MP में गेहूं खरीदी केंद्रों पर टेंट, बैठने की व्यवस्था, पानी, पंखे, तौल मशीन और कंप्यूटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई

भोपाल

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें रोजगार के साधन मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने इस साल भी गेहूं उपार्जन केंद्रों पर न्यूनतम मूल्य पर गेहूं के उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी तय करने का फैसला किया है। गेहूं का उपार्जन 15 मार्च से शुरू हो चुका है जो 5 मई तक जारी रहेगा , उपार्जन के लिए पंजीयन चल रहा है जो 31 मार्च तक चलेगा।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को कार्य देने का प्रावधान उपार्जन नीति में किया गया है।  राजपूत ने बताया है कि महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

एक साल पहले का हो पंजीयन

उन्होंने शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों का एक वर्ष पूर्व (एक जनवरी, 2025 की स्थिति में) का पंजीयन होना चाहिए। महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों के बैंक खाते में न्यूनतम 2 लाख रुपये जमा हों। समूह द्वारा पिछले एक वर्ष में नियमित रूप से  बैठकों का आयोजन किया गया हो।

सभी सदस्य/पदाधिकारी महिला होना चाहिए

सबसे महत्वपूर्ण शर्त ये है कि समूह में समस्त सदस्य/पदाधिकारी महिलाएं हो। विगत वर्षों में उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता नहीं की गयी हो,  महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अनुशंसा जरूरी है।

ये हैं आवश्यक दस्तावेज

समूहों को पंजीयन प्रमाण-पत्र, पिछले 6 माह के बचत खाते का बैंक स्टेटमेंट, पिछले 3 माह की बैठकों का कार्यवाही विवरण और आवश्यक राशि की उपलब्धता का प्रमाण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे। उपार्जन कार्य के लिए महिला स्व-सहायता समूहों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा।

महिलाओं की भागीदारी के लिए क्या हैं नियम?

महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर निर्देश जारी कर दिये गये हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों का एक वर्ष पूर्व (एक जनवरी, 2025 की स्थिति में) का पंजीयन होना चाहिए. महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों के बैंक खाते में न्यूनतम 2 लाख रूपये जमा हों. समूह द्वारा विगत एक वर्ष में नियमित रूप से बैठकों का जायोजन किया गया हो. समूह में समस्त सदस्य/पदाधिकारी महिलाएं हो. विगत वर्षों में उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता नहीं की गयी हो और महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अनुशंसा जरूरी है.

ये मिलेगा मानदेय

महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य के लिये विभाग द्वारा उपार्जन एवं पंजीयन की अवधि के लिये कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय दिया जायेगा। साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय भी दिये जायेंगे। गेहूँ की खरीदी के लिये 2648 उपार्जन केन्द्र बनाये जा चुके हैं।

2600 रुपये क्विंटल MSP पर हो रही गेहूं की खरीद  

आपको बता दें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीदी 15 मार्च से शुरू हो चुकी है ये खरीदी 5 मई तक की जायेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  के निर्देश पर मप्र सरकार किसानों को 175 रुपये प्रति क्विटल बोनस भी दे रही है। इसलिए इस बार सरकार 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है।

31 मार्च 2025 तक होगा पंजीयन

मंत्री ने कहा किसानों को गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग करनी होगी। जिन किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, वे 31 मार्च 2025 तक करवा सकते हैं। उन्होंने बताया खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए टेंट, बैठने की व्यवस्था, पानी, पंखे, तौल मशीन और कंप्यूटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गेहूं की साफ-सफाई के लिये क्लीनिंग मशीन भी लगाई जा रही है।

ये डॉक्यूमेंट हैं जरूरी

समूहों को पंजीयन प्रमाण-पत्र, विगत 6 माह के बचत खाते का बैंक स्टेटमेंट, विगत 3 माह की बैठकों का कार्यवाही विवरण और आवश्यक राशि की उपलब्धता का प्रमाण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे. उपार्जन कार्य के लिए महिला स्व-सहायता समूहों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा. महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य के लिये विभाग द्वारा उपार्जन एवं पंजीयन की अवधि के लिये कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय दिया जायेगा. साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय भी दिये जायेंगे.

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