ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 13 साल पुराने सीवरेज प्रोजेक्ट को बताया सिर दर्द, अब सुपर टीम करेगी सर्वे

शिवपुरी
 क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक ली. बैठक में शिवपुरी के विकास की दिशा में ढाई घंटे मंथन के बाद बैठक की जानकारी दी. केंद्रीय मंत्री ने 13 साल पहले स्वीकृत कराई गई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना को लेकर कहा कि, ''यह योजना उनके जनसेवा काल की सबसे सिर दर्द योजना रही है.'' बकौल सिंधिया इस योजना को लेकर पीएचई विभाग का दावा है कि सीवर लाइन का 45 प्रतिशत फ्लो टेस्ट हो चुका है, वह पूर्णत: पास है. ठेकेदार को भुगतान की भी बात आई है.

सिंधिया के अनुसार, इस दावे की जमीनी हकीकत को जांचने के लिए हमने निर्देश दिए हैं कि विधायक, कलेक्टर, नपाध्यक्ष, सीएमओ व पीएचई विभाग पांचों मिलकर सर्वे करेंगे. अगर 45 प्रतिशत सीवर लाइन का फ्लो टेस्ट पास हाेता है तो ठेकेदार को भुगतान के लिए हम राज्य सरकार से राशि की मांग करेंगे. यह राशि कांट्रेक्टर को दी जाएगी, ताकि वह शेष रहे 55 प्रतिशत भाग के काम को समाप्त कर सके. इसके बाद उक्त भाग का फ्लो टेस्ट किया जाएगा, फिर शेष राशि उसे दी जाएगी, ताकि सीवर की समस्या हल हो सके.

भू-माफियाओं पर होगी कठोर कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री एवं गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित दिशा समिति की बैठक में भाग लेकर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की. बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.

26 मई तक सुलझेगा, जमीन के मालिकाना हक का विवाद
केंद्रीय मंत्री का कहना था कि, "शिवपुरी एयरपोर्ट के लिए हमें जमीन अधिग्रहण का कार्य करना है, जिसमें तीन हिस्सों में जमीन अधिग्रहण की जानी है. 58 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन से होना है, परंतु अभी इसमें यह तय नहीं हो सका है कि वह जमीन रेवेन्यू की है अथवा फारेस्ट विभाग की.'' केंद्रीय मंत्री के अनुसार बैठक में उन्हें कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि 26 मई तक यह तय हो जाएगा कि जमीन किसकी है, उसके बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. 38 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए फारेस्ट व वाइल्ड क्लीयरेंस सुप्रीम कोर्ट तक देना पड़ेगा. 28 हेक्टेयर प्रायवेट लैंड का अधिग्रहण किया जाएगा.

30 प्रतिशत जनता को पानी के लिए करना होगा इंतजार
शहर की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने वाली मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री का कहना था कि, ''शहर के 70 प्रतिशत हिस्से में पांच करोड़ की लागत से पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा. इसके अलावा शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में 128 किमी की डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन बिछाने के लिए अमृत-3 का इंतजार करना होगा.''

नल-जल की खराब लाइन को पीएचई करेगी सही
दिशा की बैठक में ग्रामीण अंचल में नल-जल योजना की पाइप लाइन बिछाने में अनियमितता बरतने की बात सामने आई. जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि नियमानुसार पाइप लाइन एक मीटर की गहराई में डाली जानी थी, परंतु कहीं आधा फीट की गहराई में तो कहीं जमीन के ऊपर लाइन बिछाई गई है. इस पर यह तय हुआ कि जनप्रतिनिधि व कलेक्टर का प्रतिनिधि जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कामों की फोटो, वीडियो बनाएंगे, ताकि पीएचई से उक्त लाइन को सही करवाया जा सके. इसके अलावा जहां पर पीएचई ने अभी काम शुरू नहीं किया है, वहां पर जलजीवन मिशन चाहे तो काम को अपने हैंडओवर लेकर खुद पूरा कर सकता है. जो काम पीएचई ने शुरू कर दिया है, वह काम उसे ही पूरा करना होगा.

ये भी बोले सिंधिया
-फोरलेन पर सड़क के किनारे जो ग्रीन रेलिंग लगाई गई थी, वह ध्वस्त हो गई है, उसे जल्द दुरूस्त करें.
-हाईवे के अंडर पास की सफाई एनएचएआई से कराई जाएगी, क्योंकि वहां से टाइगर गुजरते हैं.
-टाइगर रिजर्व के साउथ रेंज कारिडोर में 75 परिवारों के विस्थापन की दिशा में काम करेंगे.
-145 करोड़ की लागत से स्वीकृत सनघटा सिंचाई परियोजना एक साल में पूरी होगी, 25 गांव पंजाब की तरह बनेंगे.
-चांदपाठा बांध का रिसाव रोकने के लिए 71 करोड़ की याेजना है, जिसे जल्द स्वीकृत करवाया जाएगा.
-बारिश में जलकुंभी माधव लेक में न पहुंचे इसके लिए बारिश पूर्व करबला के पास जाली लगवाई जाएगी.
-निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट नगर की झांसी रोड से कनेक्टिविटी के लिए 10 करोड़ की लागत से बनेगी 7.5 किमी की रोड.

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