, वह दरअसल एक युद्ध क्षेत्र की तरह है. बिल्कुल वैसा ही, जैसे दो सेनाएं आमने-सामने खड़ी हों. फर्क सिर्फ इतना है कि इस युद्ध में तलवार नहीं, बल्कि भावनाओं का आमना सामना होता है. और इस युद्ध की सबसे कठिन, सबसे जटिल लड़ाई एक स्त्री और एक पुरुष के बीच हर रोज, हर घर में होती है.

    अब इस बात को सुनकर आप कहेंगे कि चाणक्य बहुत कठोर हैं. प्रेम तो समर्पण और सच्चाई है. लेकिन चाणक्य नीति कहती है कि, 'अगर जहर का प्याला भी पीना पड़े, तो ऐसे पियो कि देखने वाला समझे कि तुम अमृत पी रही हो. यानी, तुम्हारी कमजोरी किसी को नहीं पता चलनी चाहिए चाहे वह तुम्हारा पति ही क्यों न हो. तो आइए जानते हैं वो 5 बातें, जिन्हें चाणक्य नीति के अनुसार हर स्त्री को अपने पति से छिपाकर रखना चाहिए. यह धोखा नहीं, बल्कि आत्मरक्षा है.

    1. मायके की कमजोरियां कभी उजागर न करें
    चाणक्य के अनुसार, 'अपने घर की नींव को कमजोर मत दिखाओ. कई महिलाएं अपने पति को अपने मायके की आर्थिक या पारिवारिक समस्याएं खुलकर बता देती हैं. शुरुआत में यह सामान्य लगता है, लेकिन समय बदलने पर यही बातें हथियार बन सकती हैं. जब रिश्ते में कड़वाहट आती है, तो वही कमजोरियां ताने बनकर सामने आती हैं. इसलिए अपनी पृष्ठभूमि को हमेशा सम्मानजनक बनाए रखें.

    2. अतीत को अतीत ही रहने दें
    चाणक्य कहते हैं कि घाव को बार-बार मत कुरेदो, वरना वह कभी नहीं भरेगा. अपने पुराने रिश्ते, गलतियां या दर्दनाक अनुभव हर बात में साझा करना जरूरी नहीं है. अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि सच बताने से रिश्ता मजबूत होगा, लेकिन कई बार यह असुरक्षा पैदा कर देता है. इसलिए अपने अतीत को वहीं रहने दें, जहां वह है.

    3. अपना गुप्त धन जरूर रखें
    चाणक्य का स्पष्ट कहना है कि विपत्ति में धन ही काम आता है. हर स्त्री के पास अपनी बचत या आर्थिक सुरक्षा होनी चाहिए, जिसकी जानकारी हर किसी को न हो. यह धोखा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का प्रतीक है. पूरी तरह आर्थिक निर्भरता, सम्मान को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है.

    4. अपनी लाचारी को पहचान न बनाएं
    चाणक्य कहते हैं कि दुनिया ताकत को सलाम करती है, कमजोरी को नहीं. बीमारी या दर्द को बार-बार जाहिर करना व्यक्ति की छवि को कमजोर बना सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि इलाज न कराएं, बल्कि अपनी पीड़ा को अपनी पहचान न बनाएं. मजबूती और संयम ही व्यक्ति को सम्मान दिलाते हैं.

    5. अपने डर को कभी जाहिर न करें
    चाणक्य के अनुसार, सबसे बड़ी ताकत है अपनी भावनाओं पर नियंत्रण. अगर किसी को आपके सबसे बड़े डर का पता चल जाए, तो वह आपकी कमजोरी बन सकता है. इसलिए अपने डर को पहचानें, स्वीकार करें, लेकिन उसे किसी के सामने उजागर न करें. यही आत्मबल आपको मजबूत बनाता है.

    याद रखें
    शक्ति हमेशा रहस्य में छिपी होती है. और जो अपने रहस्यों को संभालना जानता है, वही जीवन की असली बाजी जीतता है.

  • गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

    गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा

    गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

    अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार

    नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध

    रायपुर
     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।

    समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं। 

    वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है ।

    उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी । 

    अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुविजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।
    गृह मंत्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: पंचायत चुनाव, मेट्रो विस्तार और मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी

    योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: पंचायत चुनाव, मेट्रो विस्तार और मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर रहा। इसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है।

    'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को हरी झंडी
    उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी (OBC) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' (Dedicated OBC Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल छह महीने होगा।

    लोकतंत्र सेनानियों को मिला 'कैशलेस इलाज' का ऐतिहासिक तोहफा
    आपातकाल (इमरजेंसी) के खिलाफ लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन करने वाले उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। कैबिनेट ने इन्हें 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' के दायरे में लाते हुए शत-प्रतिशत कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब इन्हें और इनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

    लखनऊ-आगरा मेट्रो के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर मुहर
    राजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा के मेट्रो नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए दो बड़े फैसलों को मंजूरी मिली है। लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले मेट्रो के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (East-West Corridor) के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे को कैबिनेट ने स्वीकृत कर लिया है।

    आगरा में कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) के तहत मेट्रो स्टेशनों और वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण (Land Transfer) के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है।

    स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के अन्य अहम फैसले
    तीन नए मेडिकल कॉलेज: प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए हाथरस, बागपत और कासगंज जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति मिल गई है।

    समुदाय परियोजना का विस्तार: ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल (HCL) फाउंडेशन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चल रही 'समुदाय परियोजना' को अगले 5 साल के लिए और बढ़ा दिया गया है।

    कौशल विकास: वस्त्रोद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) में रोजगार और युवाओं के हुनर को बढ़ावा देने के लिए नई कौशल विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

    नियम प्रणालियों और वित्तीय ढांचों में बड़े सुधार
    कैबिनेट ने प्रशासनिक और वित्तीय पारदर्शिता के लिए कई संशोधनों को भी पास किया है।यूपीपीएससी परिसीमन के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के कृत्यों के परिसीमन में बदलाव करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    परिवहन विभाग को राहत: यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स को रेशनलाइज (तर्कसंगत) करने पर मुहर लगी, जिससे रोडवेज की माली हालत सुधरेगी।

    जन्म-मृत्यु पंजीकरण: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी नई नियमावली को स्वीकृत किया गया है।

    वित्तीय प्रस्ताव: ऊर्जा विभाग द्वारा केनरा बैंक से निकाली गई 1500 करोड़ रुपये की राशि के कार्येत्तर इस्तेमाल के प्रस्ताव को कार्योत्तर मंजूरी दी गई। इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम और वर्ष 2007 में जारी राज्य प्रतिभूतियों के जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन के प्रस्तावों को भी पास किया गया।

  • ‘जनता दर्शन’ में आए आमजनों से मिले सीएम योगी, हर आगंतुक की सुनीं समस्या

    ‘जनता दर्शन’ में आए आमजनों से मिले सीएम योगी, हर आगंतुक की सुनीं समस्या

    जनता दर्शन

    जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्पः मुख्यमंत्री 

    ‘जनता दर्शन’ में आए आमजनों से मिले सीएम योगी, हर आगंतुक की सुनीं समस्या 

    अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्या निस्तारण का दिया निर्देश 

    मुख्यमंत्री से मिलने बिहार से पहुंचीं एक महिला, सीएम योगी ने किया अभिवादन

    भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें, परिवार का रखें विशेष ध्यान: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यस्ततम दिनचर्या के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों से मिले और हर किसी की समस्या सुनी। मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्प है। आपकी हर उचित समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्याओं के निस्तारण का भी निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में बिहार से भी एक महिला मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं, मुख्यमंत्री ने उनका अभिवादन कर कुशलक्षेम पूछा। 

    डीएम-एसपी स्वयं कराएं समस्या का समाधान 
    मुख्यमंत्री ने सभी के प्रार्थना पत्र लेने के उपरांत सम्बंधित जनपदों के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक स्वयं मामलों पर नजर रखें और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। 

    हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान सरकार की प्रतिबद्धता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि पूरी तत्परता व संवेदनशीलता से सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सभी को न्याय मिले। हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।

    महाराज जी प्रणाम! कवनो दिक्कत नाही बा, बस आपके दर्शन करेके रहल 
    ‘जनता दर्शन’ में सीएम योगी की प्रशंसक एक महिला बिहार से आई थीं। मुख्यमंत्री सभी की समस्या सुनते हुए उनके पास भी पहुंचे। पूछा कि कहां से आई हैं, आपको क्या परेशानी है। इस पर महिला ने कहा- महाराज जी, प्रणाम। हम बिहार से आइल बानी। हमके कवनो दिक्कत नाही बा। बस आपके दर्शन करेके रहल, त आ गइलीं। इस पर सीएम योगी ने उनका अभिवादन किया, फिर कहा कि गर्मी बहुत पड़ रही है। इस भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें और परिवार के सभी लोगों का भी विशेष ध्यान रखें।

  • श्रद्धालुओं को बड़ा झटका, खराब स्वास्थ्य के चलते प्रेमानंद महाराज ने रोकी पदयात्रा

    श्रद्धालुओं को बड़ा झटका, खराब स्वास्थ्य के चलते प्रेमानंद महाराज ने रोकी पदयात्रा

    वृंदावन

    वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के चलते उनकी पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। साथ ही उनके एकांतिक दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। जिसके बाद देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं में मायूसी छा गई। रविवार देर रात बड़ी संख्या में भक्त महाराजजी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे, लेकिन रोजाना की तरह तड़के 3 बजे प्रेमानंद महाराज पदयात्रा पर नहीं निकले। उनकी जगह आश्रम के शिष्य पहुंचे और लाउडस्पीकर के जरिए श्रद्धालुओं को जानकारी दी।

    किडनी की बीमारी से जूझ रहे प्रेमानंद जी महाराज
    शिष्यों ने बताया कि महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए आज से पदयात्रा स्थगित की जा रही है। साथ ही भक्तों से सड़क किनारे भीड़ न लगाने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। घोषणा के बाद श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए लौटना पड़ा। केली कुंज आश्रम के अनुसार संत प्रेमानंद महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य में अचानक आई परेशानी के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें आराम दिया जा रहा है।

    पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
    हालांकि आश्रम की ओर से यह नहीं बताया गया है कि पदयात्रा और दर्शन दोबारा कब शुरू होंगे। महाराजजी के दर्शन न होने से भक्त भावुक नजर आए। श्रद्धालु उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज रोजाना तड़के केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सौभरी वन जाते हैं। उनकी पदयात्रा में शामिल होने और दर्शन पाने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त आते हैं।

    प्रेमानंद महाराज का जन्म यूपी के कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। तीन भाई हैं जिसमें प्रेमानंद मंझले हैं। बचपन में प्रेमानंद जी का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वह बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। और कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज से गुरुदीक्षा ली। फिर वह मथुरा आ गए।

    प्रेमानंद के शिष्य हैं कई कई सेलिब्रिटी
    आपको बता दें प्रेमानंद जी महाराज के बचपन का नाम अनिरुद्ध पांडेय हैं। 13 साल की उम्र में उन्होने संन्यास ले लिया था। यूट्यूब पर प्रेमानंद के 76 लाख, इंस्टाग्राम पर 2.4 करोड़ और फेसबुक पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटी प्रेमानंद के शिष्य हैं। जिनमें क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा, आशुतोष राणा, हेमा मालिनी, रतन राजपूत, मीका सिंह समेत कई लोग शामिल हैं।