राज्य में अब तक 14,000 स्कूलों में आईसीटी लैब और 13,000 स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम शुरू : सीएम भजनलाल

जयपुर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में आयोजित 29वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में 135 भामाशाहों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भामाशाह, शिक्षाविद् और प्रेरक शिक्षा की त्रिवेणी प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बना रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा को सुलभ, आधुनिक और समावेशी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिकता और मूल्यों से संपन्न कर आदर्श नागरिक बनाना भी है। उन्होंने मेवाड़ के भामाशाह का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने महाराणा प्रताप की सहायता की थी, उसी भावना से आज के भामाशाह भी बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं।

शिक्षा क्षेत्र में अहम पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 14,000 स्कूलों में आईसीटी लैब और 13,000 स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम शुरू किए गए हैं। 402 पीएम श्री स्कूलों में पूर्व-प्राथमिक कक्षाएं चालू की गई हैं। स्वामी विवेकानंद स्कूलों में भी पहली बार प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बालिकाओं को प्रोत्साहन देने के लिए 2.27 लाख बालिकाओं को 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई है।

पिछले डेढ़ साल में रिकॉर्ड उपलब्धियां
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने पिछले डेढ़ साल में 10.5 लाख साइकिलें, 88 हजार टैबलेट/लैपटॉप और 30 हजार स्कूटियां वितरित की हैं। जबकि पिछली सरकार पांच साल में भी यह आंकड़े नहीं छू सकी थी।

भामाशाह: शिक्षा के मजबूत स्तंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि भामाशाह न केवल स्कूल भवनों का निर्माण करवा रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक सामग्री और संसाधनों की सुविधा भी उपलब्ध करवा रहे हैं। इस अवसर पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का सहयोग देने वाले 35 भामाशाहों को ‘शिक्षा विभूषण’ और 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक सहयोग करने वाले 100 भामाशाहों को ‘शिक्षा भूषण’ सम्मान से सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न शहरों से आए 15 प्रवासी राजस्थानी भामाशाहों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

डिजिटल और बुनियादी सुधार
समारोह में मुख्यमंत्री ने आरटीई के तहत विद्यार्थियों की फीस और ट्रांसपोर्ट वाउचर के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की डीबीटी, नवीन पुस्तकों, शिविरा ई-बुलेटिन और भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का विमोचन भी किया।

अन्य क्षेत्रों में विकास की जानकारी
मुख्यमंत्री ने पानी, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्रों में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर, रामजल सेतु लिंक और देवास परियोजना जैसे अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने भी रखे विचार
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी भामाशाहों के योगदान की सराहना की। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा परिणामों में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और 2 लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
समारोह में जिला प्रमुख रमा चोपड़ा, शासन सचिव कृष्ण कुणाल, राज्य परियोजना निदेशक अनुपमा जोरवाल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट, मिड-डे मील आयुक्त विश्व मोहन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षाविद् और समाजसेवी मौजूद रहे।

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