भोपाल प्रशासन ने मछली परिवार की अवैध हवेली पर बुलडोजर चलाया

भोपाल

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्रग तस्करी और रेप केस के आरोपी यासीन और शाहवर मछली के परिवार की अवैध सम्पत्तियों के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को प्रशासन द्वारा 15 हजार स्क्वायर फीट सरकारी जमीन पर बनाई गई आलीशान तीन मंजिला अवैध कोठी को ढहाया जा रहा है। इस कोठी का निर्माण सन् 1990 में हुआ था, और इसमें 30 से ज्यादा कमरे हैं। इसका वर्तमान अनुमानित मूल्य करीब 25 करोड़ रुपए हैं। कोठी में गैरेज, पार्क, झूला घर भी बना हुआ था और पूरा निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। यह कार्रवाई प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव के दो दिन पहले दिए उस बयान के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा था, लव जिहाद हो या ड्रग्स माफिया, इस तरह के अपराधियों को हम छोड़ेंगे नहीं, नेस्तनाबूद कर देंगे। हालांकि प्रशासन इससे पहले भी मछली परिवार की 100 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई कर चुका है।

प्रशासन की यह बुलडोजर कार्रवाई भोपाल के कोकता हथाईखेड़ा इलाके में स्थित शारिक मछली की अवैध कोठी पर हो रही है, इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। नगर निगम और पुलिस की टीमों ने 6 जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से कोठी को गिराने की कार्रवाई शुरू की। इसके पहले कोठी में रखा सामान बाहर निकाल दिया गया। एसडीएम विनोद सोनकिया समेत पुलिस के आला अफसर मौके पर मौजूद हैं।

ऐसी थी मछली की कोठी…

    15 हजार स्क्वायर फीट में निर्माण।
    तीन मंजिला तक 30 से ज्यादा कमरे।
    20 से 25 करोड़ रुपए कीमत का आकलन।
    गैरेज, पार्क, झूला घर भी बना रखा था।
    पूरा निर्माण सरकारी जमीन पर किया।

इधर… फरहान के आपराधिक नेटवर्क व आरोपितों के मछली से जुड़े तारों की फिर होगी जांच

भोपाल के टीआईटी कॉलेज में दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग कांड में अब जांच का दायरा और भी गहराने वाला है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस जांच को अधूरा और लापरवाह मानते हुए दूसरी बार हस्तक्षेप किया है। इसी सिलसिले में आयोग की टीम दोबारा भोपाल पहुंची है। टीम ने बुधवार को पीड़िताओं से भी मुलाकात कर बात की। साथ ही अलग-अलग थानों में दर्ज प्रकरणों के जांच अधिकारियों और पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र से विस्तृत चर्चा कर बताया कि पहली जांच में कहां-कहां गंभीर कमियां रहीं और अब दोबारा किन बिंदुओं पर जांच होना है।

आयोग की टीम इससे पहले जून में भोपाल का दौरा कर चुकी थी, जिसमें क्लब-90 को इस पूरे कांड का अड्डा बताया गया था। बाद में उस क्लब को जमींदोज भी किया गया था। उधर एक जुलाई को आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को अपर्याप्त करार दिया गया था।

अवैध कारोबार से जुड़ा संगठित नेटवर्क

इसमें बताया गया था कि पुलिस ने आरोपित फरहान के आपराधिक नेटवर्क और उसके तारों की गहराई से जांच नहीं की। आयोग ने शंका जताई थी कि फरहान का भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कारोबार से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क है। खासतौर पर मछली कारोबारी शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली से संपर्क को लेकर पुलिस जांच या तो बेहद सतही तरीके से की गई या फिर नजरअंदाज कर दिया।

कॉलेज की एंटी रैगिंग सेल की भी हो जांच

रिपोर्ट में आयोग की टीम ने कॉलेज की एंटी रैगिंग सेल की जांच न होने की बात भी कही थी। साथ ही पीड़िताओं को आरोपितों के स्वजन से सुरक्षा व उन्हें पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने के लिए भी कहा था। इसके जो पीड़िताएं डर के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ चुकी हैं, उन्हें दोबारा कॉलेज में प्रवेश दिलवाने के लिए कहा गया है। पहले दिन पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद गुरुवार को दौरे के अंतिम दिन टीम पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से मिल सकती है। साथ ही कॉलेज का दौरा कर सकती है।

खबर लिखे जाने तक तोड़ने की कार्रवाई जारी थी। बता दें कि इससे पहले 30 जुलाई को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मछली परिवार के 6 अवैध निर्माण तोड़े थे। जिनका बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ रुपए था। नियमों के चलते हथाईखेड़ा स्थित कोठी को सील करके छोड़ दिया गया था। प्रशासन मछली परिवार की ऐसी संपत्तियों का पता लगा रहा है, जो अवैध हों या किसी से छीनी गई जमीन पर बनी हों।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोठी का निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है, इसलिए पूरी इमारत को तोड़ा जा रहा है। भोपाल पुलिस ने कॉलेज छात्राओं से जुड़े रेप-ब्लैकमेलिंग केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद चाचा शारिक मछली भी पुलिस की गिरफ्त में आया। कोठी जमींदोज करने के दौरान कुछ लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें नारे लगने से रोक दिया। इस दौरान एक शख्स हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचा और उसने खुद को मछली परिवार से पीड़ित बताया। उसने कहा- मैं और मेरे जैसे कई परिवार मछली परिवार से पीड़ित रहे हैं। आगे केवल मैं आया हूं।
भोपाल में 'मछली' परिवार पर बड़ा बुलडोजर एक्शन, प्रशासन ने ध्वस्त की करोड़ों की हवेली

इस दौरान एक अन्य पीड़ित ने कहा कि 29 अक्टूबर 2021 को शारिक मछली और उनके तीन साथी लाल रंग की गाड़ी से आए और मुझे उठाकर फार्म हाउस पर ले गए। जहां उन्होंने रातभर मेरे साथ मारपीट की और मुझे ड्रग्स दे दिया। दूसरे दिन मुझे होश आया तो इन्होंने एकबार फिर मुझे मारा। इसके बाद मेरे फोन से अपने एक साथी को 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए।

उधर शारिक मछली के वकील गोपेश सिक्केवाल और साथी वकील विशेष नामदेव ने इस बुलडोजर कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा, 'मछली परिवार की कोठी की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए है। यह 15 हजार स्क्वायर फीट में बनी हुई है। आसपास गार्डन और अन्य एरिया को मिलाकर पूरा निर्माण करीब एक एकड़ में फैला हुआ है। बिना नोटिस दिए कोठी पर बुलडोजर चलाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि कोई भी प्रॉपर्टी गिराई नहीं जाएगी, लेकिन प्रशासन ने नियमों के खिलाफ जाकर ये कार्रवाई की।'

एसडीएम विनोद सोनकिया समेत जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का अमला मौके पर मौजूद है। जिन्होंने बताया कि कोठी का निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है, इसलिए पूरी इमारत को तोड़ा जा रहा है। मौके पर करीब 400 पुलिसकर्मी तैनात है। हथाईखेड़ा इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई है। इसके बावजूद मछली परिवार की कोठी तोड़ने का काम जारी है। नगर निगम का अमला जेसीबी और पोकलेन की मदद से इस अवैध निर्माण को गिरा रहा है।

बता दें कि जुलाई महीने में भोपाल पुलिस ने कॉलेज छात्राओं से रेप और ब्लैकमेलिंग कर उन पर धर्मांतरण करने के लिए दबाव बनाने के मामले में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद चाचा शारिक मछली भी पुलिस की गिरफ्त में आया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्तौल और उनके मोबाइल में 20 से अधिक लड़कियों के अश्लील वीडियो भी बरामद किए थे।

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