MPPSC का अहम फैसला: अब EWS वर्ग को नहीं मिलेगी 5 साल की आयु में छूट

भोपाल
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने एक बड़ा और असरदार फैसला लेते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को मिलने वाली पांच साल की आयु छूट को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिससे अब ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को अन्य सामान्य वर्ग की तरह अधिकतम 40 वर्ष की आयु सीमा में ही आवेदन करना होगा।

क्या था पुराना नियम?

फरवरी 2022 में आयोग ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को SC, ST और OBC वर्ग के समान 45 वर्ष तक की आयु छूट का लाभ देना शुरू किया था। इसके बाद से आयोग की कई परीक्षाओं में EWS वर्ग के हजारों उम्मीदवारों को इस सुविधा का लाभ मिला। लेकिन अब, MPPSC द्वारा जारी नवीनतम नोटिफिकेशन के अनुसार, यह लाभ समाप्त कर दिया गया है।

हाईकोर्ट का निर्देश क्यों आया?

हाईकोर्ट में इस नियम को लेकर चुनौती दी गई थी कि आयु में छूट केवल आरक्षित वर्गों के लिए लागू होती है, जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग को संविधान में सिर्फ 10% आरक्षण का प्रावधान दिया गया है, न कि आयु छूट जैसी सुविधाएं। कोर्ट ने यह माना कि ईडब्ल्यूएस को सामाजिक रूप से पिछड़ा वर्ग नहीं माना गया है, इसलिए उन्हें आयु सीमा में छूट देना नियमों के विरुद्ध है।

इससे बड़ा यह झटका, पहले की परीक्षा से भी बाहर होंगे

    इसमें भी एक बड़ा झटका यह लगा है कि जिन भर्ती विज्ञापनों में यह छूट मिली थी वह सभी खत्म बैकडेट से खत्म हो गई है। क्योंकि यह छूट याचिका 2022 के अनुपालन में ही मिली थी, इसके बाद ही आयोग ने विविध भर्ती विज्ञापन में यह छूट के लिए लाइन डाली थी, लेकिन अंतिम आदेश के बाद इसे लागू कर दिया गया है। यानी जिन भी भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस पुरुष उम्मीदवारों ने यह छूट ली है, उन्हें बाहर किया जाएगा।

    इसका असर पुरानी भर्ती परीक्षा में भी होगा। उन सभी में जिसमें आयु छूट सीमा के तहत आयोग ने 2108/22 की याचिका का हवाला देकर ईडब्ल्यूएस वालों को छूट दी थी।

इस फैसले का असर किन पर होगा?

    जिन ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों की उम्र 1 जनवरी 2025 तक 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है, वे आगामी परीक्षाओं में आवेदन नहीं कर सकेंगे।

वर्तमान में प्रक्रियाधीन परीक्षाएं, जैसे कि राज्य सेवा परीक्षा, वन सेवा परीक्षा आदि में यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

आयोग को 2022 से अब तक आयु छूट के आधार पर चयनित ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करनी पड़ सकती है।

प्रभावित होंगे हजारों उम्मीदवार

इस आदेश से बड़ी संख्या में ईडब्ल्यूएस वर्ग के युवाओं को झटका लगा है। वे जो आयु छूट के कारण परीक्षा में शामिल हुए थे, अब उनकी नियुक्तियां भी संकट में पड़ सकती हैं। कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का विरोध भी शुरू कर दिया है और इसे असमानता भरा निर्णय बताया है।

यह सूचना जारी की है आयोग ने

आयोग द्वारा भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा में उल्लेख था कि ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों द्वारा याचिका 2108/2022 में हाईकोर्ट द्वारा 8 फरवरी 2022 को जारी आदेश के अनुपालन में एसटी, एससी व ओबीसी के समान ईडब्ल्यूएस को भी आयु सीमा में छूट होगी। यानी जिन उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2025 को 45 साल से अधिक नहीं है वह आवेदन भर सकेंगे। लेकिन यह छूट याचिका 2108/22 के कोर्ट आदेश के अधीन होगी

इस याचिका पर कोर्ट द्वारा 17 मार्च 2025 को अंतिम आदेश जारी करते हुए याचिका खारिज कर दी गई है। इसलिए आयोग विज्ञापनों में ईडब्ल्यूएस के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा अब अधिकतम 40 साल ही रहेगी। इसलिए जिन पुरुष उम्मीदवारों की सीमा 40 साल से अधिक है वह अपात्र माने जाएंगे।

MPPSC का आधिकारिक नोटिफिकेशन

आयोग की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया 'अब से ईडब्ल्यूएस वर्ग को आयु में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्हें सामान्य वर्ग के समान अधिकतम 40 वर्ष की सीमा में आवेदन करना होगा। यह आदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पारित किया गया है।'

EWS पुरुषों को छूट खत्म का पूरा मामला 5 पॉइंट्स में

    आयु सीमा छूट खत्म: MPPSC ने EWS पुरुष उम्मीदवारों के लिए 5 साल की उम्र छूट खत्म की, अब अधिकतम आयु 40 साल होगी।

    हाईकोर्ट आदेश: 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने EWS की आयु सीमा छूट को खारिज कर दिया।

    बैकडेट से लागू: पहले दी गई छूट अब बैकडेट से खत्म, उम्मीदवार अपात्र होंगे।

    प्रभावित परीक्षाएं: राज्य सेवा, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंजीनियरिंग और मेडिकल ऑफिसर परीक्षाएं प्रभावित होंगी।

    आधिकारिक निर्णय: हाईकोर्ट ने EWS को केवल आर्थिक आरक्षण दिया, उम्र छूट नहीं दी।

यह सभी परीक्षाएं होंगी प्रभावित

राज्य सेवा परीक्षा

राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू शुरू हुए हैं। इसमें तो असर होगा ही, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2024 जिसके इंटरव्यू अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित हैं, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2025 जिसकी प्री हो चुकी है और अब मेंस का इंतजार है, इसमें भी यह असर आएगा। इसमें कोई चयन सूची में आया है, वह अब अपात्र होगा।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती

अभी साल 2022 की भर्ती के रिजल्ट आए हैं और आगे भी कुछ इंटरव्यू होना है। वहीं भर्ती 2024 की भी प्रक्रिया जारी है। इन सभी पर असर होगा। वहीं अभी इसी भर्ती का अगला चरण 27 जुलाई को होना है। इन सभी से यह बाहर होंगे

राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा और मेडिकल ऑफिसर भर्ती

राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा 23 पदों के लिए तो मेडिकल ऑफिसर भर्ती 890 पदों के लिए होना है। इन सभी पर इनका असर होगा। इसके साथ ही अन्य कई परीक्षाएं इसमें आएंगी जिनके लिए भी इस याचिका का हवाला देकर छूट की बात लिखी थी।

हाईकोर्ट ने यह कहा था आदेश में

जबलपुर में लगी रिट अपील में ईडब्ल्यूएस को भी एसटी, एससी और ओबीसी की तरह ही परीक्षा में बैठने के अधिक बार मिलने वाले अवसर और उम्र छूट सीमा का मुद्दा था। इसमें सभी पक्ष सुनने के बाद 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने आदेश दिए और कहा कि ईडब्ल्यूएस को 103वें संविधान संशोधन के तहत आर्थिक आधार पर यह आरक्षण मिला है।

इसके आधार पर अन्य छूट का दावा नहीं कर सकते हैं। एसटी, एसी या ओबीसी हर वर्ग का आरक्षण अलग है और कोई भी एक-दूसरे को ओवरलेप नहीं करता है। इसलिए इस आधार पर ईडब्ल्यूएस उम्र छूट सीमा का दावा नहीं कर सकते हैं।

न परीक्षा कराई, न भर्ती

हर अभ्यर्थी से 540 रुपए शुल्क वसूला गया। यानी 5.4 करोड़ से ज्यादा रुपए। इतना पैसा इकठ्ठा होने के बाद न परीक्षा कराई, न भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी, सिर्फ अप्रेल में एक पंक्ति का नोटिफिकेशन आया- परीक्षा रद्द है, नया नोटिफिकेशन बाद में जारी किया जाएगा। जब अप्रेल में नोटिफिकेशन जारी किया था तो उसमें पदों की संख्या घटाकर सिर्फ 67 कर दी गई। ये उम्मीदवारों के लिए दूसरा झटका था।

पुरानी फीस पर जवाब नहीं

आयोग ने जो किया, वो बेरोजगार की जेब से 5.4 करोड़ की सीधी वसूली थी। लाखों उम्मीदवारों ने तैयारी के नाम पर किताबें खरीदीं, कोचिंग ली, किराया चुकाया, लेकिन आयोग ने बिना जिम्मेदारी लिए सब रद्द कर दिया। अब फिर से वही परीक्षा हो रही है और फीस मांगी जा रही है। पुरानी फीस को लेकर कोई जवाब नहीं है।

भरोसे से बड़ी वसूली

एमपीपीएससी के लिए परीक्षा से ज्यादा फॉर्म से मिलने वाली करोड़ों की फीस ज्यादा अहम हो गई है। जब मार्च में केंद्र ने योग्यता बदली तो आयोग ने एक माह चुप्पी साधे रखी और अप्रेल में परीक्षा रद्द कर दी। उम्मीदवारों का कहना है कि आयोग ने नोटिफिकेशन रद्द किया है तो फीस लौटा दें।

केस-1: फीस और सपना, दोनों लुट गए

श्योपुर जिले से आए भगवत रावत इंदौर में किराए के कमरे में रहकर तैयारी कर रहे हैं। पिता ने कर्ज लेकर भेजा कि मैं कुछ बन जाऊंगा। अब फिर से फीस भरने कहा जा रहा है। दिल और जेब दोनों पहले ही खाली हो चुके हैं।

केस-2: हमारे भरोसे का मजाक है

13 साल से तैयारी कर रहीं रिया बैरागी का कहती हैं कि यह सिर्फ परीक्षा रद्द नहीं, एक पूरी पीढ़ी की मेहनत का अपमान है। हमारे भरोसे का मजाक है। पैसों के साथ सपना भी डूब गया है।

पद बढ़ाए आयोग

नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के राधे जाट का कहना है, उम्मीदवारों की मेहनत, पैसा, समय और आत्मविश्वास सभी आयोग की लापरवाही की भेंट चढ़ गए। अब नए नोटिफिकेशन के नाम पर फिर से पैसा मांगा जा रहा है। गुरुवार को यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को ज्ञापन सौंपकर एफएसओ के पद बढ़ाने के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के शेष विषयों के साक्षात्कार की तिथियां घोषित करने, नई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती व सेट परीक्षा जल्द करवाने, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 की तारीख घोषित करने और एडीपीओ की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की। मामले में आयोग के ओएसडी रवींद्र पंचभाई से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।

अब हिम्मत नहीं बची

गजेंद्र कहते हैं, फीस भर दी, तैयारी शुरू की, लेकिन फिर सब रद्द कर दिया गया। अब फिर पैसे मांग रहे हैं। आयोग के रवैये से थक गए हैं, आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं। प्राइवेट नौकरी ही करनी पड़ेगी।

 

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