हुमायूं कबीर की नई पार्टी का ऐलान, 20% हिंदू होंगे सदस्य, जानें क्या है पार्टी का नाम

कोलकाता

बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (JANATA UNNAYAN PARTY) रखा है. पार्टी के चुनाव चिन्‍ह के लिए हुमायूं कबीर ने कहा कि मेरी पहली पसंद 'टेबल' है. मेरी दूसरी पसंद 'ट्विन रोजेज' है. हुमायूं कबीर ने बताया कि वह जरूरत पड़ने पर सभी 294 सीटों पर अपने उम्‍मीवार उतारेंगे. हमारी पार्टी सिर्फ आम लोगों के विकास की बात करेगी. पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव हैं. 
जल्‍द लोगों को पता चलेगा हुमायूं कबीर क्‍या है?

एनडीटीवी से खास बातचीत में हुमायूं कबीर ने बताया, 'पार्टी का नाम क्‍या होगा, ये आज दोपहर तक साफ हो जाएगा. हमने जनता उन्‍नयन पार्टी नाम सोचा है. फाइनल नाम चुनाव आयोग तय करेगा. मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए सत्‍ताधारी पार्टी इस्‍तेमाल करती रही हैं. इन्‍हें काफी चीजों से वंचित रखा गया है. हम उनके हक की आवाज उठाएंगे. अभी हमें कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है, लेकिन जल्‍द ही लोगों को पता चल जाएगा कि हुमायूं कबीर क्‍या है. कुछ सीटों पर उम्‍मीदवारों का ऐलान हम आज करने जा रहे हैं.

कबीर ने अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले एक विवाद खड़ा कर दिया था। मुर्शिदाबाद जिले में उनकी 'बाबरी मस्जिद-स्टाइल' में एक मस्जिद का नींव रखने के कारण 'मंदिर बनाम मस्जिद' विवाद शुरू हो गया था। कबीर ने यह भी कहा कि JUP के सिंबल के लिए उनकी पसंदीदा पसंद एक टेबल और दो गुलाब हैं। कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के हाशिए पर पड़े लोगों को एक मंच प्रदान करेगी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सस्पेंड MLA हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी पिछड़े तबकों के मुद्दों पर फोकस करेगी। RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा कि वह भागवत का सम्मान करते हैं। लेकिन वह इस बात से सहमत नहीं हैं कि इस मुद्दे से पश्चिम बंगाल में अशांति फैल सकती है। उन्होंने कहा, "हम मोहन भागवत जी का सम्मान करते हैं। लेकिन उनका यह आकलन कि यहां दंगे वगैरह हो सकते हैं, हम ऐसा कुछ नहीं होने देंगे।"

ममता पर लगाया बड़ा आरोप

कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के RSS से संबंध हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में राज्य में संगठन की मौजूदगी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भागवत हाल ही में 15 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल आए थे। उन्होंने उनकी अगली यात्रा पर सवाल उठाया। कबीर ने कहा, "CM के RSS से कुछ संबंध हैं। हाल ही में मोहन भागवत जी 15 दिनों के लिए बंगाल आए थे, अब वह फिर से यहां कैसे आ गए? उन्हें यहां आने के लिए राज्य सरकार की अनुमति चाहिए।"

2016 में जब हुमायूं कबीर ने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, तो उनका चुनाव चिन्ह 'टेबल' था। अपनी नई पार्टी के लिए वह फिर से चुनाव आयोग से 'टेबल' चिन्ह देने की अपील करने की योजना बना रहे हैं। अगर वह चिन्ह नहीं मिलता है, तो उनकी दूसरी पसंद 'गुलाब के फूलों का जोड़ा' होगी। खास बात यह है कि कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी एक मस्जिद बनाने का वादा किया है। इसके लिए उन्होंने पैसे इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।

294 सीटों पर लड़ सकते हैं चुनाव 

टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विरोधियों से अपील की कि वे एकजुट हों और अगले साल होने वाले अहम विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए गठबंधन में चुनाव लड़ें. इसका ऐलान हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई पॉलिटिकल पार्टी की घोषणा से एक दिन पहले किया. हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं पश्चिम बंगाल में सभी एंटी-तृणमूल कांग्रेस और एंटी-भाजपा ताकतों को एक साथ आने के लिए बुला रहा हूं. आइए हम अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एक ग्रैंड अलायंस बनाकर लड़ें. हालांकि, ऐसी कोई भी ताकत खुद को सबसे ऊपर समझती है तो मेरी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. अगर जरूरत पड़ी तो मैं पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों से उम्मीदवार उतारूंगा. मेरे पास वह ताकत है.' हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका मौजूदा कदम पूरी तरह से पॉलिटिकल है, इसलिए वह कोई भी फैसला करने से पहले कई बार सोचेंगे.

मोहन भागवत के बयान पर कबीर ने दी प्रतिक्रिया

आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत के ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा कि हालांकि वे भगवत का सम्मान करते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अशांति फैलने के उनके आकलन से असहमत हैं। उन्होंने कहा, “हम मोहन भगवत जी का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके इस आकलन से कि यहां दंगे आदि हो सकते हैं, हम ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे।”

ये भी पढ़ें: ‘मैं बंगाल का ओवैसी हूं’, बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर बोले- चुनाव में बनूंगा किंगमेकर
कबीर ने सीएम बनर्जी पर लगाया RSS से मिलीभगत का आरोप

कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरएसएस से संबंध होने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके कार्यकाल में राज्य में आरएसएस की उपस्थिति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भागवत ने हाल ही में 15 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल का दौरा किया था और उनकी अगली यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के आरएसएस से कुछ संबंध हैं। हाल ही में मोहन भगवत जी 15 दिनों के लिए बंगाल आए थे, अब वे दोबारा यहां कैसे आ गए? उन्हें यहां आने के लिए राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता है।”

अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में कबीर का नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस नई पार्टी का चुनावी परिदृश्य पर कितना असर पड़ेगा, यह देखना अभी बाकी है।

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