मुख्यमंत्री का निर्देश, एफडीआई बढ़ाने को बढ़ाएं संवाद, तेज करें प्रयास

‘स्पीड, स्टेबिलिटी और सपोर्ट’ से और तेज होगा यूपी का औद्योगिक विकास: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का निर्देश, एफडीआई बढ़ाने को बढ़ाएं संवाद, तेज करें प्रयास

मुख्यमंत्री योगी का अधिकारियों को निर्देश, हर निवेशक को फास्ट ट्रैक सुविधा मिले, ललितपुर फार्मा पार्क का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तेज हो

निवेशकों को मिलेगा रेडी टू यूज इंफ्रास्ट्रक्चर ‘प्लग एंड प्ले’ पर मुख्यमंत्री का फोकस

मुख्यमंत्री ने की इन्वेस्ट यूपी के सभी कंट्री डेस्क की समीक्षा, कहा संवाद बढ़ाएं, नियमित अंतराल पर होते रहें राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस

फॉर्च्यून 500 नीति के तहत 11 कंपनियों ने 13,610 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए

विदेशी कंपनियों का यूपी की ओर बढ़ता भरोसा, निवेश प्रस्तावों में निरंतर बढ़ोतरी

एफडीआई नीति 2023 के तहत 56 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रक्रियाधीन

चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में आया 683 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी निवेश

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश में विदेशी निवेश को नई रफ्तार देने के लिए चल रहे प्रयासों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए साफ कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ निवेश की संभावना नहीं, बल्कि निवेश के भरोसे का राज्य बन गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर निवेशक के साथ संवाद लगातार बना रहना चाहिए और किसी भी स्तर पर देरी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि 'स्पीड, स्टेबिलिटी और सपोर्ट' यही नए उत्तर प्रदेश की पहचान होनी चाहिए।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितंबर 2025 तक की अवधि में उत्तर प्रदेश को 683 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है और राज्य का कुल संचयी विदेशी निवेश अक्टूबर 2019 से अब 2,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि चालू अवधि में प्रदेश को 5,963 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्रवाह मिला है, जो पिछले वर्षों की तुलना में तेज वृद्धि को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि एफडीआई-एफसीआई-फॉर्च्यून 500 नीति-2023 के तहत अब तक 11 निवेश आवेदकों ने 13,610 करोड़ रुपये के प्रस्ताव दिए हैं। इसके अलावा 22 आवेदनों के माध्यम से 17,810 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 56 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 29 आवेदन पाइपलाइन में हैं। यह भी बताया गया कि जापान, अमेरिका, बेल्जियम, यूनाइटेड किंगडम, पोलैंड और सिंगापुर उत्तर प्रदेश के प्रमुख निवेश साझेदार बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर और खाड़ी देशों के लिए बनाए गए विदेशी देश डेस्क लगातार सक्रिय हैं। दूतावासों, उच्चायोगों और व्यापार संघों से निरंतर संवाद चल रहा है। निवेशकों के साथ 100 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हो चुकी हैं। जापान व्यापार संगठन और सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल के साथ होने वाले समझौते भी निवेश के ठोस अवसरों में बदले जा रहे हैं।

खाड़ी सहयोग परिषद सेक्टर डेस्क की समीक्षा में बताया गया कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, लखनऊ और कानपुर में अब तक 6 गोलमेज बैठकें हो चुकी हैं, जिनसे 83 कंपनियों के साथ सीधा संवाद बना और करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए। सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में सबसे अधिक रुचि दिखी, जबकि बैंकिंग, वित्त, बीमा, फार्मा, लाइफ साइंस, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्रों को उच्च संभावनायुक्त बताया गया।

मुख्यमंत्री ने ललितपुर फार्मा पार्क को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि इससे जुड़े अवसंरचना कार्यों में और तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कई बड़ी दवा कंपनियों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई है, ऐसे में उनसे लगातार संवाद बनाए रखा जाए और भूमि, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं समय पर सुनिश्चित हों।

जापान डेस्क की समीक्षा में बताया गया कि डेंसो के ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और दस्तावेजी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कांसाई फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री एसोसिएशन की 125 जापानी कंपनियों के साथ फॉलोअप चल रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। टोयोटा समूह, सुमितोमो और मारुबेनी से निवेश को लेकर लगातार बातचीत जारी है। जापान डेस्क के अंतर्गत कुल 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

ताइवान डेस्क को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यहां प्रयास और तेज किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि ताइवान के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए, केवल रोड शो तक सीमित न रहा जाए। बैठक में बताया गया कि 40 से अधिक कंपनियां चिन्हित की गई हैं और लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश की पाइपलाइन तैयार है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां एचसीएल-फॉक्सकॉन का 3,700 करोड़ रुपये का निवेश मजबूत आधार बनेगा। कानपुर को तकनीकी वस्त्र और स्पोर्ट्सवेयर केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई।

दक्षिण कोरिया डेस्क की समीक्षा में बताया गया कि सैमसंग, एलजी, केएच वेटेक और ड्रीमटेक जैसी कंपनियों के साथ निवेश को लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का गौतमबुद्ध नगर में करीब 850 करोड़ रुपये का विस्तार प्रस्तावित है, जबकि लोट्टे समूह का लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने कोरियाई कंपनियों के लिए भी संवाद और सुविधाकरण को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

सिंगापुर डेस्क के अंतर्गत टेमासेक, सरकारी निवेश कोष, पीएसए, डीबीएस, कैपिटललैंड-असेंडास, केपेल और सेम्बकॉर्प जैसे निवेशक यूपी में लगातार रुचि दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी विदेशी डेस्क द्वारा नियमित अंतराल पर राउंड टेबल बैठकें होती रहनी चाहिए। उन्होंने इन्वेस्ट यूपी की टीम से कहा कि हर निवेशक के साथ एकल संपर्क बिंदु तय हो, ताकि उसे प्रणाली में भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने उद्योगों को गति देने के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि निवेशक को पहले दिन से तैयार अवसंरचना मिलेगी, तो वह तेजी से काम शुरू कर सकेगा और यही मॉडल उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों से आगे ले जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां कंपनियों के कॉरपोरेट और मुख्यालय खोलने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को लेकर यह भी निर्देश दिए कि वहां आवश्यक मानव संसाधन की कमी न रहे।

More From Author

रणवीर सिंह–अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस ने जीता दिल, सोशल मीडिया पर हुई वाहवाही

भोपाल में राष्ट्रीय बालरंग का रंगारंग आगाज़, विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की हो रही प्रस्तुति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.