छिंदवाड़ा : सांसद विवेक बंटी साहू के पैर पखारने का VIDEO वायरल, कांग्रेस ने साधा निशाना

छिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से बीजेपी सांसद विवेक बंटी साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बीजेपी कार्यकर्ता उनके पैर पखारते (धुलवाते) नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को कांग्रेस नेता पीयूष बबेले ने अपने X अकाउंट पर शेयर कर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।

वीडियो 3 जून 2025 का बताया जा रहा है, जब सांसद जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में 54 किलोमीटर की पदयात्रा पर थे। इस घटना ने छिंदवाड़ा की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच पहले से ही तनातनी चल रही है।

वायरल वीडियो: क्या है पूरा मामला?

वायरल वीडियो में बीजेपी सांसद विवेक बंटी साहू कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं, जबकि कुछ कार्यकर्ता उनके पैर पखार रहे हैं। यह घटना 3 जून 2025 को छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में हुई, जब सांसद अपनी 54 किलोमीटर की पदयात्रा के दूसरे दिन नवेगांव के तालखमरा पहुंचे थे। बीजेपी मंडल अध्यक्ष सोनू यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर सांसद के पैर पखारे। वीडियो सामने आने के बाद इसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

कांग्रेस नेता पीयूष बबेले ने वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "भाजपा @BJP4MP वाले अब खुद को डायरेक्ट भगवान समझ रहे हैं। छिंदवाड़ा से बीजेपी सांसद विवेक बंटी साहू जनता से अपने पांव पखारने का काम करा रहे हैं। भाजपा में अब जनसेवक नहीं, जनता को गुलाम समझने वाले नेताओं की भरमार है।

मंडल अध्यक्ष की सफाई: 'सम्मान की परंपरा'

वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी मंडल अध्यक्ष सोनू यादव ने सफाई दी। उन्होंने कहा, "देश में पहली बार कोई सांसद 54 किलोमीटर की पदयात्रा कर जनता के बीच पहुंचा। मैं सांसद जी का सम्मान करना चाहता था, इसलिए मैंने उनके पैर पखारे। सांसद जी ने मना भी किया, लेकिन मैंने जिद की। हमारे यहां मेहमानों के पैर पखारने की परंपरा है। कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा, इसलिए वह इस तरह के वीडियो पर राजनीति कर रही है।"

यादव ने यह भी कहा कि यह उनका निजी फैसला था, और इसमें सांसद की कोई मंशा शामिल नहीं थी। उन्होंने कांग्रेस पर सस्ती लोकप्रियता के लिए झूठ फैलाने का आरोप लगाया।

सांसद की अनुपस्थिति: तिरुपति बालाजी की यात्रा पर

विवाद के बीच सांसद विवेक बंटी साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन जानकारी मिली कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ तिरुपति बालाजी की धार्मिक यात्रा पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने इस मामले को ज्यादा तूल न देने की कोशिश की।

कांग्रेस का हमला: 'बीजेपी का अहंकार'

कांग्रेस ने इस वीडियो को बीजेपी के अहंकार का प्रतीक बताया। पीयूष बबेले के अलावा अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हफीज ने कहा, "यह वीडियो दिखाता है कि बीजेपी के नेता अब जनता को अपना गुलाम समझने लगे हैं। छिंदवाड़ा की जनता ने सांसद को सेवा के लिए चुना, न कि भगवान बनने के लिए। बीजेपी को इस पर माफी मांगनी चाहिए।"

कांग्रेस ने इसे छिंदवाड़ा में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा। यह सीट लंबे समय तक पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का गढ़ रही थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में विवेक बंटी साहू ने नकुल नाथ को 1,13,618 वोटों के अंतर से हराकर बीजेपी के लिए ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

बीजेपी की प्रतिक्रिया: 'कांग्रेस की साजिश'

बीजेपी ने इस वीडियो को कांग्रेस की साजिश करार दिया। स्थानीय बीजेपी नेता और जिला उपाध्यक्ष रमेश यादव ने कहा, "कांग्रेस छिंदवाड़ा में अपनी हार से बौखलाई हुई है। सांसद बंटी साहू जनता के बीच दिन-रात काम कर रहे हैं। यह वीडियो एक परंपरा को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। कार्यकर्ता ने सम्मान में ऐसा किया, और सांसद ने इसका विरोध भी किया।"

बीजेपी ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस पहले भी साहू के खिलाफ फर्जी ऑडियो और वीडियो वायरल कर चुकी है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक कथित अश्लील ऑडियो वायरल हुआ था, जिसे साहू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया फर्जी ऑडियो बताकर खारिज किया था।

सांसद का जनसंपर्क अभियान

विवेक बंटी साहू की 54 किलोमीटर की पदयात्रा छिंदवाड़ा में उनके जनसंपर्क अभियान का हिस्सा थी। यह यात्रा 2 जून 2025 को शुरू हुई थी और इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से सीधा संवाद करना था। बीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि साहू ने इस यात्रा के जरिए सैकड़ों गांवों में लोगों की समस्याएं सुनीं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाया।

पदयात्रा के दौरान कई जगह कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने साहू का फूल-मालाओं और पारंपरिक तरीकों से स्वागत किया। तालखमरा में पैर पखारने की घटना को बीजेपी ने इसी स्वागत का हिस्सा बताया।

छिंदवाड़ा लंबे समय तक कांग्रेस और कमल नाथ का गढ़ रहा है। कमल नाथ ने इस सीट से नौ बार लोकसभा चुनाव जीता, और उनकी पत्नी अलका नाथ ने भी एक बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। 2019 में नकुल नाथ ने जीत हासिल की थी, लेकिन 2024 में विवेक बंटी साहू ने कमल नाथ के किले को ढहाकर बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाई। साहू ने 6,44,738 वोट हासिल किए, जबकि नकुल नाथ को 5,31,120 वोट मिले।

साहू की जीत के बाद से छिंदवाड़ा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच तनातनी बढ़ी है। साहू पहले भी विवादों में रहे हैं, जैसे 2024 में एक कथित अश्लील ऑडियो और 2025 में कमल नाथ के खिलाफ विवादास्पद बयान देने के लिए।

कई सवाल उठ रहे

    सांसद की भूमिका: क्या सांसद ने पैर पखारने की अनुमति दी, या यह पूरी तरह कार्यकर्ता की पहल थी?
    बीजेपी की प्रतिक्रिया: क्या बीजेपी के प्रदेश या राष्ट्रीय नेतृत्व इस मामले पर बयान देंगे?
    कांग्रेस की रणनीति: क्या कांग्रेस इस मुद्दे को और बड़ा करेगी, या यह स्थानीय स्तर तक सीमित रहेगा?
    परंपरा या अहंकार: क्या यह वाकई स्थानीय परंपरा थी, या इसे सियासी रंग दिया गया?

 

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