व्हाइट हाउस फायरिंग: रहमानुल्लाह लकनवाल का खतरनाक हमला, ट्रंप ने अमेरिका में अफगानों की एंट्री पर रोक लगाई

वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास वाइट हाउस के सामने बुधवार को हुई गोलीबारी ने पूरे अमेरिका में सनसनी फैला दी है। शूटर ने वहां पर तैनात दो नेशनल गार्ड के सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वाइट हाउस के मुताबिक दोनों सदस्यों को जानलेवा चोटें आई हैं, दोनों ही अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। वहीं,तैनात दूसरे नेशनल गार्ड्स की तरफ से की गई फायरिंग में आरोपी को भी गोली लगी है, हालांकि वह खतरे से बाहर है। उसे कस्टडी में रखा गया है। घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस पर अपना गुस्सा निकालते हुए आरोपी को जानवर कहा।

वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर बुधवार दोपहर नेशनल गार्ड के दो जवानों को गोली मार दी गई. यह हमला दोपहर फरागट मेट्रो स्टेशन के पास 17वीं और आई स्ट्रीट के कोने पर हुआ. दोनों जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है. हमलावर भी मुठभेड़ में घायल हुआ और उसे भारी सुरक्षा के बीच स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रहमानुल्लाह लाकनवाल ने चलाई गोली

कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है, जो 29 वर्षीय अफगान नागरिक है. वह साल 2021 में अमेरिका में दाखिल हुआ था. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उसने अकेले ही इस हमले को अंजाम दिया. हालांकि उसके पहचान संबंधी कुछ पहलुओं की अभी भी पुष्टि की जा रही है.

दो नेशनल गार्ड्स सदस्यों के साथ वाइट हाउस के बाहर हुई इस घटना ने पूरे अमेरिका में रोष है। सीबीएस न्यूज के अनुसार शूटर की पहचान अफगान मूल के 29 बर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है। आरोपी 2021 में बाइडन प्रशासन की नीति के तहत अमेरिका आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफबीआई इस मामले की जांच आतंकी हमले के रूप में कर रही है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर की वायरल हो रही है, जिसे कथित तौर पर वाइट हाउस शूटिंग के आरोपी की बताई जा रही है।

'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' के तहत ली अमेरिका में एंट्री

इस मामले को अब FBI संभावित आतंकी हमले के रूप में जांच रही है. वहीं Department of Homeland Security का कहना है कि संदिग्ध 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और उसने 'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' के तहत एंट्री ली थी, जिसके जरिए अफगान नागरिकों को शरण दी गई थी.

ट्रंप ने बताया 'आतंकी हमला'

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'आतंकी हमला' करार दिया है. उन्होंने वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त 500 सैनिकों को तैनात करने का निर्देश दिया है. साथ ही ट्रंप ने कहा है कि 2021 में अफगानिस्तान से जिन लोगों को अमेरिका में प्रवेश दिया गया था, उनकी दोबारा गहन जांच की जानी चाहिए.

White House ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर नेशनल गार्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रति समर्थन जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है. फिलहाल हमले के पीछे की साजिश, मकसद और आतंकी संबंधों की जांच जारी है.

'अफगानिस्तान धरती पर बना एक नरक'

देर रात दिए गए अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन पर जमकर हमला बोला. ट्रंप ने दावा किया कि संदिग्ध को सितंबर 2021 में बाइडेन सरकार 'नरक जैसे अफगानिस्तान' से अमेरिका लेकर आई थी. ट्रंप ने कहा, 'डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी को पूरा भरोसा है कि हिरासत में लिया गया संदिग्ध एक विदेशी नागरिक है, जो अफगानिस्तान से अमेरिका आया था. अफगानिस्तान धरती पर बना एक नरक है.'

इससे पहले दिन में अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने संदिग्ध हमलावर को 'जानवर' बताया और कहा कि उसे इसकी 'बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी'. उन्होंने हमलावर को काबू में करने वाले नेशनल गार्ड के जवानों की सराहना भी की. राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि बाइडेन सरकार के कार्यकाल में अमेरिका में आए सभी अफगान नागरिकों की दोबारा जांच होनी चाहिए. उन्होंने शरणार्थियों को 'हमारे अस्तित्व के लिए जोखिम' बताया.

'अकेले और अचानक किया हमला'

मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट में कार्यकारी सहायक प्रमुख जेफरी कैरोल ने कहा कि यह हमला 'अचानक और पूरी तरह से जानबूझकर किया गया' प्रतीत होता है. उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि यह एक अकेला हमलावर था, जिसने अचानक हथियार उठाकर नेशनल गार्ड के जवानों पर घात लगाकर हमला किया.' कैरोल ने बताया कि हमलावर ने पहले गोली चलाई, जिसके बाद पुलिस और गार्ड के जवान हरकत में आए.

हमलावर को नेशनल गार्ड, मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट, सीक्रेट सर्विस और मेट्रो ट्रांजिट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जल्दी ही हिरासत में ले लिया गया. इन एजेंसियों के कई जवान घटना के समय पहले से ही मौके के आसपास मौजूद थे, जब गोलियों की आवाज सुनाई दी.

अफगान नागरिकों से जुड़े सभी इमिग्रेशन आवेदन सस्पेंड

U.S. Citizenship and Immigration Services (USCIS) ने घोषणा की है कि वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के जवानों पर अफगान नागरिक की ओर से किए गए हमले के बाद, अफगान नागरिकों से जुड़े सभी इमिग्रेशन आवेदनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है. यह फैसला वॉशिंगटन डीसी में हुई आज की घटना के बाद लिया गया है.

क्या था मकसद?

राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास के सामने हुई इस गोलीबारी को लेकर डीसी के मेयर म्यूरिल बाउजर ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी ने यह टार्गेटेड अटैक किया था। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक आरोपी वहां ऐसे ही टहलते हुए आकर एक मोड़ पर रुका और उसने हैंडगन निकालर फायरिंग करनी शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फायरिंग का शिकार दोनों नेशनल गार्ड्स सदस्यों के सिर में गोली लगी है, जिससे उनकी हालत गंभीर है। इस गोलीबारी के बाद आसपास मौजूद अन्य सदस्यों ने तुरंत ही वहां आकर हालात को काबू में किया।

एफबीआई प्रमुख काश पटेल ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है। उसका क्या मकसद था इसके बारे में फिलहाल जांच के बाद ही पता चलेगा।
अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों संग किया काम

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले दो कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया कि रहमानुल्लाह पिछले काफी समय से वाशिंगटन में ही रह रहा है, लेकिन अभी उसकी और जानकारी निकाली जा रही है। एनबीसी ने रहमानुल्लाह के एक करीबी रिश्तेदार के हवाले से बताया कि रहमानुल्लाह और उसकी पत्नी के कुल पांच लड़के हैं। 2021 में अमेरिका आने से पहले वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के साथ काम करता था। लकनवाल ने 10 साल तक अफगान सेना में काम किया। उस दौरान वह कंधार के एक अड्डे पर तैनात रहा।

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