CM मोहन यादव का आदेश: किसानों को मिलेगा फसल का मुआवजा, अधिकारी कर रहे आकलन

भोपाल/देवास
 मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. लगभग 30 जिलों में बारिश दर्ज की गई है, जहां खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों की चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को नष्ट हुई फसलों का आकलन करने के निर्देश दिए हैं. जहां फसलें बर्बाद हुई हैं उन जगहों की 24 घंटे में रिपोर्ट मंगवाई है. जिसके बाद नुकसान के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जा सकता है.

मध्य प्रदेश में बारिश ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद
मध्य प्रदेश में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वायिलर संभाग के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है. जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. कई जगह पूरे खेत बर्बाद हो गए. महीनों की मेहनत पर पानी फिरता देख किसान चिंता में हैं. किसानों ने सरकार से नष्ट फसलों का सर्वे करवाकर मुआवजे की मांग की थी.

इधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर किसानों को राहत देने की बात कही थी. उनका कहना है "खेत में खड़ी फसल के नष्ट होने से किसान परिवारों के सामने संकट पैदा हो गया है. प्रदेश के सभी प्रभावित जिलों में तत्काल सर्वे करवाया जाए. फसल नुकसान का आकलन कागजी नहीं, ज़मीनी सच्चाई के आधार पर किया जाए. उसके बाद हर किसान को मुआवजा दिया जाए.''

खंडवा में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान
प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश हुई है. जबकि 10 जिलों में ओलावृष्टि हुई है. सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को खंडवा जिले में हुआ है. यहां करीब 2,500 से ज्यादा किसानों की 10-12 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 2-3 हजार हेक्टेयर में चने की फसलें प्रभावित हुई हैं. इसके साथ ही प्याज और अन्य सब्जियों की फसलें भी नुकसान झेल रही हैं. वहीं उज्जैन जिले की खाचरौद, नागदा, महिदपुर और तराना तहसीलों में भी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है. शाजापुर में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं. जिले के फूलखेड़ी, टुकराना, मोरटा और आसपास के गांवों में बड़े बड़े ओले गिरने से गेहूं, प्याज और रबी की फसलें बर्बाद हो गईं.''

देवास कलेक्टर ने लिया नष्ट फसलों का सर्वे
देवास के ग्रामीण क्षेत्रों में अति ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है. देवास कलेक्‍टर ऋतुराज सिंह बुधवार को सोनकच्छ और हाटपीपल्या सहित जिले की अन्य विधानसभाओं में प्रभावित गांवों के खेतों में पहुंचे. भ्रमण कर ओलावृष्टि के कारण हुए फसल नुकसान का अवलोकन किया. कलेक्टर सिंह ने राजस्व और कृषि विभाग के संयुक्त दल को फसल नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने निर्देश दिये कि कोई भी प्रभावित किसान मुआवजे के लिए छूटना नहीं चाहिए.

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने राजस्‍व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि, ''सर्वे में कोई लापरवाही न हो, प्रत्येक प्रभावित किसान को राहत मिले. इसका विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी प्रभावित किसान का खेत सर्वे से न छूटे.'' कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने अवलोकन के दौरान किसानों से चर्चा कर उन्‍हें आश्वस्त किया है कि फसल नुकसान का पूरी पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ सर्वे कार्य कर आकलन किया जाएगा. सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जायेगा. सरकार आपके साथ खड़ी है.

फसल बीमा के लिए ऐसे करें आवेदन
कलेक्‍टर ने मीडिया को बताया कि, ''किसी भी प्रकार की प्राकृतिक हानि या आपदा होती है तो उसमें सरकार आप सभी के साथ खड़ी है और इसी के संबंध में बुधवार रात को ही सर्वे करने के दिशा निर्देश दे दिये गये थे. जल्दी ही हम लोग आप लोगों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के लिए पूरी तत्परता से काम करेंगे.'' उन्‍होंने किसानों से कहा कि, ''आप लोगों ने फसल का बीमा भी करवा रखा है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा स्मार्टफोन में क्रॉप इंश्योरेंस एप्लीकेशन है, उसको डाउनलोड करके भी आप आवेदन कर सकते हैं.''

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