वित्त मंत्री ओपी चौधरी का दावा: GST 2.0 बनेगा विकास का नया इंजन

रायपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर GST 2.0 लाने की घोषणा की है. छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे देश के मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत पहुंचाने वाला फैसला बताया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले इनकम टैक्स के स्लैब को ऐतिहासिक रूप से 12 लाख बढ़ा करके देश के मध्यमवर्गीय निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत दी. लाखों करोड़ रुपए की राहत पहुंचाई और आज उनकी बचत क्षमता बढ़ी है. इकॉनमी में कंजम्पशन बढ़ा है, इकॉनमी की ग्रोथ मिल रही है और देश तेजी से आगे बढ़ रहा है.

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने इनकम टैक्स में भारत सरकार की आय को कम करते हुए बड़ा क्रांतिकारी निर्णय लिया था. इसी कड़ी में उन्होंने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जीएसटी 2.0 के माध्यम से बहुत बड़े रिफॉर्म की घोषणा देश की जनता के हित में किया है. इससे बहुत सारे आइटम्स में रेट रेशनलाइजेशन की भी कवायद चल रही है. अभी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठकों में भी मैं सम्मिलित रहा. उनमें भी इसी दिशा में बहुत सारे सकारात्मक कार्य हो रहे हैं. बहुत सारे कमोडिटी के, बहुत सारे वस्तुओं के, बहुत सारी सेवाओं के के दाम में कीमत में बहुत तेजी से कमी लाने की दिशा में प्रधानमंत्री के निर्देश पर भारत सरकार और जीएसटी काउंसिल सब लोग आगे बढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इससे जीएसटी की दरों में कमी होने से रेट रेशनलाइजेशन होने से मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और बहुत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलने जा रही है.

मंत्री चौधरी ने आगे कहा कि यह देश के लिए, देश की इकॉनमी के लिए, देश के लोगों के लिए बहुत बड़ी बात होगी. इसके साथ ही जो कंप्लायंस है, उसको बढ़ाने की दिशा में, स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स की दिशा में, सिंप्लिफिकेशन की दिशा में पंजीयन एकदम आसान हो, इनपुट लेना आसान हो, इन सभी दिशा में टेक्नोलॉजी का उपयोग करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके इस दिशा में बहुत तेजी से रिफॉर्म्स की दिशा में आगे बढ़ रही है और इससे निश्चित रूप से देश की इकॉनमी में लोगों को फायदा होगा, लोगों की बचत क्षमता बढ़ेगी, लोगों के कंजंक्शन क्षमता बढ़ेगी और आर्थिक विकास की दर में बहुत तीव्रता के साथ वृद्धि होगी.

वित्त मंत्री कहा कि कई लोग बोलते हैं कि इससे अभी मुझे किसी ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ के जीएसटी पर क्या कमी आएगी? इस तरह की बातें, इस तरह के सवाल पूछे गए. मैं बताना चाहूंगा मैं जो मेरी अर्थव्यवस्था की सीमित समझ के आधार पर जो मेरी समझ है, उसके आधार पर मैं बताना चाहूंगा कि कोई भी अर्थव्यवस्था में जब टैक्स के रेट कम होते हैं, टैक्स के प्रोसेस का सिंप्लिफिकेशन होता है, रिफॉर्म होता है तो टैक्स के रेट कम होने से एक बार के लिए तो लग सकता है कि इतना राजस्व कम हुआ या ऐसा हुआ. लेकिन इकॉनमी में कंजंक्शन क्षमता बढ़ती है, बचत क्षमता बढ़ती है और उसके कारण लॉन्ग टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ को बूस्ट मिलता है और दीर्घकालिक आर्थिक विकास के कारण राजस्व में भी वृद्धि होती है. और और इस दृष्टिकोण से आर्थिक विकास की दृष्टि से गरीबों, निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों, मध्यम वर्गीय परिवारों सभी के दृष्टिकोण से यह ऐतिहासिक क्रांतिकारी कदम इनकम टैक्स के 1200000 की छूट के बाद होने जा रहा है. इससे निश्चित रूप से देश की जनता और देश की अर्थव्यवस्था लाभान्वित होगी.

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