‘स्किल्ड’ हो रहा उत्तर प्रदेश, लाखों युवाओं के हुनर को मिल रहा हौसला

ईवी, सोलर व रोबोटिक्स जैसे कोर्सेज उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने का बन रहे माध्यम

प्रदेश में स्वरोजगार के खुले नए अवसर, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी में भी हुआ इजाफा 

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन यूपी को 'स्किल्ड' बनाने की दिशा में  सार्थक बदलाव की कहानी लिख रहा है। बदलते दौर की तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर लाखों युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है। सरकार की नीतियों का असर यह है कि प्रदेश में लाखों युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। प्रशिक्षण न सिर्फ युवाओं को नया भविष्य दे रही है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह नीति रही है कि युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि हुनर दिया जाए। इसी सोच के तहत ईवी मेंटेनेंस, सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स, सीएनसी ऑपरेशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे नई पीढ़ी के कोर्स शुरू किए गए हैं। प्रदेश भर में सैंकड़ों प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि अब उद्योगों को बाहर से वर्कफोर्स बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें यूपी में ही प्रशिक्षित युवा उपलब्ध हो रहे हैं। 

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता की नई कहानी
प्रदेश के वर्कफोर्स में महिलाओं का प्रतिशत पिछली सरकारों की अपेक्षा में काफी बढ़ा है, जो लगभग 36 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैंडिडेट्स में भी महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह साबित करता है कि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक असर दिखा रही हैं। पहले जहां तकनीकी प्रशिक्षण को पुरुष प्रधान क्षेत्र माना जाता था, वहीं आज महिलाएं भी सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स और सीएनसी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। स्वरोजगार के माध्यम से हजारों युवतियां अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप 'बेकार के आकार' का भी है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। वह झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम कर रही हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप को नवदेवी सम्मान भी दिया है। उनका स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। प्रदेश में नीलम जैसे कई उदाहरण हैं, जहां महिलाएं प्रदेश सरकार के सहयोग से अपने कौशल को निखारकर स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं और न केवल प्रेरणा बन रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं व लोगों के लिए रोजगार सृजन कर रही हैं।  

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ताकत
नीलम सारंगी के अनुसार, नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में जो मदद की, वह अनुकरणीय है और सार्थकता का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश को देश का स्किल हब बनाया जाए। इसी दिशा में कौशल विकास की विभिन्न योजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे रही हैं। प्रशिक्षित युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि उद्योगों को भी मजबूती दे रहे हैं। यह साबित करता है कि सही नीति, सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति से किसी भी राज्य की तकदीर बदली जा सकती है।

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