एमपी की राजनीति में नया रिश्ता, मोहन यादव को मिले ‘जीजाजी’ का संबोधन; जनता के दिल से जुड़ने की उम्मीद

रीवा 

शिवराज सिंह चौहान को भला कौन नहीं जानता.. 18 साल तक जनता के बीच उन्होंने एक ऐसा इमोशनल कनेक्शन बनाया कि आज भी बूढ़े, जवान और बच्चे उन्हें मामा कहकर पुकारते हैं। लेकिन अब एमपी की राजनीति में एक और नये रिश्ते का तड़का लग गया है। ये तड़का लगाया है एमपी की लोकगायिका राखी द्विवेदी ने। उन्होंने एक जनसभा में सीएम डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए एक गीत गाया। 'दिलदारों में दिलदार…मोहन जीजाजी हमार' गीत (Dildaron me dildar song) की एक पंक्ति में आया ये शब्द 'मोहन जीजाजी हमार' सुनकर पहले तो सीएम शरमा गए, लेकिन बाद में उन्होंने राखी के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया, फिर आभार स्वरूप लोक गायिका को नकद राशि का इनाम भी दिया।

दरअसल, हाल ही में रीवा के देवतालाब में एक जनसभा आयोजित की गई थी। सीएम मोहन यादव जनता को संबोधित करने यहां पहुंचे थे। वहां उपस्थित एक लोक गायिका राखी द्विवेदी, जिन्होंने भरी जनसभा में गीत गाकर हर किसी का दिल जीत लिया। खुद सीएम मोहन यादव भी उनके इस तरह के संबोधन से खुश नजर आए।

गीत सुनकर शरमा गए थे सीएम

जैसे ही लोक गायिका राखी द्विवेदी (Folk singer Rakhi diwedi) ने मंच पर सीएम को संबोधित करते हुए ये गीत गाना शुरू किया, पहले तो सीएम शरमाते नजर आए, उन्होंने अपना चेहरा हाथों से ढंक लिया। लेकिन फिर वे मुस्कुराए और पूरा गीत सुनकर गदगद हो गए।

सीएम ने दी मंजूरी, तब गाया गाना

राखी द्विवेदी ने ये गाना ऐसे ही नहीं गा दिया। उन्होंने इस गीत को मंच से माइक पर गाने के लिए बाकायदा पहले सीएम मोहन यादव की अनुमति ली थी। सीएम से अनुमति के बाद ही वे इस गीत को गा पाईं।

सीएम इतने खुश हुए कि दे दिया इनाम, बोले ये मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान

लोक गायिका राखी के इस गीत को सुनकर सीएम मोहन यादव इतने खुश हो गए कि वो खुद को रोक नहीं पाए। जैसे ही गीत पूरा हुआ, उन्होंने राखी द्विवेदी को 50, 000 रुपए का नकद इनाम भी दिया। यही नहीं उन्होंने लोक गायिका की सराहना करते हुए कहा कि, विंध्य की मिट्टी और यहां की लोक संस्कृति उनका गर्व है। जनता का यह अपनापन उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।'

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा सॉन्ग

लोक गायिका राखी द्विवेदी का गाया ये गीत सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। इस गीत के बोल सुनकर यूजर्स का कहना है कि अब मामा नहीं, 'जीजाजी' चलेगा। एक ने कहा कि वाह क्या गीत बनाया है। वहीं किसी ने कमेंट किया है कि MP को एक नया रिश्तेदार मिल गया है। एक यूजर ने लिखा है, मोहन जीजाजी, दिलदारों में दिलदार।'

एमपी की राजनीति में नए रिश्ते की एंट्री

बता दें कि एमपी की राजनीति में नेताओं को एक विशेष संबोधन के साथ पुकारने की परंपरा रही है। शिवराज सिंह चौहान को लोग मामा कहते हैं। लेकिन ये संबोधन सिर्फ कहने भर तक के लिए नहीं रहा, एक ब्रांड बन गया। अब सीएम मोहन यादव भी ब्रांड नेम के मार्ग पर अग्रसर हैं। क्योंकि राजनीतिज्ञों का कहना है कि लोक गायिका द्वारा दिया गया जीजाजी का ये संबोधन आने वाले समय में लोकप्रिय हो सकता है। जिस तरह शिवराज को मामा कहे बिना अधूरा लगता था, अगर ये सच हुआ तो जल्दी ही मोहन यादव को 'मोहन जीजाजी' कहने में ही लोग पूर्णता महसूस करेंगे।

क्या बनेगा ब्रांड

ये पहला मौका है, जब किसी मुख्यमंत्री को इस अंदाज में संबोधित किया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि राजनीति में जनता का अपनापन ही एक नेता के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। मामा कहकर लोग शिवराज सिंह चौहान से दिल से जुड़े रहे, हो सकता है, सीएम मोहन यादव भी ऐसी ही एक लोकप्रियता के साथ जन-जन के दिल में बस जाएं। अगर मोहन यादव सच में जनता का दिल जीत पाए, तो बिल्कुल मुमकिन है, लोग उन्हें 'जीजाजी ब्रांड' बना देंगे।

रीवा में सीएम का ससुराल, वहां लोग पहले से ही बुलाते हैं 'जीजाजी'

दरअसल रीवा में सीएम का ससुराल है। वहां के लोग उन्हें पहले से ही जीजाजी कहते हैं। चाहे वे छोटे हों या बड़े, सभी उन्हें जीजाजी कहकर संबोधित करते हैं। लेकिन अब इस गीत के वायरल होने के बाद, पूरा मध्यप्रदेश उन्हें जीजाजी कहता नजर आ सकता है। तो अगर आपसे कोई कहे जीजाजी का पूरा नाम क्या है?… तो बिना किसी कन्फ्यूजन के बता देना…'डॉ. मोहन यादव'… दिलदारों में दिलदार… मोहन जीजाजी हमार…

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