छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, बिलासपुर में प्रशासन की 70 टीम ने 85 जगहों पर की छापेमारी

रायपुर/ बिलासपुर

छत्तीसगढ़ में रेत माफिया की गुंडागर्दी की खबरों के बाद राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। बिलासपुर, धमतरी में जिला प्रशासन की ओर से अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने रेत माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एक ही दिन में प्रशासन की 70 टीम ने अलग-अलग 85 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान जेसीबी, पोकलेन, हाईवा और ट्रैक्टर समेत 52 गाड़ियां जब्त की। साथ ही अवैध रेत भंडारण जब्त कर कई केस भी दर्ज किए गए।

रेत माफियों पर अंकुश लगाने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पूरे जिलेभर में आज सुबह से लेकर शाम तक कार्रवाई करते हुए रेत खोदाई के लिए काम में लाने वाले पोकलैंड के अबलावा परिवहन के लिए ट्रैक्टर व अन्य भारी वाहनों की जब्ती बनाई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 50 से अधिक ट्रैक्टर हाईवा पोकलैंड एवं जेसीबी जब्त किया है। बता दें कि बारिश के मौसम में रेत की ब्लैक मार्केटिंग करने माफियाओं ने अलग-अलग जगह पर 600 ट्रैक्टर से अधिक रेत डंप कर रखा था। इसे भी जब्त बना लिया है।

बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्देश और राज्य शासन की कड़ाई का आज जिले में असर दिखाई दिया। बिलासपुर पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने रेत माफियाओं पर अंकुश लगाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस और माइनिंग की टीम की कार्रवाई से जिले में माफियाओं के बीच हड़कंप मचा रहा।

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह के द्वारा आज सुबह जिले के एसडीएम , एसडीओपी , सीएसपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदारी, थाना प्रभारी, खनिज विभाग के अधिकारी, एवं उनके साथ पर्याप्त कार्यपालिक अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की 60 से 70 अलग-अलग टीम में बनाकर , विभिन्न 80-85 स्थानों पर छापेमार कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में लगभग 12 से 13 स्थानों पर अलग-अलग तकरीबन 600 ट्रैक्टर अवैध रेत डंप की हुई पाई गई, जिन्हें जब्त तक किया गया।

मशीनों व वाहनों की बनाई जब्ती

3 पोकलैंड , 2 जेसीबी,13 हाईवा, 34 ट्रैक्टर सहित ,कुल 50 से अधिक वाहनों को जप्त किया गया एवं 40 से 50 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। बिलासपुर पुलिस द्वारा इसमें खनिज विभाग के साथ मिलकर कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अवैध रेत उत्खनन एवं रेत माफियाओं के खिलाफ बिलासपुर पुलिस प्रशासन का यह प्रहार लगातार जारी रहेगा।

बिलासपुर में खनिज टास्क फोर्स की आपात बैठक बुलाई

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी रेत माफियाओं और प्रशासन के बीच सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं। इसे लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। जिसके बाद बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने रविवार को जिला खनिज टास्क फोर्स की आपात बैठक बुलाई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर FIR दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्रवाई बेखौफ होकर की जाए।

सुबह निकली 70 टीम, दिन भर चली कार्रवाई

बिलासपुर में सोमवार सुबह एसडीएम, एसडीओपी, सीएसपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और खनिज विभाग के अधिकारियों की 70 टीमों को रवाना किया गया। इस दौरान टीम में शामिल अफसर और 100 से अधिक पुलिस जवानों ने जिले के 85 जगहों पर छापेमारी की।

इस कार्रवाई में 13 स्थानों पर डंप हजारों घनमीटर रेत जब्त की गई। इसके अलावा 3 पोकलेन, 2 जेसीबी, 13 हाइवा और 34 ट्रैक्टर सहित कुल 52 वाहन पकड़े गए। 40 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिनके वाहन जब्त किए गए हैं, उनके खिलाफ जुर्माने की सूची तैयार की जा रही है।

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंची टीम

सोमवार को हुई कार्रवाई के दौरान टास्क फोर्स की टीम शहर के सिविल लाइन से सरकंडा, कोनी, कोटा, मस्तूरी, हिर्री, बिल्हा, पचपेड़ी और तखतपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों तक पहुंची। जहां, रेत घाटों पर हो रहे अवैध उत्खनन और परिवहन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की।

इस कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण को जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि हजारों घनमीटर रेत जब्त किया गया है, जिसका आकलन किया जा रहा है।

धमतरी में 200 ट्रैक्टर रेत जब्त

धमतरी जिले में भी रेत खदान और भंडारण स्थलों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। एसडीएम पीयूष तिवारी की टीम ने देर रात छापेमारी की। टीम में नायब तहसीलदार और पुलिस भी शामिल थी।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद 15 जून से रेत खदानें बंद हैं। इसके बावजूद रेत माफिया अवैध खनन कर रहे थे। प्रशासन ने 2 जगहों पर कार्रवाई की। लीलर गांव में करीब 200 ट्रैक्टर और भरारी गांव में भी 200 ट्रैक्टर रेत का अवैध भंडारण मिला।

टीम ने लीलर और भरारी में तीन चैन माउंटेन, एक जेसीबी और तीन हाईवा वाहन जब्त किए। छापेमारी के समय खदान में अवैध खनन चल रहा था। रेत निकालकर भंडारण भी किया जा रहा था।

एसडीएम तिवारी ने बताया कि सभी वाहनों को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन अन्य जगहों पर भी छापेमारी कर सकता है। जिला कलेक्टर के आदेश के बावजूद रेत माफिया अवैध गतिविधियां कर रहे थे।

जांजगीर-चांपा जिले में रेत उत्खनन पर प्रतिबंध

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद जांजगीर-चांपा जिले में नदियों से रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में यह निर्णय लिया। बैठक में पुलिस, खनिज, वन और परिवहन विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वर्षा ऋतु के दौरान खनिज के अवैध कारोबार को रोकने के लिए टास्क फोर्स को सक्रिय किया गया है।

अधिकारियों को भार क्षमता से अधिक खनिज परिवहन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कोयला और डस्ट ढोने वाले वाहनों को तिरपाल से ढंकना अनिवार्य होगा। गिट्टी खदानों के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है।

जिले में महानदी और हसदेव नदी के 5 रेत घाट वैध रूप से संचालित हैं। कई अन्य घाटों में रेत माफिया चैन माउंटेन मशीन से अवैध उत्खनन कर रहे हैं। खनिज विभाग ने अब तक 70 लाख रुपए की पेनल्टी वसूल की है।

माइनिंग सर्विलांस सिस्टम से नियमित जांच की जाएगी। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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