साइबर अलर्ट: देशभर के 68 करोड़ यूजर के ई-मेल-पासवर्ड लीक, MP स्टेट साइबर ने जारी की गाइडलाइन; कहा- तुरंत रीसेट करें पासवर्ड

भोपाल
 अगर आप ई-मेल, सोशल मीडिया, इंटरनेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको तुरंत सतर्क कर देने वाली है. MP State Cyber Police ने एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि देशभर के करीब 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक हो चुके हैं. यह डेटा लीक साइबर अपराधियों के लिए सोने की खान बन गया है.

साइबर पुलिस के मुताबिक, अगर किसी का ई-मेल अकाउंट हैक हो गया, तो अपराधी उसी ई-मेल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं या पहले से मौजूद अकाउंट्स पर कब्जा कर सकते हैं. इतना ही नहीं, हैक किया गया ई-मेल आपकी इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट, ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स तक पहुंचने का रास्ता भी खोल सकता है.

एडवाइजरी में कहा है कि ई-मेल अकाउंट हैक हो जाए तो अपराधी इससे सोशल मीडिया अकाउंट्स, इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और अन्य एप्स तक भी पहुंच बना सकते हैं। इससे बचने के लिए आप पासवर्ड को तुरंत रीसेट करें।

स्टेट साइबर पुलिस के मुताबिक चेतावनी डेटा लीक और साइबर ठगी के खतरे को देखते हुए पहले से सतर्क करने की पहल है। समय रहते पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना और अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग पासवर्ड रखना सबसे प्रभावी बचाव है।

एक ई-मेल हैक और पूरी डिजिटल जिंदगी खतरे में
MP स्टेट साइबर का कहना है कि ज्यादातर लोग एक ही पासवर्ड को कई जगह इस्तेमाल करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती बन रही है. जैसे ही ई-मेल का पासवर्ड लीक होता है, साइबर ठग उसी पासवर्ड से दूसरे प्लेटफॉर्म पर लॉगइन की कोशिश करते हैं. कई मामलों में लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे उड़ चुके हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल किया गया है.

ठगी से बचना है तो अभी करें ये काम
साइबर पुलिस ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही अब भारी पड़ सकती है. ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाने होंगे अपने ई-मेल और सभी जरूरी अकाउंट्स का पासवर्ड तुरंत बदलें. हर अकाउंट के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड रखें. पासवर्ड में नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें. Two Factor Authentication (2FA) जरूर ऑन करें.

स्टेट साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि देशभर में 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास होने का अनुमान है। प्रत्येक वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए। संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक पर क्लिक न करें। अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉग इन न करें।

यहां से ले सकते हैं मदद अगर आपका ईमेल अकाउंट्स हैक हो गए हैं तो तुरंत पासवर्ड बदल लें। एक ही पासवर्ड कई अकाउंट्स के न रखें। संदिग्ध ई-मेल/लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में आप ps.cybercell-bpl@mppolice.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 7587646775 पर संपर्क कर सकते हैं।

कैसे जान सकते हैं ईमेल सुरक्षित है या नहीं आप Have I Been Pwned वेबसाइट पर दिए गए बार कोड या लिंक के माध्यम से जान सकते हैं कि आपका ई-मेल आईडी किसी डेटा लीक का हिस्सा है या नहीं। यह साइट डेटा लीक के आधार पर जानकारी देती है।

इन गलतियों से रहें दूर
MP स्टेट साइबर की एडवाइजरी में खास तौर पर चेताया गया है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल, SMS या लिंक पर क्लिक न करें अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉगइन करने से बचें, फ्री गिफ्ट, लॉटरी, KYC अपडेट जैसे मैसेज अक्सर ठगी का जाल होते हैं. पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या जरूरी लॉगइन न करें

पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा लीक के इ
स दौर में पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है. अगर समय रहते पासवर्ड बदल लिए जाएं और सावधानी बरती जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. MP स्टेट साइबर ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में दें. याद रखें, एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है.

More From Author

भारतीय महिला टीम का धमाका: श्रीलंका के खिलाफ पहला टी20 जीतकर कायम रखी फॉर्म

सड़क का सच सामने आया: मंत्री प्रतिमा बागरी ने नई सड़क की क्वालिटी पर जताई नाराजगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.