महू में ब्राह्मण बेटी को फंसाने का खौफनाक मामला, भगवान की मूर्तियां फेंकी, बच्चों पर रोजा रखने का दबाव

महू

मध्य प्रदेश के महू की एक महिला ने कई सालों तक जुल्म सहने के बाद चुप्पी तोड़ी है। उसने जो दर्द उजागर किया है वह झकझोरने वाला है। लड़की ने बताया है कि किस तरह पहले 'बहन' कहकर उससे दोस्ती की गई, धोखे से रेप किया गया, पहले शादी और फिर निकाह किया गया। फिर धर्म बदलवा गया और जंजीरों में बांधकर उसे मारा-पीटा जाता रहा। उस पर जुल्म की सारी हदें पार कर दी गईं। अब पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

28 साल की युवती की शिकायत पर महू पुलिस ने संजय खान पिता बाबू खान, नाहरु खान, शेरो बी पति बाबू खान, बाबू खान पिता अहमद खान चारों निवासी आलोट जिला रतलाम और राज खान निवासी दावतखेड़ी मंदसौर के खिलाफ दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन सहित आधा से ज्यादा धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि वह 2013 में राऊ स्थित एक निजी कंपनी में काम करती थी। वहीं पर उसकी मुलाकात संजय से हुई थी। तब उसने अपना पूरा नाम संजय कुमावत बताया था।

क्रिश्चियन एमिनेंट स्कूल और कॉलेज का संचालक समीर मीर लव जिहादी निकला। आरोपी ने अपने आप को हिंदू बात कर ब्राह्मण समाज की युवती को अपने जाल में फंसा, धोखे से शादी कर धर्म परिवर्तन करने का दवा बनाया। जब पीड़िता विरोध करती तो आरोपी समीर उसके साथ मारपीट कर जान से खत्म करने की धमकी देता। एमआईजी थाना प्रभारी सीबीसिंह के मुताबिक तुलसी नगर निवासी युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपी समीर ने अपने आप को ब्राह्मण परिवार का बात कर उनसे 2006 में शादी की थी। जिसके बाद दांपत्य जीवन से 2010 में बेटा और 2013 में बेटी का जन्म हुआ। करीब चार साल पूर्व समीर का बर्ताव बदलने लगा,वह मुस्लिम समाज की तरह पहनावा कर नमाज पढ़ने मस्जिद जाने लगा। उसी वक्त पता चला कि समीर का असली नाम समीर मीर है और वह मुसलमान है।
इस्लाम धर्म अपनाने के लिए आरोपी बनाता दबाव

पीड़िता ने बताया कि लव जिहादी समीर ने भगवान की मूर्तियां घर के बाहर फेंक दी और कहने लगा कि इस्लाम धर्म अपनाना पड़ेगा। इस्लाम धर्म नहीं अपनाने को लेकर जब उन्होंने विरोध किया तो समीर ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। समीर उससे कहता कि उन्हें उसके साथ रहना है तो हमारे धर्म के अनुसार बुर्का पहन नमाज पढ़नी पड़ेगी। बच्चों पर भी रोजा रखने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाता था। जब उन्होंने धर्म नहीं अपनाया तो 2020 में समीर ने बच्चों के साथ पीड़िता को घर से निकाल दिया। इसके बाद वह निपानिया क्षेत्र में रहने लगी।

बीच-बीच में समीर मिलने आता था और इस्लाम स्वीकारने के लिए कहता था। 2024 में समीर की मां और भाई समझा-बुझा कर घर ले आए लेकिन दूसरे दिन समीर ने इस्लाम कबूलने की शर्त रख दी। इसके बाद पीड़िता निपानिया में रहने लगी। आखिरी बार 13 मार्च को समीर मिलने आया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने हिंदू रिवाज से हुई शादी के फोटो भी प्रस्तुत किए । इस आधार पर पुलिस ने समीर मीर पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (लव जिहाद) व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

पीड़िता ने कहा, 'हमारे बीच दोस्ती होने के बाद हम बात करने लगे। वह मुझे बहन कहकर पुकारता था। एक दिन मेरी तबियत खराब हो गई थी वह मुझसे मिलने मेरे रूम पर आया और नाश्ता कराने के बहाने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। मेरे बेसुध होने पर दुष्कर्म किया। होश आया और विरोध किया तो बोला तेरी वीडियो और फोटो खींच लिए हैं। डर के मारे किसी को घटना नहीं बताई। वह शादी के लिए खजराना मंदिर ले गया। वहां मांग में सिंदूर भरी और माला पहना दी गई। बाद में मंदसौर, कोटा और भवानी मंडी जैसे अलग-अलग स्थानों पर रखा। कोटा में एक मौलाना की मौजूदगी में निकाह पढ़वाया गया। यहां विरोध करने पर बेरहमी से पीटा गया। उस समय मैं गर्भवती भी थी।'
जंजीरों से बांधकर रखा, पढ़वाते थ कलमा

पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि शादी के बाद उसे रोजाना कलमा पढ़वाया जाता था। जबरन गोमांस खिलाया जाता था। जंजीरों से बांधकर कमरे में बंद रखा गया। एक बार भागने की कोशिश की तो पकड़कर इतना पीटा की अधमरी हो गई। तीन दिन तक खाना-पानी नहीं दिया। यातनाओं के बीच मेरे बेटे का नाम जबरन 'जुनैद' और बेटी का नाम 'जोया' रखवाया गया।

More From Author

सुशासन तिहार : सीएम साय बोले – सबके सपनों का आधार, सार्थक हो रहे सपने, संवाद से हो रहा समाधान

भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात के बीच भारतीय सैनिकों के लिए घरों, मंदिरों में यज्ञ हवन शुरू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.