डिजिटल एमपी की ओर कदम: विश्वसनीय डेटा सेंटर हब बनेगा प्रदेश, CM की कैबिनेट बैठक में फैसला

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। 

कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।

कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है।

गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड

मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है।

एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी।

एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा।

उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट

विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है।

कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

    पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

    महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया।

विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है।

स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।

 

More From Author

उत्तर प्रदेश में दोहरे हादसे: उन्नाव में विस्फोट, बस्ती में बच्चों की रहस्यमयी मौत

धोखाधड़ी की आरोपी साध्वी लक्ष्मी दास पकड़ी गई, 90 लाख की ठगी का है मामला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.