AIIMS Bhopal को मिलेंगी गामा नाइफ और पेट स्कैन जैसी हाईटेक सुविधाएं

भोपाल.

नए साल 2026 का आगाज मध्य प्रदेश के मरीजों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सौगातें लेकर आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल इस वर्ष अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार करने जा रहा है। संस्थान ने वर्ष 2026 के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, उससे गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर और ट्यूमर के इलाज के लिए मरीजों को अब दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एम्स प्रबंधन का पूरा फोकस इस वर्ष डायग्नोस्टिक सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने व क्रिटिकल केयर की क्षमता बढ़ाने पर रहेगा।

गामा नाइफ और पेट स्कैन से मिलेगी राहत

वर्ष 2026 में एम्स भोपाल में गामा नाइफ और पेट स्कैन जैसी अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। ब्रेन ट्यूमर और मस्तिष्क के अन्य जटिल रोगों के इलाज में गामा नाइफ तकनीक वरदान साबित होगी, क्योंकि इससे बिना चीरा लगाए सटीक रेडिएशन के जरिए ट्यूमर का इलाज संभव होगा।

मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा

वहीं, कैंसर की सटीक स्टेज और शरीर में फैलाव का पता लगाने के लिए पेट स्कैन मशीन की सुविधा शुरू होने से जांच में लगने वाला समय कम होगा और इलाज जल्द शुरू हो सकेगा। गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए एम्स में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। इस वर्ष संस्थान में 'ट्रांसप्लांट' के लिए समर्पित एक अलग ऑपरेशन थिएटर शुरू करने की योजना है। इस ओटी के शुरू होने से हृदय, लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट एक ही छत के नीचे संक्रमण रहित वातावरण में किए जा सकेंगे। इससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और अधिक मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा।

चार मंजिला आईसीयू और रोबोटिक ट्रेनिंग सेंटर

गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैंसर ब्लाक के समीप एक नया चार मंजिला अत्याधुनिक आईसीयू भवन तैयार किया जाएगा। यह भवन क्रिटिकल केयर सुविधाओं से लैस होगा। इसके साथ ही सर्जरी में सटीकता लाने के लिए रोबोटिक सर्जरी का विस्तार किया जाएगा और नए डाक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए एक रोबोटिक ट्रेनिंग सेंटर की भी शुरुआत होगी। एम्स भोपाल ने जनवरी 2025 में यहां मध्य प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण किया। संस्थान ने अब तक तीन सफल हृदय प्रत्यारोपण और 17 किडनी प्रत्यारोपण किए।

जटिल बीमारियों का इलाज यहीं पर होगा

एम्स का उद्देश्य मरीजों को न्यूनतम दर पर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वर्ष 2026 के लिए हमने डायग्नोस्टिक और क्रिटिकल केयर को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है। गामा नाइफ, पेट स्कैन और समर्पित ट्रांसप्लांट ओटी के शुरू होने से हम जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज यहीं करने में सक्षम होंगे। – डॉ. केतन मेहरा, पीआरओ, एम्स

More From Author

भोपाल में मेट्रो को यात्री न मिलने से 14 दिन बाद ही घटाया समय और ट्रिप

भोपाल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मसूरी में मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.