अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह के लिए काशी से विशेष प्रतिनिधिमंडल रवाना, आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में

अयोध्या 

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री रामलला मंदिर में ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। देश भर से रामभक्त एवं गणमान्य व्यक्ति इस आयोजन में शामिल होंगे, जिसमें काशी से सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर, अपना घर आश्रम के डॉ. के. निरंजन, डोमराजा परिवार के सिकंदर चौधरी, सुनील चौधरी, पवन चौधरी सहित कई लोग इस समारोह में शामिल होंगे।

सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने  कहा कि काशी की पावन धरती से अयोध्या पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनना जीवन का एक अद्भुत क्षण होगा। डोमराजा परिवार के सुनील चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम में अटूट आस्था रखने वाले समाज के हर वर्ग के लोगों को आमंत्रित किया गया है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है।

श्री रामलला मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में काशी तथा आसपास के जिलों से भी कई लोगों को आमंत्रण भेजा गया है। काशी से सभी आमंत्रितजन 24 नवंबर को बस द्वारा अयोध्या के लिए रवाना होंगे। सभी के ठहरने की व्यवस्था कारसेवकपुरम में की गई है। काशी प्रांत के भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर, वाराणसी, कौशांबी, प्रयागराज सहित कई जिलों से लोग अयोध्या पहुंचेंगे।

25 नवंबर को ही राम मंदिर में क्यों हो रहा भव्य कार्यक्रम? जानें इसके पीछे की बड़ी वजह

प्रभु राम की नगरी अयोध्या में 25 नवंबर को एक ऐतिहासिक कार्य होने जा रहा है, जिसके लिए खास तैयारियां चल रही हैं. अयोध्या में यह पहली बार होगा, जब राम जन्मभूमि परिसर में बने भव्य राम मंदिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना 25 नवंबर दिन मंगलवार को करेंगे. हर राम भक्त के मन में यह सवाल है कि आखिर 25 नवंबर को ऐसा क्या है कि इसी दिन यह शुभ घड़ी आई है. इस दिन का क्या महत्व है. 22, 23 अथवा 24 तारीख क्यों नहीं रखा गया. 

दरअसल 25 नवंबर का दिन बेहद खास है. धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन विवाह पंचमी है और इसी दिन त्रेतायुग में प्रभु राम और माता जानकी का विवाह हुआ था. इस दिन किया गया कार्य शुभ माना जाता है. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि 25 नवंबर का दिन मंगलवार पढ़ रहा है और इस दिन चंद्रमा भी मकर राशि में विद्यमान है.

पंडित जी ने दी खास जानकारी

उन्होंने बताया कि मंगलवार दिन होने की वजह से हनुमान जी महाराज की भी विशेष कृपा इस दिन पर रहेगी. ऐसी स्थिति में इस दिन कई शुभ योग का निर्माण भी हो रहा है. जिस समय प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 11:45 से लेकर 12:29 के बीच राम मंदिर के शिखर पर ध्वज की स्थापना करेंगे, वह मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है और भगवान राम का जन्म भी दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था. यही वजह है कि यह दिन बेहद खास और ऐतिहासिक दिन है.

ज्योतिषाचार्य ने इस शुभ दिन को ऐसे ही नहीं चुना. इसके लिए बहुत अध्ययन किया गया, जिसके बाद इस दिन को सर्वोत्तम दिन माना गया. 25 नवंबर को मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जिसे पूरे भारत में विवाह पंचमी के रूप में जाना जाता है. इस पावन तिथि पर त्रेतायुग में भगवान श्री राम और माता जानकी का विवाह भी हुआ था.

ध्वज स्थापना अनुष्ठान में वेद सूक्तों के साथ ध्वज का पूजन व दिव्य औषधियों से स्नान के उपरांत समस्त देवों का आह्वान कर उनकी आधान किया जाएगा। इसके उपरांत निर्धारित मुहूर्त में ध्वज आरोहण के लिए मुख्य यजमान को सौंपा जाएगा। अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के प्रभारी व पुरातत्ववेत्ता डा संजीव कुमार सिंह बताते हैं कि ध्वज स्थापना से पूर्व श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के द्वारा बनाई गयी परिकल्पना समिति ने विभिन्न शास्त्रों का सम्यक अध्ययन कर एक वीडियो प्रजन्टेशन तैयार किया था।

इस प्रजन्टेशन को लेकर अलग-अलग संतों एवं विद्वानों से विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप से ध्वज की परिकल्पना को साकार रुप दिया गया। उन्होंने ध्वज के प्रतीक चिह्नों को लेकर बताया कि कोविदार का वृक्ष त्रेतायुग के राजवंश का प्रतीक है। इसके अलावा भगवान राम सूर्यवंशी हैं और सूर्य भी ऊर्जा -प्रकाश व गति का सूचक है जो जीवन को जीवंतता प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का ध्वज विजय के साथ धार्मिकता-आध्यात्मिकता और सहनशीलता का प्रतीक है जो कि सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे भवन्तु निरामया का संदेश सम्पूर्ण विश्व को देखा।

5 साल में विशालकाय मंदिर तैयार

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 5 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के जन्म स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है. 5 अगस्त साल 2020 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के लिए शिलान्यास किया था. उसी के साथ मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ हुआ था. 5 वर्ष में एक विशालकाय मंदिर बनकर तैयार हो गया है.

उन्होंने कहा कि 25 नवंबर दिन मंगलवार मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की शुभ विवाह के शुभ अवसर पर मंदिर के शिखर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म ध्वज की स्थापना करेंगे. यह अत्यंत शुभता का समय है. संपूर्ण सनातनियों के लिए यह अवसर मंगलकारी है, जीवन में ऐसा अवसर अब कभी नहीं आएगा.

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