मध्य प्रदेश की नई पहचान: धर्म, पर्यटन और अध्यात्म के क्षेत्र में 12 लोक और श्री राम वनगमन पथ का निर्माण

भोपाल 

धर्म- अध्यात्म, संस्कृति और पर्यटन के संगम से मध्य प्रदेश में विकास की त्रिवेणी बह रही है। प्रदेश इन क्षेत्रों में नई पहचान बना रहा है। प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उज्जैन में वर्ष 2024 में सात करोड़ पर्यटक आए, जबकि 2023 में यह संख्या पांच लाख थी।

श्रीमहाकाल महालोक बनने के पहले उज्जैन में प्रतिवर्ष आने वाले पर्यटकों की संख्या 30 से 40 लाख के भीतर रहती थी। यानी महालोक बनने के बाद पर्यटकों की संख्या 20 गुना तक बढ़ गई है। इसमें विदेश पर्यटक भी शामिल हैं। इसी तरह से प्रदेश में 12 लोक और बन रहे हैं, जिससे देश-दुनिया में मप्र की नई पहचान बनेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा धार्मिक पर्यटन बढ़ाने के लिए प्रमुख स्थलों के विकास की है। धर्म, संस्कृति और पर्यटन का सबसे अच्छा गठजोड़ प्रदेश में बन रहे 1,450 किलोमीटर के राम वनगमन पथ में दिखेगा। अभी प्रदेश के 10 ऐसे जिलों के 40 स्थलों को चिह्नित किया गया है, जहां से भगवान श्रीराम वनवास के दौरान गुजरे थे। कुछ ऐसे जिलों को भी शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो भगवान श्रीराम से जुड़े हैं। इन जिलों को सड़क मार्ग से एक सर्किट की तरह जोड़ा जाएगा।

वहां सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इस तरह से कृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है। इसका केंद्र उज्जैन का सांदीपनि आश्रम होगा। श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़े स्थलों की पहचान का काम चल रहा है। इससे राजस्थान के सीकर में स्थित खाटू श्माम को भी जोड़ा जाएगा।

इस तरह कृष्ण पाथेय के रूप में एक बड़ा धार्मिक और पर्यटन सर्किट बनने जा रहा है। राजस्थान सरकार भी इसमें सहयोग कर रही हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच इस विषय पर एक-दूसरे का सहयोग करने की सहमति बन चुकी है।

कहां कौन सा लोक बन रहा

ओरछा में रामराजा लोक, पांढुर्णा के जामसावली में हनुमान लोक, सीहोर में सलकनपुर में देवी लोक, सागर में संत रविदास लोक, जबलपुर में रानी दुर्गावती स्मारक और रानी अवंतीबाई स्मारक, अमरकंटक में मां नर्मदा महालोक, खरगोन में देवी अहिल्याबाई लोक, बड़वानी में नागलवाड़ी लोक और ओंकारेश्वर में एकात्म धाम बनाया जा रहा है।

पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा एवं पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा

मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा नवंबर 2025 से प्रारंभ की गई है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए हेलीकाप्टर की सुविधा निजी एजेंसी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।

चीता प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 मे अपने जन्म दिवस पर श्योपुर में नामीबिया से लाए गए आठ चीते छोड़े थे। इसके बाद मंदसौर के गांधीसागर अभयारण्य को भी चीतों का बसेरा बनाया गया है। अब नौरादेही में भी चीते बसाने की तैयारी है। पर्यटकों की सुविधा के लिए बफर में सफर का कांसेप्ट शुरू किया है। रातापानी और माधव नए टाइगर रिजर्व बनाए गए हैं।

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