MP में 31 अगस्त को रिटायर होंगे मुख्य सचिव अनुराग जैन, नए CS के नामों पर मंथन

भोपाल
 मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में वल्लभ भवन में यह सवाल तैरने लगा है कि अगला मुख्य सचिव कौन होगा। अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या फिर नए चेहरे को मौकान मिलेगा। इनसे पहले रहे दो मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिल चुका है। वहीं, कुछ सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम भी इस रेस में आगे हैं।वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन(Anurag Jain) 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में अगले मुख्य सचिव के लिए कई नामों की चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल मध्यप्रदेश के अगले सीएस को लेकर संस्पेंस बरकरार है। बता दें कि, प्रदेश सरकार ने अनुराग जैन के एक्सटेंशन का प्रस्ताव अब तक केंद्र सरकार को नहीं भेजा है। यदि सीएस अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो प्रशासनिक मुखिया के इस पद के लिए तीन अफसरों के नाम सबसे आगे है। इनमें 1990 बैच के आईएएस अफसर डॉ. राजेश राजौरा, 1991 बैच के आईएएस अफसर अशोक बर्णवाल और 1990 बैच की आईएएस अफसर अलका उपाध्याय का नाम शामिल है।

इन कारणों से मिल सकता है एक्सटेंशन

मुख्य सचिव को लेकर दो संभावनाएं हैं। पहली, अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल जाए। दूसरी, उन्हें एक्सटेंशन न मिले। अगर उन्हें एक्सटेंशन मिलता है, तो इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, केंद्र में बैठे अफसरों और नीति निर्धारकों से उनके अच्छे संबंध हैं। दूसरा, उन्हें वित्त प्रबंधन का अच्छा जानकार माना जाता है। तीसरा, उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और नई पॉलिसी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

सेवा विस्तार या मप्र को मिलेगा नया सीएस

मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन का सेवा विस्तार होगा या फिर प्रदेश को नया सीएस मिलेगा, यह लगभग पहले से तय है। केवल खुलासा होना बाकी है। 13 दिन बाद यानी 31 अगस्त को या उसके एक-दो दिन पहले होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सीएस जैन का इस दिन कार्यकाल समाप्त हो रहा है। यदि सेवा विस्तार मिलता है या प्रदेश को नए सीएस देने की बारी आई दोनों ही परिस्थितियों में दोपहर से शाम तक आदेश उसी दिन आ सकते हैं।

ये लोग हैं प्रबल दावेदार

वहीं, अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वरिष्ठता के हिसाब से अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन अपर मुख्य सचिव वन व पर्यावरण अशोक बर्णवाल और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ अलका उपाध्याय भी इस रेस में शामिल हैं।

राजेश राजौरा हैं सबसे वरिष्ठ

इसके साथ ही अनुराग जैन के रिटायर होने के बाद डॉ. राजेश राजौरा सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर होंगे। डॉ. राजौरा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। वह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन संभाग के प्रभारी भी हैं।अशोक बर्णवाल भले ही डॉ. राजौरा से एक बैच जूनियर हैं, लेकिन उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। बर्णवाल भी निर्विवादित हैं। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारी की है।

महिला आईएएस अफसर भी रेस में

अलका उपाध्याय भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में हैं। वे 1990 बैच में डॉ. राजौरा के बाद वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर हैं। पिछले दो महीने में जिस तरह से उन्होंने मध्य प्रदेश के दौरों को लेकर दिलचस्पी दिखाई है, इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सीएस पद के लिए सक्रिय हैं।

अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वे विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिलता रहा है। ऐसे में इस बार भी संभावना है कि अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल सकता है।

सेवा विस्तार संभावना के ये भी कारण

पूर्व सीएस इकबाल सिंह बैंस हो या फिर वीरा राणा, इन्हें सेवा विस्तार मिलता रहा है। इनसे पहले के सीएस ने न्यूनतम दो-दो वर्ष तक सेवाएं दी हैं। अनुभव, प्रशासनिक पकड़, केंद्र से कई मामलों में समन्वय में जैन किसी से पीछे नहीं है। हालांकि उनके काम का आकलन किन आधारों पर होता है, यह सबसे अहम होगा।

1. दिल्ली की चली तो अनुराग जैन को सेवा विस्तार तय: माना जा रहा है कि यदि केंद्र ने ठान लिया तो मुख्य सचिव अनुराग जैन को सेवा विस्तार मिलना तय है। इसकी वजह उनके पास बेहतर प्रशासनिक अनुभव, केंद्र व पीएमओ में रही अहम जिमेदारियां और उन्हें ठीक ढंग से पूरा करना बताया जा है।

2. प्रदेश की चली तो मिल सकता है नया मुख्य सचिव: सूत्रों की मानें तो यदि मप्र के टॉप लीडर की बात मानी जाती है तो मध्यप्रदेश को नया मुख्य सचिव मिल सकता है। जिसकी वजह उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ की तैयारी के अलावा अगला विधानसभा चुनाव समेत कई वजह बताई जा रही है।
डॉ. राजेश राजौरा प्रबल दावेदार

जानकारी के मुताबिक, अगर सीएस अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो 1990 बैच के आईएएस अफसर डॉ. राजेश राजौरा(Dr Rajesh Rajoura) इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। डॉ. राजेश राजौरा मुख्यमंत्री के अपर सचिव रह चुके हैं। साथ ही ये सीएम मोहन के गृह क्षेत्र उज्जैन संभाग के प्रभारी भी रह चुके हैं। डॉ. राजौरा कृषि, गृह, उद्योग, उद्यानिकी और परिवहन विभाग संभाल चुके हैं। साथ ही ये झाबुआ में एडिशनल कलेक्टर और धार, बालाघाट उज्जैन और इंदौर में कलेक्टर रह चुके हैं।
रेस में अशोक बर्णवाल

मध्यप्रदेश के अगले मुख्य सचिव(Next Chief Secretary of MP) के रेस में अशोक बर्णवाल का नाम भी शामिल है। अशोक बर्णवाल(Ashok Barnwal) की छवि एक तेजतर्रार अधिकारी की है। बर्णवाल वन, मुख्यमंत्री कार्यालय, खाद्य प्रसंस्करण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग संभाल चुके हैं। अशोक बर्णवाल गुना, देवास और शहडोल में कलेक्टर भी रहे हैं। बर्णवाल शिवराज सरकार के कार्यकाल में सीएमओ संभाल चुके हैं।
दावेदारों की लिस्ट में अलका उपाध्याय

ग्रामीण विकास मंत्रालय में अपर सचिव, राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी में महानिदेशक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में सीईओ और जन क्रिया एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी उन्नति परिषद की महानिदेशक रह चुकी अलका उपाध्याय(Alka Upadhyay) भी मध्यप्रदेश के अगले मुख्य सचिव पद की दावेदारों की लिस्ट में शामिल हैं। अलका उपाध्याय शाजापुर में एडिशनल कलेक्टर का पदभार संभाल चुकी हैं। साथ ही दतिया, शाजापुर और खरगोन जिले की कलेक्टर भी रह चुकी हैं।

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