भाग्य के द्वार खोलने का उपाय: अनंत चतुर्दशी पर 14 दीपक जलाने का महत्व

अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक पावन पर्व है, जिसे भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है और साथ ही कई स्थानों पर यह गणेश विसर्जन का भी प्रमुख दिन होता है। इस दिन विशेष रूप से 14 दीपक जलाने की परंपरा है, जिसे विशेष पुण्य और शुभता का प्रतीक माना गया है।यह आर्टिकल में जानेंगे कि अनंत चतुर्दशी पर 14 दीपक कहां जलाने चाहिए, इसकी सही विधि, नियम और महत्व क्या है, ताकि आप इस पर्व का लाभ पूर्ण रूप से उठा सकें।

अनंत चतुर्दशी का महत्व
अनंत का अर्थ होता है असीम, जिसका कोई अंत न हो। भगवान विष्णु को अनंत कहा गया है क्योंकि वे शाश्वत और सर्वव्यापक हैं। इस दिन उनकी पूजा करके व्यक्ति अपने जीवन की परेशानियों, कर्ज, रोग और दोषों से मुक्ति पाता है। व्रती व्यक्ति इस दिन व्रत रखकर, अनंत सूत्र भगवा धागा जिसमें 14 गांठें होती हैं बांधता है और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करता है।

14 दीपक जलाने की परंपरा
अनंत चतुर्दशी पर 14 दीपक जलाने की मान्यता है, जो कि 14 लोकों, 14 मन्वंतर, 14 विद्याओं और 14 गांठों वाले अनंत सूत्र का प्रतीक माना जाता है। ये दीपक नकारात्मकता को दूर करते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करते हैं।

कहां-कहां जलाएं 14 दीपक ?
मुख्य द्वार पर 2 दीपक
घर के प्रवेश द्वार पर दो दीपक जरूर रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और बुरी शक्तियों का प्रवेश रुकता है।

रसोईघर में 1 दीपक
रसोई घर को लक्ष्मी का स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाने से घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती।

तुलसी के पास 1 दीपक
तुलसी माता को विष्णु प्रिय मानी जाती हैं। तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ फल देता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

पूजा स्थल में 1 दीपक
घर के मंदिर या पूजा स्थल पर दीपक जलाना अनिवार्य है। इससे देवी-देवताओं का आह्वान होता है।

छत पर 1 दीपक
घर की छत पर दीपक रखने से राहु-केतु और आकाश तत्व से जुड़े दोष शांत होते हैं।

 घर के प्रत्येक कोने में 4 दीपक (हर कोने में 1)
चार कोनों में दीपक रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और दिशाओं का शुद्धिकरण होता है।

स्नानघर के बाहर 1 दीपक
स्नानगृह के बाहर दीपक जलाने से स्वास्थ्य संबंधी दोषों में कमी आती है।

घर के पीछे 1 दीपक
पीछे के हिस्से को अक्सर उपेक्षित किया जाता है परंतु वहां दीपक जलाने से पीछे से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

 जल स्रोत के पास 1 दीपक
यदि आपके घर में कुआं, बोरवेल, या पानी की टंकी है, तो वहां दीपक जलाना भी शुभ होता है।

पेड़ या पौधों के पास 1 दीपक
प्राकृतिक ऊर्जा से जुड़े स्थानों पर दीपक जलाने से वातावरण शुद्ध होता है।

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