आइसर के सहयोग से अब 45 मिनट में मिलेगी DNA जांच की रिपोर्ट, समय और पैसे की होगी बचत

पंचकूला
 DNA जांच रिपोर्ट के लिए अब आपको 24 या 72 घंटे तक का इंतजार नहीं करना होगा. ये रिपोर्ट आपको अब 45 मिनट में मिल जाएगी. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसी किट तैयार की है, जिससे डीएनए टेस्ट का काम आसान हो जाएगा. इस किट से 13 की जगह सिर्फ तीन टेस्ट लेने होंगे. इससे समय की बचत तो होगी ही, साथ में खर्च भी 60 से 70 प्रतिशत तक कम आएगा. खास बात ये है कि इस किट को पीसीआर (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) के लिए भी तैयार किया जा रहा है. जिससे टाइफाइड, तपेदिक, इन्फ्लूएंजा, मलेरिया और डेंगू की जांच भी हो सकेगी.

अब 45 मिनट में होगी DNA की जांच: मोहाली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च यानी आइसर के सहयोग से इंडोक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक जिम्मी भांबरा की टीम ने इस किट को तैयार किया है. वैज्ञानिक इस किट को पंचकूला में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में लेकर आए हैं. इस विशेष किट को आइसर की लैब में तैयार किया गया है. इसके तहत सैंपल तैयार करने के लिए इन्नो एक्सट्रैक्ट (तरल रूप) और लैब के काम के लिए विशेष यंत्र (इंस्ट्रूमेंट) विकसित किए गए हैं, जो चंद मिनटों में डीएनए (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) जांच की रिपोर्ट दे देंगे.

इस तरह काम करती है तकनीक: इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) टीम के सदस्य सचिन वर्मा ने बताया "अभी तक रक्त के नमूने लेने के बाद डीएनए निकालने के लिए 13 से 14 जांच की जाती है. जिसमें चार से 6 घंटे का वक्त लग जाता है. इस नई तकनीक में खून से डीएनए निकालने के लिए इन्नो एक्सट्रैक्ट यानी तरल रूप का इस्तेमाल किया जाता है. इसके तहत दस मिनट के अंदर दो से तीन बार जांच करने के बाद ही डीएनए अलग हो जाएगा."

पुराने तरीके से लगता है ज्यादा वक्त: इससे पहले जांच के लिए डीएनए सैंपल को लैब जाना पड़ता है. लैब के अंदर डीएनए को एक निश्चित तापमान (-40 डिग्री सेल्सियस) में रखना होता है. निर्धारित तापमान पर आने के बाद इसकी जांच होती है. जिसमें 12 से 15 घंटे का समय लग जाता है, लेकिन नई तकनीक के तहत लैब का काम नए यंत्र से 15 मिनट के अंदर आ जाएगा. इस तरह ये पूरी प्रक्रिया महज आधा घंटा से लेकर 45 मिनटों में पूरी होगी.

'पैसे की भी होगी बचत': सचिन वर्मा ने बताया कि "मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध मशीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है और एक टेस्ट 800 से एक हजार रुपये में होता है, जबकि उनकी टीम द्वारा तैयार इस मशीन की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है और टेस्ट भी 300-400 रुपये में हो सकेगा. इसके अलावा डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के लिए जहां पहले 24 से 72 घंटों तक इंतजार करना पड़ता था, वो समय घटकर अब 35 से 45 मिनट रह गया है."

'13 चरणों की जगह महज 3 चरण': सचिन वर्मा ने बताया कि "डीएनए टेस्ट के लिए पहले 13 चरण फॉलो करने होते थे, लेकिन अब ये पूरी प्रक्रिया महज तीन चरणों में पूरी कर ली जाएगी, जिस कारण समय भी कम लगेगा. समय की बचत के साथ ही टेस्ट पर आने वाला संभावित खर्च भी 60 से 70 प्रतिशत तक कम होगा.

इन बीमारियों की भी होगी जांच: बताया गया कि इस किट को महत्वपूर्ण प्रयोगशाला तकनीक पीसीआर (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) के लिए भी तैयार किया जा रहा है. इससे टाइफाइड, तपेदिक, इन्फ्लूएंजा, मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों संबंधी जांच भी की जा सकेगी. निजी कंपनी के सदस्य सचिन वर्मा ने बताया कि मोहाली स्थित आइसर के सहयोग से इस किट को तैयार किया गया है. इससे सैंपल तैयार करने के लिए इन्नो एक्सट्रैक्ट (तरल रूप) और लैब के काम के लिए विशेष यंत्र विकसित किए गए हैं, जो चंद मिनटों में डीएनए (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) जांच रिपोर्ट दे देंगे. इससे पहले सैंपल तैयार होने के बाद आगामी जांच के लिए लैब जाने की आवश्यकता भी नहीं होगी.

'रूम टेंपरेचर में भी हो सकेगा टेस्ट': सचिन वर्मा ने बताया कि "कई बार गांव-कस्बों में या बिजली नहीं होने पर टेंपरेचर मेंटेन नहीं हो पाता. सामान्य तौर पर इन किट्स को चार डिग्री सेल्सियस या माइनस 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान में रखना पड़ता है." उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तैयार किट्स को रूम टेंपरेचर में रखा जा सकता है, किसी रेफ्रिजरेटर/फ्रीजर की आवश्यकता भी नहीं पड़ती. बताया कि इन सभी जटिलताओं के मद्देनजर किट्स को तैयार किया गया है.

'सौ प्रतिशत स्वदेशी है किट, मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट'': सचिन वर्मा ने बताया कि "ये मशीन और किट सौ प्रतिशत स्वदेशी है, कोई भी चीज इंपोर्ट नहीं की गई है. किट को लैब में तैयार किया और मशीन भी उनके द्वारा तैयार की गई है. साथ ही इस मशीन से होने वाले सभी टेस्ट की रिपोर्ट भी मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगी, नतीजतन दूसरा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस किट को केवल सूरज की रोशनी से बचाकर रखना है. इसके अलावा इसे कमरे में कहीं भी कितनी ही देर के लिए क्यों ना रख लिया जाए, कल्चर में कोई बदलाव नहीं आएगा. कंपनी एक पेटेंट ले चुकी है, जबकि अन्य तीन पेटेंट के लिए काम किया जा रहा है."

More From Author

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- देश में भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव से अपनी जमीन बचाना हुआ कठिन

भोपाल में 20 हजार वोटर्स की पहचान, डिजिटाइज हुआ 17 लाख से ज्यादा मतदाताओं का डेटा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.