AWACS सिस्टम होता क्या है, जिसे भारत ने तबाह कर दिया, पाकिस्तान कैसे करता है इसे इस्तेमाल

नईदिल्ली

भारत ने पाकिस्तान की नापाक हरकत का जवाब देते हुए जबरदस्त कार्रवाई की है। इस जवाबी हमले में पाकिस्तान का पूरा एयर डिफेंस सिस्टम, चार फाइटर जेट्स और एक हाईटेक AWACS तबाह कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह AWACS होता क्या है और कैसे काम करता है। अगर हम इसकी कार्यप्रणाली को समझ लें, तो समझ सकते हैं कि पाकिस्तान ने क्या खोया है।

क्या होता है AWACS?

AWACS का पूरा नाम Airborne Warning and Control System होता है। AWACS एक खास तरह का विमान होता है जिसके ऊपर एक बड़ा गोल रडार लगा होता है। यह रडार बहुत दूर तक काम करता है और दुश्मन के हवाई जहाज, ड्रोन, हेलिकॉप्टर, मिसाइल, और कभी-कभी जमीन पर चल रही गतिविधियों को भी पकड़ सकताहै। इसे "आसमान से देखने वाली आंख" भी कह सकते हैं। इसका काम सिर्फ नजर रखना नहीं बल्कि अपने बाकी लड़ाकू विमानों को दिशा बताना और दुश्मन की स्थिती की जानकारी देना भी होता है।

कैसे काम करता है AWACS?

बता दें कि एक AWACS विमान में लगा रडार 360 डिग्री में घूम सकता है और कई सौ किलोमीटर की दूरी तक देख सकता है। यह दुश्मन के विमानों को बहुत आसानी से पहचान लेता है। इसे किसी भी देश की सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में AWACS के तबाह होने को डिफेंस के लिहास से बड़ी शति माना जा सकता है।

AWACS के जरूरी काम

AWACS का सबसे पहला और मुख्य काम हवाई निगरानी करना यानी आसमान में क्या हो रहा है, कौन उड़ रहा है, कहां से उड़ रहा है और कहां जा रहा है, यह सब देखना होता है। यह अपने आस-पास के लड़ाकू विमानों को निर्देश देने का काम भी करता है। इससे जंग के दौरान फाइटर विमान समझ पाते हैं कि कब कहा. जाना है, किसे रोकना है, और किस पर हमला करना है। इसके अंदर एक ऑपरेटर टीम मौजूद होती है जो कंप्यूटर स्क्रीन पर सब कुछ देखती और समझती रहती है। यह फाइटर जेट्स जैसे कि F-16 को रेडियो या डाटा लिंक के जरिए सीधे निर्देश भेज सकता है। इतना ही नहीं AWACS दुश्मन के विमानों से निकलने वाले रेडियो सिग्नल, रडार तरंगों और संचार संकेतों को पकड़ सकता है। इससे वह पता लगा सकता है कि दुश्मन कौन से हथियार एक्टिवेट कर रहा है। इससे वह यह योजना बना पाता है कि किस विमान को टारगेट करना है और किस फाइटर विमान को मिशन पर भेजना है।

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