मध्य प्रदेश में 26 जिलों में सर्च ऑपरेशन, पुलिस ने 3278 बांग्लादेशी संदिग्धों को चिह्नित किया

भोपाल:
 मध्य प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा बड़ा अभियान छेड़ दिया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य के 26 जिलों में चलाए जा रहे इस विशेष सर्च ऑपरेशन में अब तक 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। खुफिया इनपुट और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अवैध पाए गए 31 घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है।

धार बना कार्रवाई का केंद्र
इस विशेष अभियान में सबसे बड़ी सफलता धार जिले में मिली है, जहां से सर्वाधिक 13 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया। इसके अलावा ग्वालियर से 10, जबलपुर से 3 और भोपाल-इंदौर जैसे महानगरों से भी अवैध नागरिकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वर्तमान में चिह्नित किए गए अन्य संदिग्धों की वैध नागरिकता की पुष्टि की जा रही है, जिसके बाद उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बैतूल में शरणार्थियों का बड़ा डेरा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 5 जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। इनमें अकेले बैतूल जिले में 5,669 परिवार निवासरत हैं। इसके अलावा पन्ना, मंदसौर, इंदौर और देवास में भी बड़ी संख्या में शरणार्थी सदस्य रह रहे हैं।

गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट
26 जनवरी से पहले आतंकी साजिशों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी संदिग्ध तत्व राज्य की सुरक्षा में सेंध न लगा पाए। फर्जी पहचान पत्र बनाकर छिपे बैठे लोगों की धरपकड़ के लिए अब प्रदेशव्यापी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
आकाश सिकरवार

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