सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, दरगाह में मनाई गई जन्माष्टमी

जयपुर 
देशभर के मंदिरों में शनिवार रात जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लेकिन राजस्थान में एक दरगाह में भी कान्हा का जन्मोत्सव मनाया गया। यह पढ़कर भले ही आपको हैरानी हुई हो लेकिन राजस्थान के झुंझुनू जिले में ऐसा सदियों से होता आ रहा है। झुंझुनू के नरहड़ में हर साल की तरह हिंदुओं और मुसलमानों ने एक साथ दरगाह में 'जय कन्हैया लाल की…' का जयघोष किया।

शरीफ हजरत हजीब शकरबार का 14वीं शताब्दी का दरगाह सदियों से हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। दरगाह के खादिम करीम पीर बताते हैं कि जन्माष्टमी पर हिंदू श्रद्धालु शोभा यात्रा निकालते हैं और मुस्लिम समुदाय के लोग फूलों से उनका स्वागत करते हैं। इस साल तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी। इस दौरान दरगाह पर भगवान कृष्ण को समर्पित भजन, कीर्तन, कव्वाली, नाटक आदि के आयोजन हुए। देश विदेश के हजारों श्रद्धालु इस खास उत्सव को देखने यहां पहुंचते हैं।

शक्कर बाबा की दरगाह से नाम से मशहूर इस धार्मिक स्थल की खासियत यह है कि सभी धर्मों के लोग अपनी मान्यता के मुताबिक दुआ-पूजा करते हैं। पुराने समय में एक हिंदू परिवार ने यहां जन्माष्टमी की शुरुआत की थी। तभी से हर साल इसका आयोजन होता है। ऐसा यहां कब से होता आ रहा है उसकी कोई निश्चित तारीख किसी को पता नहीं लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं कि वह अपने बाप-दादाओं से भी यहां इसी तरह जन्माष्टमी मनाए जाने की बातें सुनते आए हैं।

इस दरगाह को लेकर यह भी मान्यता है कि यदि आकर दुआ करने वाले दंपतियों की गोद सूनी नहीं रहती। इलाके में शादी-विवाह के बाद हिंदू-मुस्लिम सभी समुदाय के दंपति यहां आकर पूजा करते हैं। एक मान्यता और है कि जब इस इलाके में किसी परिवार में गाय या भैंस बच्चे को जन्म देती है तो दही लाकर दरगाह पर चढ़ाया जाता है।

 

More From Author

नई सरकार की पहल: CM साय 21 अगस्त को जापान-दक्षिण कोरिया के लिए करेंगे विदेश यात्रा

भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम विद्या अध्ययन के लिए आए और यहां से योगेश्वर जगतगुरु श्रीकृष्ण बने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.