सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्रीय कर्मचारियों पर एसीबी की जांच होगी संभव

नई दिल्ली/ जयपुर 

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों में अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी को जांच करने का अधिकार देते हुए 2 विशेष अनुमति याचिकाएं खारिज कर दीं. साथ ही स्पष्ट किया कि इसके लिए सीबीआई की पूर्व अनुमति जरूरी नहीं है. 'अनिल दायमा एवं अन्य बनाम राज्य राजस्थान एवं अन्य' मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने की. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक गौड़ उपस्थित हुए. जबकि राज्य राजस्थान की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने पैरवी की. 
एसीबी के अधिकार क्षेत्र को दी गई थी चुनौती

दरअसल, राजस्थान एसीबी ने केंद्रीय कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए थे. कर्मचारियों ने एसीबी के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी थी. याचिका दायर करते हुए दलील दी गई कि एसीबी केंद्रीय कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच करने के लिए सक्षम नहीं है. याचिकाकर्ताओं का तर्क है, "एसीबी द्वारा सीबीआई की पूर्व अनुमति या सहमति के बिना दायर किए गए आरोप-पत्र (चार्जशीट) विधिक रूप से अमान्य हैं. राज्य एजेंसी द्वारा संघ सरकार के अधीन कार्यरत अधिकारियों के विरुद्ध की गई जांच अवैध है. केवल सीबीआई को ही केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों की जांच करने का अधिकार है, एसीबी बिना सीबीआई की अनुमति के कोई कार्रवाई नहीं कर सकती और इस कारण पूरी जांच एवं आरोप-पत्र कानूनन शून्य हैं."
हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी याचिका

इन सभी दलीलों को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर पीठ) ने 3 अक्टूबर 2025 को ही खारिज कर दिया था और एसीबी की शक्तियों को वैध ठहराया था. इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिकाएं दायर कीं. केस की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट के सामने 2 मुख्य विधिक प्रश्न उठे. 

    क्या किसी राज्य की एंटी-करप्शन ब्यूरो को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की जांच का अधिकार है? वो भी तब, जब अपराध राज्य की क्षेत्रीय सीमा के भीतर हुआ हो. 
    क्या सीबीआई की स्वीकृति के बिना एसीबी द्वारा दायर आरोप-पत्र वैध हैं और क्या उनके आधार पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने एसीबी के अधिकार क्षेत्र पर कही ये बात

इस संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट के दृष्टिकोण की पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसीबी को आपराधिक मामले दर्ज करने, जांच करने और आरोप-पत्र दाखिल करने का पूर्ण अधिकार है, भले ही अभियुक्त केंद्रीय सरकार का कर्मचारी ही क्यों न हो. न्यायालय ने इस तर्क को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया कि ऐसे मामलों में केवल सीबीआई ही जांच कर सकती है. अदालत ने यह भी कहा कि यह दावा करना गलत है कि अभियोजन केवल सीबीआई द्वारा ही प्रारंभ किया जा सकता है या यह कि एसीबी सीबीआई की अनुमति के बिना कार्यवाही नहीं कर सकती. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि उच्च न्यायालय ने एसीबी के अधिकार क्षेत्र को मान्यता देते हुए सही कानूनी दृष्टिकोण अपनाया था.
याचिका अस्वीकार करने में संकोच नहीं- सुप्रीम कोर्ट

अदालत ने टिप्पणी की, “धारा 17-A की किसी भी प्रकार से कल्पना नहीं की जा सकती कि वह अवैध रिश्वत की मांग के मामलों पर लागू हो. हमें इस प्रकार की दलीलों को प्रारंभिक स्तर पर ही अस्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है.”

यह निर्णय इस मामने में अहम हैं कि राज्य एंटी-करप्शन ब्यूरो (जैसे राजस्थान एसीबी) केंद्रीय सरकार के अधिकारियों के विरुद्ध भी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर सकती है. इसके लिए सीबीआई की स्वीकृति अनिवार्य नहीं है और एसीबी स्वतंत्र रूप से एफआईआर दर्ज कर सकती है. एजेंसी जांच कर सकती है और आरोप-पत्र दाखिल कर सकती है.   

More From Author

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का करेंगे लोकार्पण

पहला स्वदेशी ऑटोनॉमस रोबोट ‘डैगर’ जयपुर में बना, दिल्ली में परेड में दिखेंगे मेड इन इंडिया के 3 रोबोट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.