साइबर अपराध के हॉट स्पॉट की सूची में इंदौर शहर, धड़ल्ले से बिक रहे फर्जी अकाउंट

इंदौर
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर साइबर स्कैम का नया गढ़ बन गई है। यहां फर्जी खाते-सिमकार्ड और एटीएम आसानी से मिल जाते हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने इंदौर को हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी) की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चिंतन हुआ। बैठक में जोन-2 के डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को भी बुलाया गया।

दिल्ली में हाल ही में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र में देशभर की बैंक सेक्टर, साइबर पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी व साइबर अपराध से जुड़े अधिकारियों की बैठक हुई। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर होम सेक्रेटरी के नेतृत्व में हुई बैठक में साइबर अपराध से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।

 इसमें बताया गया कि देशभर के 35 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में एमपी के इंदौर शहर का नाम भी सामने आ रहा है। बीते कुछ समय में यहां डिजिटल अरेस्ट से लेकर अन्य साइबर अपराध हुए हैं। बैठक में उन राज्यों पर भी बात हुई जहां के कुछ क्षेत्र में विशेष रूप से साइबर अपराध हो रहे हैं। इन अपराधों पर कैसे रोक लगाई जाए और एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ) में शिकायत दर्ज होने के बाद कैसे कार्रवाई हो सके, इस पर भी चर्चा हुई। भोपाल, इंदौर से भी अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे।

इंदौर में फर्जी अकाउंट और सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी डीजीपी को इसके नियंत्रण के निर्देश दिए। शनिवार को दिल्ली में आई4सी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय में पदस्थ सचिव गोविंद मोहन द्वारा की गई। प्रदेश से इंटेलिजेंस एडीजी ए. साईं मनोहर, साइबर डीआइजी मोहम्मद यूसुफ कुरैशी और इंदौर से डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को बुलाया गया। इसमें बताया गया कि इंदौर में म्यू खाते, सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं।

इंदौर में यहां होती है ठगों की डील

फर्जी एडवाइजरी फर्म और एटीएम विड्राल के लिए भी सुरक्षित माना गया है। दुबई, लाओस, कंबोडिया जैसे शहरों में बैठे साइबर अपराधी पैडलर के माध्यम से फ्रॉड करते हैं। इंदौर के विजयनगर, तुकोगंज, तिलकनगर, पलासिया, एरोड्रम, अन्नपूर्णा, भंवरकुआं, खजराना, लसूड़िया, कनाड़िया जैसे क्षेत्रों में होटल, रेस्त्रां, कैफे पर ही डील हो जाती है। इसी तरह उत्तमनगर (दिल्ली), नुहू(हरियाणा), भरतपुर (राजस्थान), नालंदा (बिहार), देवगढ़ (झारखंड) भी कुख्यात हैं।

बगैर सत्यापन के करंट खाते खोल रहे बैंक अफसर
बैठक में सीबीआइ, आरबीआइ, ट्राई, साइबर सेल, ईडी सहित तमाम एजेंसियों के अफसर शामिल हुए। बैंक अफसरों की भूमिका पर चर्चा की गई। अफसरों ने कहा कि साइबर अपराधी किराए का अनुबंध करवा कर कंपनी रजिस्टर्ड करवा लेते हैं। उससे करंट खाता खुल जाता है। बैंक अफसर भौतिक सत्यापन नहीं करते।

इसी तरह कैनोपी लगाकर चौराहों पर सिमकार्ड इशू करने वालों के लिए गाइड लाइन तैयार होना चाहिए। सिमकार्ड पोर्ट करने और नई सिम इशू करवाने पर दो-तीन कार्ड जारी हो जाते हैं। अफसरों ने कहा साइबर अपराधियों को पकड़ने और विवेचना के लिए भी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। खाते फ्रीज करने, सिमकार्ड ब्लाक करने और बैंक से जानकारी लेने के अधिकार और ज्यादा मजबूत करने की आवश्यकता है।

दुकानदार, मजदूरों के नाम से खुल रहे करंट खाते

शहर में कई गिरोह सक्रिय हैं, जो धड़ल्ले से फर्जी सिमकार्ड और फर्जी करंट खाते मुहैया करवा रहे हैं। इस गिरोह द्वारा दुकानदार, मजदूर, सब्जी बिक्रेताओं के नाम से भी खाते और सिम खरीदे गए हैं। लसूड़िया थाना क्षेत्र में तो कई होटलों में अपराधियों के रूम बुक रहते हैं। साठ फीट रोड पर तो कैफे हाउस में ही डील हो जाती है।

साइबर अपराध के सेंटर पर इस तरह हुई चर्चा

-इंदौर की बात की जाए तो यहां डिजिटल अरेस्ट, बैंक खातों से ठगी कर पैसा निकालने व अन्य साइबर फ्रॉड होते हैं। इंदौर को फर्जी सिम और फर्जी बैंक खाते का हॉटस्पॉट माना गया। ये भी चर्चा हुई कि मल्टीपल लेयर में खातों में पैसा ट्रांसफर होने पर पुलिस जांच धीमी हो जाती है। इस वजह से अपराधी तक पहुंचने में समय लगता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल की गैंग की घेराबंदी में मुश्किलें आती हैं।
-सवाल उठे कि किराए के व्यापार पर गुमाश्ता बनाकर करंट अकाउंट खुल जाते है। बैंक अपने स्तर पर ऐसे खाताधारकों को वेरिफाई नहीं कर पाती। यही वजह है कि करंट खाते का साइबर ठगी में सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है।

-फर्जी सिम का खेल भी जारी है। लोगों को पता नहीं चलता और ठग उनसे तीन-तीन बार फिंगरप्रिंट लेते हैं। एक ही व्यक्ति के नाम कई सिम अलॉट हो जाती हैं। इसे बाद में साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं।

–मध्यप्रदेश में भोपाल भी साइबर ठगी के मामले में आगे हैं। उन शहरों पर भी चर्चा हुई जो राजस्थान और उप्र की बॉर्डर से लगे हैं। यहां भी साइबर फ्रॉड हो रहा है।

किस राज्य में किस तरह का साइबर फ्रॉड

गुजरात और केरल : यहां के कुछ स्थान से साइबर फ्रॉड हो रहे हैं। ठगी के बाद एटीएम से ठगी का पैसा निकाला जा रहा है।

पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली : यहां के कुछ इलाकों से फर्जी बैंक खाते तैयार कर उसे ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं।

ठगी में विदेशी कनेक्शन
डिजिटल अरेस्ट में विदेशी नेटवर्क की बात सामने आई। लाओस, कंबोडिया से ऐसे बैंक खाते संचालित हो रहे हैं, जिनमें चेन सिस्टम में ठगी का पैसा ट्रांसफर हो रहा है।

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