ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विशेष ग्राम सभाओं ने 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय बहुल जिलों में ग्राम सभाओं को अपने गांव के विकास का रोडमैप तैयार करने सक्षम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जनजातीय बहुल गांवों में आदि सेवा पर्व पर दो अक्टूबर को हुई विशेष ग्राम सभाओं ने आपसी विचार-विर्मश कर 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। शेष ग्राम सभाएं जल्द ही विलेज एक्शन प्लान बनाने की प्रक्रियाएं पूरी करेंगी।

विलेज एक्शन प्लान के लिए 30 जनजातीय बहुल जिलों के लिए अधिकारियों के कार्य दल बनाए गए थे। अधिकारियों की टीम गांव में पहुंची और ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि सेवा पर्व के महत्व को समझाया। ग्राम सभाओं ने जनजाति ग्राम विजन 2030 के लिए ग्राम विशेष एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। साथ में यह भी संकल्प लिया कि प्रत्येक गांव में एक आदि सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह सेवा केंद्र एकल खिड़की नागरिक सेवा केंद्र की तरह काम करेगा। इसके माध्यम से स्थानीय लोग आदि सेवा समय, स्वैच्छिक सेवा के अंतर्गत सप्ताह में एक घंटा अपना योगदान करेंगे। सरकारी अधिकारियों को जनजातीय समुदाय की मूल भाषा, बोलियों और संस्कृति से भी जोड़ेंगे।

उल्लेखनीय की जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। यह देश में जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक पहल है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शासन-प्रशासन को और अधिक उत्तरदायी बनाना है।

यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर केन्द्रित है, जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के प्रथम चरण में 41 जिलों के 249 विकासखंडों में 14,040 जनजातीय बाहुल्य गांव चिन्हित किए गए हैं। अभियान का लक्ष्य 3 लाख आदि कर्मयोगियों को प्रशिक्षित करना है। इनमें ग्राम स्तर के युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल है। अभियान में 18,150 क्लस्टर स्तर के मास्टर ट्रेनर, 41 अशासकीय संगठन, 1250 विकासखंड स्तरीय शासकीय संगठन, 56470 आदि सहयोगी, 2,03,292 आदि साथी, 22,528 आदि विद्यार्थी मिलाकर कुल 3 लाख 3 हजार 233 चेंज लीडर्स तैयार किया जा रहे हैं।

प्रत्येक गांव के लिए विकास का एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है। ट्राइबल विलेज विजन 2030 पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शुद्ध पेयजल की उपयोगिता, पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन, महिला बाल विकास की योजनाओं का लाभ, आजीविका के साधनों का सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल है। विलेज एक्शन प्लान के निर्माण में आदि कर्मयोगियों के साथ आदि साथियों, आदि सहयोगियों, आदि विद्यार्थियों, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन, युवा नेतृत्व, ग्रामीण वयोवृद्ध कल्चरल आइकॉन को शामिल कर सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

विशेष ग्राम सभाओ में विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया गया है। इस प्रकार अनुमोदित हुए एक्शन प्लान को जिला स्तर पर तीन श्रेणियां में बांटा जाएगा। पहला व्यक्तिगत या सेवाओं की मांग के आधार पर, दूसरा सामुदायिक परिसंपत्तियों और सेवाओं की मांग और तीसरा सेवाओं के वितरण की मांग के आधार पर होगा। इन सब बिंदुओं पर विचार कर राज्य का एक संपूर्ण दस्तावेज तैयार किया जाएगा।

राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आदि सेवा केंद्र और आदि सेवा समय जैसी पहल शुरू की है। इसके माध्यम से गांव में ही शिकायतों का निवारण होगा। अभियान के अंतर्गत सेवाओं के बेहतर वितरण को विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन, कृषि विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

क्या है गांव के एक्शन प्लान में

गांव के एक्शन प्लान में गांव की आधारभूत जानकारी सामाजिक, आर्थिक संसाधन, गांव के सामाजिक मुद्दे, उपलब्ध बुनियादी सेवाएं दर्ज रहती हैं ताकि आगे नई योजनाएं बनाने में कठिनाई न आए। गांव की पहचान में विकासखंड का नाम, ग्राम पंचायत और गांव का नाम, गांव की भौगोलिक स्थिति, गांव में स्थित मंदिर, पूजा स्थल, अति गरीबों का विवरण, उपलब्ध सुविधाएं जैसे आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, विद्युत लाइन, सौर पैनल, स्ट्रीट लाइट, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार, शौचालय, सामुदायिक भवन, ग्राम चौपाल, सड़के, आजीविका के विकल्प जैसे खेती पशुपालन, गैर कृषि, व्यापार सेवा या नौकरी, गांव की खेती के तरीके, सिंचाई की व्यवस्थाएं गांव की जल संसाधन और गांव के लोगों की अपेक्षाएं आदि आधारभूत जानकारी के साथ गांव के लोगों के विचार भी दर्ज रहते हैं, कि वे अपने गांव के विकास को कैसे देखना चाहते हैं।

 

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