कुएं में गिरे हाथी, 8 घंटे तक फंसे रहे; जेसीबी से बनाई गई सड़क, सभी सुरक्षित बाहर निकाले गए

महासमुंद
 महासमुंद जिले से लगाए बारनवापारा क्षेत्र के हरदी गांव में 3 हाथियों का दल विचरण के दौरान कुएं में जा गिरा. इस दल में एक शावक और तीन वयस्क हाथी शामिल हैं. घटना की जानकारी लगते ही स्थानीय लोगों मौके पर पहुंच गए. उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी. घटनास्थल पर बारनवापारा परिक्षेत्र एसडीओ कृष्णु चंद्राकर और उनकी टीम पहुंची है.

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंकर लोगों को घटनास्थल से दूर किया, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया. फिलाहाल जेसीबी मशीन बुलाई गई है. कुएं के पास से रेम बनाया जाएगा, जिससे फंसे हुए शावक और हाथी को बाहर निकाला जा सके. बताया जा रहा है कि विचरण के दौरान शावक पहले कुएं में गिरा, उसकी आवाज सुनकर अन्य हाथी भी कुएं में उतर गए.

सुबह गूंजी हाथियों की चिंघाड़, ग्रामीण पहुंचे मौके पर
सुबह खेतों की ओर जा रहे किसानों ने जब हाथियों की जोरदार चिंघाड़ सुनी, तो वे मौके पर पहुंचे और देखा कि चारों हाथी कुएं में फंसे हुए हैं। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। विभाग की टीम जेसीबी मशीनों और स्थानीय साधनों के साथ मौके पर पहुंची और कुएं के किनारे मिट्टी काटकर रास्ता बनाते हुए हाथियों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।

पहले शावक और दो हाथी निकाले गए, फिर बाकी दो को भी बचाया गया
रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले शावक और दो वयस्क हाथियों को बाहर निकाला। इसके बाद कुएं में फंसे बाकी दो हाथियों को भी सुरक्षित निकालने में सफलता मिली। रेंजर गोपाल वर्मा ने बताया कि अभियान चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि कुआं गहरा और फिसलनभरा था।

ग्रामीणों का विरोध, बोले— इंसान की मौत पर विभाग नहीं आया था
रेस्क्यू के दौरान कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कुछ दिन पहले इसी इलाके में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, तब विभाग ने कोई मदद नहीं की थी। लेकिन अब हाथियों के गिरने पर पूरी टीम जुट गई। हालांकि समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और सहयोग करने लगे।

सोलर पैनल टूटे मिले, रात में भटकते हुए गिरे हाथी
मौके पर जांच के दौरान कुएं के आसपास लगे सोलर पैनल टूटे हुए मिले, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि हाथियों का झुंड रात के समय रास्ता भटक गया और चार हाथी कुएं में गिर गए।

28 हाथियों का दल कर रहा बारनवापारा जंगल में भ्रमण
वन विभाग ने बताया कि बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में इस समय करीब 28 हाथियों का दल सक्रिय है। इसी दल में शामिल ये चार हाथी भी पिछले कुछ दिनों से हरदी गांव के आसपास विचरण कर रहे थे।
हाल ही में इसी क्षेत्र में एक किसान की जान हाथी के हमले में गई थी।

वन विभाग ने जताई राहत— सभी हाथी स्वस्थ और सुरक्षित
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद सभी हाथियों की प्राथमिक जांच की गई। विभाग ने बताया कि चारों हाथी स्वस्थ हैं और उन्हें सुरक्षित जंगल की ओर भेज दिया गया है।

ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों का विरोध किया

वन विभाग की टीम जैसे ही जेसीबी लेकर पहुंची, ग्रामीण नाराज हो गए। उनका कहना था कि हाल ही में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, लेकिन तब विभाग की ओर से कोई नहीं आया था।

वहीं, जिस खेत के कुएं में हाथी गिरे थे, वहां ग्रामीण डर रहे थे कि जेसीबी चलने से उनकी फसल खराब हो जाएगी। इसलिए वे रेस्क्यू कार्य में सहयोग नहीं कर रहे थे। हालांकि समझाइश के बाद लोग शांत हुए।

जेसीबी की मदद से रास्ता बनाकर निकाला गया

क्षेत्र के रेंजर गोपाल वर्मा ने बताया कि हाथियों को निकालने के लिए जेसीबी की मदद से कुएं के किनारे से रास्ता बनाया गया। पहले एक शावक के साथ दो हाथी निकाले गए। इसके बाद एक और हाथी को सुरक्षित निकाल लिया गया।

कुएं के आसपास के सोलर पैनल टूटे हुए मिले, जिससे अनुमान है कि रात में हाथियों का झुंड घूमते हुए कुएं में गिर गया होगा।

बारनवापारा के जंगल में 28 हाथियों का दल मौजूद

यह घटना ऐसे समय हुई है जब 28 हाथियों का एक दल कई महीनों से बार नवापारा के जंगल में मौजूद है। कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक किसान की हाथी के हमले में मौत भी हो गई थी। यह घटना अभयारण्य क्षेत्र के हरदी वन ग्राम के पास डीके जंक्शन पर हुई।

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