विशेष आर्टिकल- मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: देसी गाय पालन से किसानों की आय दोगुनी, 80 हजार तक अनुदान

लखनऊ
 मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 6 जून 2023 को लॉन्च की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू यह योजना स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों (साहीवाल, गिर, थार पारकर, हरियाणा) के संवर्धन को बढ़ावा देती है, ताकि दूध उत्पादन बढ़े, ग्रामीण रोजगार सृजित हो और देसी नस्लें संरक्षित रहें। योजना के तहत दो गायों की यूनिट स्थापित करने पर 40% अनुदान (अधिकतम ₹80,000) मिलता है, जो कुल लागत (लगभग ₹2 लाख) का बड़ा हिस्सा कवर करता है। 2025 तक 2,100+ इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिससे दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचा। यह योजना UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत है, जो महिला SHG, SC/ST/OBC को प्राथमिकता देती है। आवेदन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in। योजना का उद्देश्य: देसी गौ-पालन से आत्मनिर्भरता

•    दूध उत्पादन वृद्धि: प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ाना।
•    नस्ल संरक्षण: स्वदेशी गायों (हरियाणा, पंजाब, गुजरात से खरीद) को प्रोत्साहन।
•    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से ₹50,000+ तक।
•    रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख+ परिवार लाभान्वित।
•    महिला सशक्तिकरण: SHG के माध्यम 40% कोटा।
योजना के प्रमुख लाभ: विस्तृत संरचना
योजना दो गायों की इकाई पर फोकस करती है, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, इंश्योरेंस और अन्य खर्च शामिल हैं:
लाभ की श्रेणी    विवरण    प्रभाव (2025 तक)
वित्तीय अनुदान    – 40% सब्सिडी: कुल ₹2 लाख पर ₹80,000 (प्रति गाय ₹40,000)। – बैंक लोन: शेष पर 5% ब्याज सब्सिडी (5 वर्ष)। – SC/ST/OBC: 35% अतिरिक्त।    – आय: 50-60 लीटर दूध/दिन से ₹20,000+ मासिक। – NPA: 2.5% से कम।
गाय खरीद और परिवहन    – नस्लें: साहीवाल (हरियाणा/पंजाब), गिर (गुजरात), थार पारकर (राजस्थान)। – ट्रांसपोर्ट: 40% अनुदान (अधिकतम ₹40,000/गाय)।    – उन्नत नस्ल: 8-12 लीटर दूध/गाय/दिन। – संरक्षण: 11,000+ देसी गायें।
इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता    – शेड/फीड: ₹50,000 तक सब्सिडी। – पशु बीमा: ₹10 लाख कवरेज (मुफ्त प्रथम वर्ष)। – चारा: 50% सब्सिडी (1 वर्ष)।    – स्वास्थ्य: रोगमुक्त पशुधन। – बाजार: PCDF/Amul लिंकेज।
प्रशिक्षण और मार्केटिंग    – 15-दिवसीय कोर्स: RSETI/CFC में मुफ्त। – डिजिटल भुगतान: तत्काल ट्रांसफर। – UP Mart: ऑनलाइन बिक्री।    – गुणवत्ता: FAT/SNF सुधार। – अतिरिक्त आय: गोबर पेंट से ₹10,000+।
विशेष प्राथमिकता    – महिलाएं/SHG: 40% कोटा। – ग्रामीण फोकस: 18 जिलों (झांसी, गाजीपुर, देवरिया आदि) में प्राथमिकता।    – 41,000+ महिलाएं जुड़ीं। – पलायन रोक: गांव में स्थिरता।
आवेदन प्रक्रिया:
•    पात्रता: UP निवासी, 18+ आयु, 2+ गायें न हों, शेड उपलब्ध।
•    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र।
•    चरण: ऑनलाइन आवेदन → ई-लॉटरी → सत्यापन → अनुदान वितरण।
•    अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 (द्वितीय चरण)। हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX।
प्रेरक उदाहरण: योजना से जीवन परिवर्तन
1.    झांसी के शाश्वत सिंह (दो गायों की यूनिट): 
o    2024: ₹80,000 अनुदान से साहीवाल गायें खरीदीं।
o    2025: ₹25,000 मासिक आय, परिवार सशक्त। "योजना ने पलायन रोका।"
2.    गाजीपुर के अमितेश सिंह: 
o    अनुदान: गिर नस्ल पर ₹80,000।
o    अब: 50 लीटर दूध/दिन, ₹40,000 मासिक। SC लाभार्थी के रूप में अतिरिक्त 35%।
3.    देवरिया के पशुपालक: 
o    40% अनुदान: थार पारकर गायें।
o    प्रभाव: आय दोगुनी, SHG में महिला भागीदारी।
योगी आदित्यनाथ के उद्धरण: योजना पर दृष्टि
•    लॉन्च (6 जून 2023): 
*"स्वदेशी गौ संवर्धन से देसी नस्लें संरक्षित होंगी। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, दूध क्रांति आएगी।"
•    बजट समीक्षा 2025: 
*"योजना से दूध उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण UP मजबूत। स्वदेशी गौ-पालन हमारी सांस्कृतिक धरोहर।"
निष्कर्ष: स्वदेशी गौ संवर्धन – UP का दुग्ध भविष्य
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना ₹80,000 अनुदान से दो गायें, एक परिवार की समृद्धि का मंत्र दे रही है। योगी सरकार का प्रयास विकसित भारत-2047 को मजबूत करेगा। आवेदन करें, लाभ लें!
जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

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