यूपी को इससे सर्वाधिक लाभ, रोजगार की नई गारंटी के साथ प्रदेश में लागू करेंगेः मुख्यमंत्री

ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा विकसित भारत–जी राम जी कानून : सीएम योगी

यूपी को इससे सर्वाधिक लाभ, रोजगार की नई गारंटी के साथ प्रदेश में लागू करेंगेः मुख्यमंत्री

सीएम बोले, जिन्होंने लंबे समय तक देश के संसाधनों पर डकैती डाली, जनता उनसे सवाल करेगी

मनरेगा के दौरान अधूरी व अस्थायी परिसंपत्तियां बनीं, फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी की शिकायतें मिलीं, इसलिए लाया गया बदलाव

बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, रियल टाइम मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग और डीबीटी के माध्यम से सीधा भुगतान होगा

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून, 2025’ कानून की खूबियां बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के कायाकल्प की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पारित किया गया है, जो देश के ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को इस कानून से सर्वाधिक लाभ होगा। रोजगार की नई गारंटी के साथ इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा। 

लोकभवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए योगी ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक देश के संसाधनों पर डकैती डाली, गरीबों को भूख और युवाओं को बेरोजगारी व पलायन के लिए मजबूर किया, वे आज पारदर्शी सुधारों का समर्थन करने से इसलिए बच रहे हैं, क्योंकि तब जनता उनसे सवाल करेगी कि जब उन्हें मौका मिला था, तब उन्होंने यह काम क्यों नहीं किया। कांग्रेस और उसका इंडी गठबंधन इस महत्वपूर्ण अधिनियम पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि देशहित, श्रमिकों, किसानों और गांवों के विकास के लिए उठाए गए इस कदम का स्वागत होना चाहिए था। प्रधानमंत्री और एनडीए के प्रति आभार जताने के बजाय वे अपने पुराने, भ्रष्टाचार-प्रेरित मॉडल का बचाव कर रहे हैं।

सीएम योगी ने बताया कि वीबी–जी राम जी एक्ट, 2025 की मूल भावना पारदर्शी प्रक्रिया, रोजगार की अधिकतम गारंटी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर आधारित है। यही अधिनियम विकसित भारत-2047 के विजन की मजबूत आधारशिला बनेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब राज्य विकसित होंगे और राज्य तभी विकसित होंगे जब गांव विकसित होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर किसान आत्मनिर्भर बनेगा, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।

पहले कमजोर सोशल ऑडिट, शिकायत निवारण की खामियां थीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून इसलिए जरूरी था क्योंकि मनरेगा के दौरान अधूरी व अस्थायी परिसंपत्तियां बनीं, फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी और भुगतान में कटौती जैसी शिकायतें हर जनपद से सामने आईं।  समाजवादी पार्टी की सरकार के समय मनरेगा में घोटाला हुआ था जिसकी सीबीआई जाँच चली।   कमजोर सोशल ऑडिट, शिकायत निवारण की खामियां, प्रशासनिक अक्षमताएं और मजदूरी में देरी लगातार बनी रहीं। खेती के मौसम में किसानों को मजदूर नहीं मिलते थे और श्रमिकों को समय पर काम व भुगतान की गारंटी नहीं मिल पाती थी।
सीएम योगी ने बताया कि नए अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। साप्ताहिक भुगतान होगा और देरी पर मुआवजा व अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा। समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन गया है। खेती के मौसम में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए राज्यों को बुवाई और कटाई के समय 60 दिन तक कार्य स्थगित करने का अधिकार दिया गया है।

बंद होगा गड्ढा खोदने और पाटने का खेल
उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत पंचायतें स्थायी परिसंपत्तियां बना सकेंगी। ग्राम पंचायतें चार प्राथमिक श्रेणियों में कार्य तय करेंगी। जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चेक डैम, ग्रामीण सड़कें, नालियां, आजीविका से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर, खेल मैदान, ओपन जिम, बाजार और मंडियों का निर्माण किया जा सकेगा। आपदा प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्य भी इसी के तहत होंगे। सीएम योगी ने बताया कि इस अधिनियम में टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में शामिल किया गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, रियल टाइम मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग और डीबीटी के माध्यम से सीधा भुगतान होगा। फर्जी नामों पर भुगतान का खेल पूरी तरह बंद होगा। पहले जो लोग गड्ढा खोदते थे और उसे पाटते थे, उनका यह खेल बंद होगा। 

मनरेगा की तुलना में 17 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त संसाधन मिल सकते हैं राज्यों को
उन्होंने बताया कि कानून में छह माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल और समयबद्ध शिकायत निवारण, जिला लोकपाल और मानकों के अनुरूप ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। केंद्र–राज्य की साझेदारी 60:40 रहेगी और कार्य पूरी तरह मांग आधारित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई योजना से राज्यों को मनरेगा की तुलना में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त संसाधन मिल सकते हैं। जिन राज्यों में श्रमिकों की संख्या अधिक है, वहां अधिक कार्य मिलेगा। रोजगार अब केवल राहत नहीं, बल्कि विकास और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनेगा।

हर पात्र को समय पर काम, हर गांव में टिकाऊ परिसंपत्तियां
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूरी केंद्रीय कैबिनेट के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार इसे पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है। हर पात्र को समय पर काम, हर गांव में टिकाऊ परिसंपत्तियां और हर श्रमिक के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत राजग से जुड़े दलों के नेता भी उपस्थित थे।

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