वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को PM मोदी ने दी हरी झंडी, राजधानी के मुकाबले सुपर फास्ट

नईदिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंट लग जाते हैं. इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा. इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है. अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा पूरी तरह बदलने वाली है. खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या-क्या सुविधा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके इंटीरियर को भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन दिया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर भी थकाने वाला न लगे.

स्वच्छता और हेल्थ को लेकर वंदे भारत स्लीपर में खास इंतजाम किए गए हैं. इसमें डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, कोच में यूवीसी तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है. यानी अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी.

रेल हादसों से सुरक्षा देगा कवच
सुरक्षा के मामले में भी यह ट्रेन काफी एडवांस है. इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे किसी भी परेशानी की स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से बात कर सकेंगे. ड्राइवर के केबिन में भी आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं.
ट्रेन का बाहरी लुक भी काफी आधुनिक और एयरोडायनामिक होगा. इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन ज्यादा स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत भी कम होगी. इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होंगे, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे.

राजधानी से भी तेज रफ्तार
अगर रफ्तार की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं भी मिलेंगी. सफर के दौरान हाई क्वालिटी कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल दिए जाएंगे. साथ ही यात्रियों के लिए कैटरिंग सर्विस भी उपलब्ध होगी, जिससे खाने-पीने की सुविधा रहेगी.
आराम का खास ध्यान रखते हुए ट्रेन में बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ लगाई गई हैं और शोर कम करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि रात की यात्रा शांत और सुकून भरी हो. सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके.

वंदे भारत स्लीपर, चेयर कार

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेमी हाई-स्पीड है और इसमें कुल 16 कोच हैं: 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी। कुल 823 यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है और 958 किलोमीटर का सफर सिर्फ 14 घंटे में पूरा होगा। इसमें बस कन्फर्म टिकट मिलेंगे, RAC या वेटिंग लिस्ट नहीं।

क्या बिहार में रुकेगी ट्रेन ?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ट्रेन बिहार में रुकेगी या बिहार के किसी स्टेशन से होकर गुजरेगी? बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले यह चर्चा जरूर थी कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पटना–दिल्ली के बीच चलेगी, लेकिन फिलहाल उसका रूट बदल दिया गया है।

रेलवे की ओर से बिहार में ठहराव या गुजरने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। भविष्य में रूट विस्तार या ठहराव जोड़े जाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, लेकिन अभी बिहार के यात्रियों को इस ट्रेन का सीधा लाभ नहीं मिलेगा।

आधुनिक और लग्जरी सुविधाएं

    आरामदायक स्लीपर बेड और बेहतर कुशनिंग
    ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए नई डिजाइन वाली सीढ़ी
    ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे
    सुरक्षा के लिए KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम
    हर कोच में CCTV, इमरजेंसी टॉक-बैक और फायर डिटेक्शन
    बायो-वैक्यूम टॉयलेट और टच-फ्री फिटिंग्स
    क्षेत्रीय खाने की कैटरिंग (बंगाली और असमिया व्यंजन)
    कोच की कीटाणुमुक्त सफाई और डिसइन्फेक्टेंट तकनीक

वंदे भारत स्लीपर का किराया

    AC थ्री-टियर: ₹2,000–₹2,300
    AC टू-टियर: ₹2,500–₹3,000
    फर्स्ट AC: ₹3,000–₹3,600 राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ी महंगी, लेकिन तेज और आरामदायक सफर।

रूट और प्रमुख स्टेशन्स

हावड़ा से कामाख्या के बीच ट्रेन रुकेगी इन स्टेशनों पर:

बंदेल, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, अलुआबारी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूच बिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव, रंगिया।

टाइम शेड्यूल

    हावड़ा से रवाना: शाम 6:20 बजे
    कामाख्या पहुंचने का समय: सुबह 8:20 बजे
    वापसी: कामाख्या से शाम 6:15 बजे, हावड़ा सुबह 8:15 बजे

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि साल 2026 में और भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू होंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और भी आसान और आरामदायक होगी।

 

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