बारिश ने लगाया रफ्तार पर ब्रेक, भोपाल आने वाली ट्रेनें 25 मिनट से 14 घंटे तक लेट, देखिए लिस्ट

 भोपाल 

 देशभर में हो रही भारी बारिश और रेलवे ट्रैक के नान-इंटरलाकिंग व मेंटेनेंस कार्यों के चलते ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। इसका सीधा असर राजधानी भोपाल पहुंचने वाली ट्रेनों पर पड़ा है।

सोमवार को विभिन्न रूटों से भोपाल आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंचीं। इस देरी ने यात्रियों को काफी परेशान किया। भोपाल स्टेशन पर सबसे ज्यादा देरी से पहुंचने वाली ट्रेन 01704 रीवा-चर्लापल्ली एक्सप्रेस रही, जो 14 घंटे लेट आई।

इस ट्रेन के बी-2 कोच में पानी खत्म हो जाने के कारण यात्रियों को दोगुनी परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रियों ने ट्रेन के स्टाप्स पर रेल कर्मचारियों से शिकायत की, लेकिन समय पर समाधान नहीं मिल सका। बाद में यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई।

रेलवे सूत्रों के अनुसार इन दिनों विभिन्न रेल मंडलों में नान इंटरलाकिंग कार्य और बारिश के कारण ट्रैक मरम्मत चल रहा है। इसके चलते भोपाल की ओर आने वाली ट्रेनें समय पर नहीं पहुंच रही हैं, विशेष रूप से पंजाब, दिल्ली और मुंबई रूट से आने वाली ट्रेनें सबसे अधिक प्रभावित रहीं।

25 फीसद वेटिंग टिकट के नियम से ट्रेनों में बनी नो-रूम की स्थिति

इस बीच, ग्वालियर से खबर है कि रेल यात्रियों के लिए वेटिंग टिकट की नई व्यवस्था लागू होने से यहां से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों में नो-रूम की स्थिति बन गई है। रेलवे के नए नियम के अनुसार अब ट्रेनों में सिर्फ 100 सीटों के बदले 25 वेटिंग टिकट जारी किए जाएंगे।

ऐसे में अब 25 फीसद के ऊपर नो-रूम यानी वेटिंग टिकट भी लोगों को नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू जैसे दूरदराज के शहरों को जाने वाली ट्रेनों में सफर करने के प्रयास करने वाले यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वे वेटिंग के टिकट ही नहीं ले पा रहे हैं।

ग्वालियर से गुजरने वाली मंगला एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, भोपाल एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस सहित एक दर्जन से अधिक ट्रेनों में अगले कई दिनों तक नो-रूम की स्थिति बनी हुई है।

इसके चलते यात्री सिर्फ तत्काल टिकट के भरोसे हैं। यदि किसी व्यक्ति को आपात स्थिति में यात्रा करनी है, तो उसके पास सिर्फ जनरल श्रेणी में सफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

नई व्यवस्था से बुजुर्गों और महिलाओं को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक आरक्षित कोचों में 25 प्रतिशत वेटिंग टिकट ही जारी किए जा रहे हैं ताकि आरक्षित श्रेणी में लोग आराम से यात्रा कर सकें। असुविधा से बचने के लिए यात्री वैकल्पिक ट्रेन या अनारक्षित श्रेणी में यात्रा कर सकते हैं।

More From Author

IDF का गाजा पर कहर, हवाई हमले में 74 फिलिस्तीनियों की मौत

राहत : कमर्शियल LPG सिलेंडर आज से ₹58.5 सस्ता, जानें दिल्ली‑मुंबई सहित आपके शहर में क्या है नया रेट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.